Visa Ke Liye Pahle Chudai Ka Visa Liya – वीसा के पहले चुदाई का वीजा लिया

Visa Ke Liye Pahle Chudai Ka Visa Liya

मेरा नाम नबीला है और में 24 साला एक शादी शुदा औरत हूँ.   हम लोग कराची के रहने वाले हैं.  में अपनी तारीफ़ तो नही कर सकती मगर चूँकि हमारे मज़हब में गोरे रंग को ही खूबसूरती का मायर समझा जाता है . Visa Ke Liye Pahle Chudai Ka Visa Liya.

इस लिए मेरा रंग गोरा होने की वजह से देखने वाले कहते हैं कि में एक खूबसूरत लड़की हूँ.

खास कर मेरी आँखों, उभरे हुए मम्मों और हिप्स ने मुझे ऐसा बना दिया था. मेरी कॉलेज की सहेलियाँ मेरा शुमार एक खूबसूरत और सेक्सी लड़कियों में करती थीं.

मुझे कॉलेज से फारिग हुए अभी चन्द महीने ही हुए थे. कि मेरे घर वालो ने मेरी शादी जमाल नामी एक शख्स से कर दी गई.

मेरे शोहर जमील हमारी कोई रिश्तेदारी में से नहीं हैं. बस एक शादी में उन की बहन और बहनोई ने मुझे देख लिया था और में उन को पसंद आ गई.

हमारे मुल्क के अक्सर लोग बाहर रहने वाले पाकिस्तानियों से बिला वजह ही मुतसर रहते हैं.

चूंकि मेरे शोहर अमेरिका में रहते हैं . इस लिए ज्यूँ ही उन के घर वाले उन का रिश्ता ले कर हमारे घर आए. तो मेरे घर वालों ने कुछ ज़्यादा छान बीन नही की और फॉरन ही हाँ कर दी.

जमाल एक अच्छे इंसान और आम से लड़के हैं. वो मुझे बेहाद पसंद करते हैं और में भी उन से प्यार करती हूँ.

मेरे सुसराल वाले भी बहुत ही अच्छे लोग हैं. खास तौर पर मेरे सास और सुसर तो बहुत ही शफ़ीक़ और मुहब्बत करने वाले हैं और मेरा बहुत ख़याल रखते हैं.

मेरी सास और सुसर ने अपनी सग़ी बेटी और मुझ में कभी कोई फ़र्क़ नहीं होने दिया.

मेरे सुसराल वालों का नर्सरी के इलाक़े में बहुत बड़ा बंगला है. जिस में में,सास सुसर के अलावा उन की बेटी और उस का शोहर घर दामाद बन कर उन के साथ ही रिहाइयश पज़ीर( रहते है ) हैं.

मुझे शादी के बाद अपने सुसराल में और हर तरह का आराम ओ सुकून था.

लेकिन परेशानी अगर थी तो बस ये कि मेरे शोहर शादी के बाद कुछ महीने मेरे साथ गुज़ार कर वापिस चले गये. Chudai Ka Visa

अब मेरी शादी को दो साल बीत चुके थे .लेकिन अभी तक मेरे अपने शोहर के पास अमेरिका जाने के कोई भी आसार नज़र नहीं आ रहे थे .

इस दौरान जमाल हर साल एक महीने के लिये आ जाते हैं. मगर साल के बाकी महीने उन के बगैर दिल नही लगता है.

एक दिन जब अपने शोहर से दूरी मेरे लिए नकाबिले बर्दाश्त हो गई. तो मैने फोन पर जमाल सेआमेरिका आने के लिए अपना विज़िट वीसा अप्लाइ करने का मशवरा किया.

जमाल ने मुझ मना किया कि में अभी विज़िट वीसा अप्लाइ ना करूँ.और वो जल्द ही मेरे ग्रीन कार्ड के लिए पेपर्स इम्मिग्रेशन में जमा करवा देंगे.

लेकेन उन के समझाने के बावजूद मैने इसरार किया कि ट्राइ करने में क्या हर्ज है.

आख़िर कार मेरी ज़िद के आगे हार मानते हुए जमाल ने मुझे विज़िट वीसा अप्लाइ करने की इजाज़त दे दी.

वीसा अप्लाइ करने के एक महीने बाद मुझे अमेरिकन एंबसी इस्लामाबाद से इंटरव्यू की कॉल आ गई.

मैने अपने सुसर (जिन को में एहतराम से अब्बा कहती हूँ) से बात कर के इस्लामाबाद जाने का प्रोग्राम बना लिया Chudai Ka Visa

प्रोग्राम के मुताबिक मेरे सुसर और मैने इंटरव्यू वाली सुबह की पहली फ्लाइट से इस्लामाबाद जाना और फिर उसी दिन शाम की फ्लाइट से वापिस कराची चले आना था.

फिर अपने प्रोग्राम के मुताबिक मेरे इंटरव्यू वाले दिन में और अब्बा दोनो बाइ एर इस्लामब्द पहुँच गये.

चूँकि हमारा इरादा तो उसी शाम ही को वापिस कराची आने का था. इस लिए हम ने अपने साथ किसी किसम का कोई समान या बॅग लाना मुनासिब नही समझा.

हम एरपोर्ट से टॅक्सी ले कर सीधे एम्बैसी आए और में इंटरव्यू के लिए एंबसी के अंदर चली गई.

जब कि अब्बा बाहर बैठ कर मेरे वापिस आने का इंतिज़ार करने लगे.

मुझे बहुत ही उम्मीद थी कि आज ज़रूर मुझे विज़िट वीसा मिल जाएगा. और में जल्द ही हवाओं में उड़ कर अपने शोहर की बाहों में पहुँच जाऊंगी.

मगर सोई किस्मत कि इंटरव्यू के बाद वीसा ऑफीसर ने मुझे वीसा देने से इनकार कर दिया. Chudai Ka Visa

वीसा ऑफीसर के इनकार ने मेरे दिल की आरज़ू को तहस नहस कर दिया. और में रोने लगी कि एक उम्मीद थी वो भी ख़तम हो गई थी.

मगर अब क्या हो सकता था.इस लिए में अफ्सुर्दा अंदाज़ में बोझिल कदमो से चलती हुई एम्बैसी के गेट से बाहर निकल आई.

एंबसी से बाहर निकली तो एक नई मुसीबत मेरी मुन्तिजर थी.

सुबह जब इंटरव्यू के लिए में एम्बैसी में एंटर हुई थी. उस वक़्त तक तो मोसम ठीक था.

मगर जब बाहर निकली तो देखा कि बाहर तो गजब की बारिश हो रही है.

एम्बैसी के सामने काफ़ी लॅडीस और जेंट्स’ खड़े भीग रहे थे.

शायद उन के लोग अभी अंदर ही थे. इस लिए उन के इंतिज़ार में वो लोग बाहर बारिश में ही खड़े होने पर मजबूर थे.उन के साथ साथ अब्बा भी बुरी तरह से भीगे हुए थे.

में तो वीसा ना मिलने की वजह से पहले ही परेशान थी.और अब एक नई मुसीबत बारिश की शकल में मेरी मुन्तिजर थी.

अब्बा ने मुझ से कहा कि चलो एर पोर्ट चलते हैं वहीं बैठ कर शाम की फ्लाइट का इंतेज़ार करेंगे.

में बाहर आई तो मूसला धार बारिश की वजह से में भी फॉरन ही खूब भीग गई.

मैने गर्मी की वजह से वाइट कलर के लवन के कपड़े पहने हुए थे.  Chudai Ka Visa

और “सोने पर सोहगा” कि में आज सुबह जल्दी जल्दी में सफेद कपड़ों के नीचे काले रंग का ब्रेजियर पहन के आई थी.

इस लिए ज्यूँ ही बारिश के पानी ने बारीक कपड़ों में मलबोस मेरे जिस्म को भिगोया. तो ना सिर्फ़ मेरे जिस्म का अंग अंग नीम नुमाया होने लगा. बल्कि सफेद कपड़ों के नीचे मेरे काले रंग के ब्रेजियर में क़ैद मेरे बड़े बड़े मम्मे और भी उभर कर नुमाया होने लगे.

में बारिश में भीगते हुए अपने इर्द गिर्द खड़े मर्दों की गरम निगाहों को अपने उघड़े हुए जिस्म के आर पार होता हुआ महसूस कर रही थी.

अब्बा भी शायद लोगों की मुझ पर पड़ती हुई बे बाक निगाहों को समझ रहे थे.

इसी लिए उन्होने मुझे थोड़ा गुस्से में कहा “नबीला बेटी में इसी लिए तुम को कहता हूँ कह घर से बाहर हमेशा चादर ले कर निकला करो मगर तुम नही मानती”.

अपने सुसर की बात सुन कर मुझे और शर्मिंदगी हुई .मगर अब हो भी क्या सकता था.

इस लिए बे बसी की हालत में अपनी निगाहें ज़मीन पर गाढ़े में चुप चाप खड़ी बारिश में भीगती रही.

एंबसी के सामने दो तीन टेक्शी खड़ी तो थीं. मगर उन सब ने उस वक़्त एरपोर्ट जाने से इनकार कर दिया. Chudai Ka Visa

इस की वजह ये थी कि उन को करीब के पेसेन्जर मिल रहे थे. इस लिए शायद वो कम वक़्त में ज़्यादा पैसे बनाने को तरजीब दे रहे थे.

जब अब्बा ने देखा कि इस वक़्त कोई भी टेक्शी वाला हम को एरपोर्ट ले जाने को तैयार नही.

तो उन्हो ने मुझे कहा कि हम करीब के एक होटेल में चले चलते हैं. और फिर शाम को वहाँ से ही एर पोर्ट चले जाएँगे.

में तो पहले ही अपने नीम दिखते जिस्म पर पड़ने वाली लोगो की भूकी नज़रों से तंग थी. इस लिए मैने फॉरन हां कर दी और यूँ हम लोग टेक्शी में बैठ कर एक करीबी होटेल में चले आए.

कमरे में पहुँच कर में भीगी ही हालत में कमरे के सोफा पर बैठ गई. जब कि अब्बा ने एरपोर्ट फ्लाइट की इन्फर्मेशन के लिए फोन मिला लिया.

फोन की लाइन मिलने पर एरपोर्ट इंक्वाइरी से मालूम हुआ कि चान्स पर होने की वजह से शाम की फ्लाइट पर हमारी सीट्स कन्फर्म नही हैं.

इस पर अब्बा ने कहा कि वो बुकिंग ऑफीस जा कर सीट कन्फर्म करवा लेते हैं और वापिसी पर हम दोनो के लिए बाज़ार से एक एक जोड़ा कपड़ों का भी लेते आएँगे.  Chudai Ka Visa

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ये कह कर अब्बा ने रूम सर्विस मेरे लिए कुछ कहने का ऑर्डर दिया और फिर वो पीआईए ऑफीस जाने के लिए कमरे से निकल गये.

अब्बा के जाने के थोड़ी देर बाद होटेल का वेटर मेरे लिए समोसे और चाय वग़ैरह ले आया.

में अभी सोमोसे खाने में मसरूफ़ थी, कि उसी वक़्त जमाल के मोबाइल पर फोन आगया और मेने उन को सारी तफ़सील बता दी कि वीसा रिजेक्ट हो गया है. जमाल ने मुझे तसल्ली दी तो मेरा दिल थोड़ा हलक हो गया.

जमाल से बात ख़तम होने के बाद में सोचने लगी कि में कब तक इन भीगे हुए कपड़ों में ही लिपटी बैठी रहूं गी.

फिर मैने सोचा कि अभी अभी तो अब्बा गये हैं उन को लोटने में अभी देर है तो क्यों ना में अपने कपड़े उतार कर उन को अच्छी तरह से सूखा लूँ.  Chudai Ka Visa

ताकि अगर अब्बा के लाए हुए कपड़े मुझे पूरे ना आए तो में अपने इन्ही कपड़ों को दुबारा पहन सकूँगी.

ये सोच कर मैने अपने कपड़े उतार दिए और उन्हे खूब अच्छी तरह निचोड़ कर सोफा पर फेला दिया ताकि खुसक हो जाएँ.

में बेड पर ब्लंकेट ओढ़ कर नंगी ही लेट गई .मेरा इरादा था कि अब्बा के वापिस आने से पहले पहले में दुबारा अपने कपड़े पहन लूँगी.

एक तो सुबह सवेरे जल्दी उठने की वजह, उपर से वीसा ना मिलने की मायूसी और फिर ठंडे जिस्म को कंबल की गर्मी ने मेरे जिस्म को वो राहत पहुँचाई कि मुझ पर एक उनीदी सी छाने लगी.

पता नही में कितनी देर इसी तरह सोती रही. फिर अचानक मेरी आँख खुली तो मुझे महसूस हुआ कि में बेड की एक साइड पर करवट लिए सो रही थी. Chudai Ka Visa

अभी मेरी आँखे पूरी तरह खुली भी नही थीं कि मुझे ये अहसास हुआ कि में बेड पर अकेली नही बल्कि कोई और भी मेरे जिस्म के पीछे लेटा हुआ है. और वो जो कोई भी है उस का एक हाथ मेरे नंगे मम्मो को सहला रहा था.

एक लम्हे के लिए तो मुझे कुछ समझ में नही आया कि ये क्या हो रहा है. और फिर में जैसे ही नींद के खुमार से बाहर आई तो अपने मम्मो पर फिसलते हुए किसी के हाथ को महसूस कर के मेरी तो जान ही निकल गई.

में समझी कि शायड ये आदमी मेरे कमरे में समोसे और चाये लाने वाला वेटर हो सकता है.

क्यों कि मैने नोट किया था कि जब वो मुझे खाने देने दरवाज़े पर आया था. तो मुझे ट्रे पकड़ाते वक़्त वो ब गौर मेरे जिस्म का जायज़ा ले रहा था.

में एक दम चीखते हुए उठ बैठी और अपने पीछे लेटे हुए शक्स को बेड से धकेलने लगी.

धक्का देते वक़्त ज्यूँ ही मेरी नज़र उस शक्स के चेहरे पर पड़ी तो मेरा रंग फक हो गया . Chudai Ka Visa

क्यों कि वो शक्स होटेल का वेटर नही बल्कि मेरे अपने सुसर (अब्बा जी) मेरे साथ एक बेड पर पूरी तरह नंगे लेटे हुए थे.

में अब्बा को अपने साथ इस हालत में देख कर दम ब खुद हो गई.

मुझे यकीन नही हो रहा था. कि अब्बा अपनी उस बहू के साथ जिस को वो अपनी बेटी कहते नही थकते थे. वो उस के साथ आज इस तरह बिल्कुल नंगे लेटे हुए थे और उन के चेहरे पर निदमत ( शर्म ) नाम की कोई चीज़ भी नही थी.

में अपना जिस्म ब्लंकेट से छुपाने लगी तो ज़लील अब्बा ने मेरा हाथ थाम लिया और मुझे ज़बरदस्ती अपने साथ लिटाने लगे.

“अब्बा में आप की बेटी हूँ, आप क्यों मेरे साथ ये ज़ुल्म कर रहे हैं” कहते हुए मैने अपने आप को अपने सुसर की क़ैद से छुड़ाने की कॉसिश की.

लेकेन अब्बा ने मेरी बात को अन सुनी करते हुए मुझे अपनी तरफ खींचा और मेरे जिस्म को अपने बाजुओं में भर लिया.

मैने कहा कह “हट जाइए वरना में शोर मचा दूँगी, आप को शरम आनी चाहिए”  Chudai Ka Visa

लेकिन अब्बा को तो जैसे किसी बात का असर नही हो रहा था.

उन्होने मुझे बेड पर सीधा लिटाया और खुद फॉरन मेरे जिस्म के उपर आ गये.

जब मैने देखा कि अब्बा पर मेरी किसी बात का असर नही हो रहा है.

तो मैने ज़ोर ज़ोर से चीखना शुरू कर दिया “बचाओ बचाओ”.

लेकिन लगता था कि होटेल का कमरा एर कंडीशन होने के साथ साथ साउंड प्रूफ और चीख प्रूफ भी था. शायद इसी लिए मेरी चीखे कमरे से बाहर किसी और को सुनाई ना दीं.

अब में नगी बिस्तर पर चित लेटी हुई थी. जब कि अब्बा मेरी टाँगों के बीच में बैठे हुए थे. Chudai Ka Visa

उन्होने अब मेरी दोनो टाँगों को अपने दोनो हाथों से फैला दिया.जिस की वजह से मेरी फुद्दी पहली बार मेरे अपने सुसर के सामने बिल्कुल खुल गई.

अपनी जवान बहू की सॉफ शफ़ाफ़ और फूली हुई चूत को देख कर अब्बा की आँखों में एक अजीब सी चमक आ गई.

ज़ाहिर सी बात है एक 60 साला बूढ़े आदमी को जब एक 24 साला जवान चूत नज़र आ जाए तो उस की तो जैसे लॉटेरी ही निकल आती है.

अब्बा भी मेरी जवान गरम चूत को देख कर मचलने लगे.

60 साल की उमर के होने का बावजूद उन का लंड मेरी चूत और मुझे देख कर तन गया था.

और अब वो मेरे अंदर घुसने के लिए बे करार हो कर उछल कूद में मसरूफ़ था.

अब्बा मेरे उपर लेट गये और उन का लंड मेरी चूत की दीवारों के उपर रगड़ खाने लगा.

मैने एक बार फिर अपने दोनों हाथों से अब्बा के सीने पर रख कर उन को अपने उपर से धकेलने की कॉसिश की.मगर एक मर्द होने के नाते अब्बा में मुझ से ज़्यादा ताक़त थी.

और अब्बा ने अपने लंड को मेरी चूत के उपर टिका कर एक धक्का मारा. तो उन का बूढ़ा लंड मेरी जवान चूत की दीवारों को चीरता हुआ मेरी फुद्दी में दाखिल होने में कामयाब हो गया..  Chudai Ka Visa

अपने सुसर के लंड को अपनी चूत के अंदर जाता हुआ महसूस कर के मेरी जान ही निकल गई. और बे सकता मेरे मुँह से अपने सुसर के लिए गालियाँ निकाल ने लगीं.

“जॅलील, कुत्ते,कमिने इंसान हट जाओ मेरे उपर से,में तुम्हारी असलियत सब को बताऊंगी चाहे कुछ भी हो जाय” में चीख रही थी.

लेकिन अफ्रीन है बेगैरती और ज़लील अब्बा पर कि वो कुछ ना बोले बस चुप चाप अपना लंड मेरी चूत के अंदर बाहर करते रहे.

नीचे से अपना लंड मेरी फुद्दी में डालने के बाद उपर से अब्बा ने अपना मुँह आगे बढ़ा कर अपने बूढ़े गलीज़ होंठो को मेरे नादां-ओ-मुलायम होंठों पर रख कर मुझ किस करने की कॉसिश की.

ज्यूँही अब्बा अपना मुँह मेरे मुँह के करीब लाए तो मैने उन को किस देने की बजाए उन के मूँह पर थूक दिया और कहा कि अपनी बेटियों से भी यही करता है कुत्ते.

में अब्बा को गालियाँ देती रही और रोती रही.मगर ऐसा लगता था कि अब्बा तो अंधे और बहरे बन कर बेज़्जती प्रूफ हो चुके थे. उन पर मेरी किसी बी बात और गाली का असर नही हो रहा था. Chudai Ka Visa

अब्बा ने जब देखा कि में उन को अपने होंठो से किस नही दे रही. तो उन्हो ने मेरे गाल गर्दन और चुचियों को अपने नापाक होंठो से चूमना चाटना शुरू कर दिया.

वो मेरे मम्मो को अपने मनहूस होंठों से चाट रहे थे और में चुप चाप आँसू बहा रही थी.

साथ ही साथ उन का लंड मेरी फुद्दी में बिना रोक टोक अंदर बाहर होने में मसरूफ़ था.

हालाकि शादी के बाद में अपने शोहर से चुदवाते वक़्त बहुत एंजाय करती और मस्ती और जोश में मेरे मुँह से निकलने वाली सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूँज कर मेरे शोहर को मजीद जोश में लाती थीं.

मगर अब्बा से सख़्त नफ़रत और उन पर बे पनाह गुस्सा आने की वजह से लगता था कि मेरी फुद्दी वाला हिस्सा जैसे “सुन्न” हो गया था.

इसी लिए में उस वक़्त अपनी चूत और निचले धड में कुछ भी महसूस करने से कसीर हो चुकी थी.

अब्बा काफ़ी देर तक मुझे चोदते रहे और फिर वो ज़लील इंसान मेरे अंदर ही डिसचार्ज हो गया.

अपने लंड का पानी मेरी चूत में गिराने के बाद अब्बा ने अपने कपड़े समेटे और वॉश रूम में चले गये.

जब कि में ब्लंकेट में लिपटी हुई हिचकियाँ लेते हुए रोती रही. Chudai Ka Visa

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