देवर के लंड को दिया अपने चूत का मजा – Devar Ke Lund Ko Chut Ka Maaza

देवर के लंड को दिया अपने चूत का मजा

मेरा नाम काव्या है और मैं सरोजनी नगर में रहती हूँ | मेरी उम्र 22 साल है और मैंने हाल ही में अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की है | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है और मेरा फिगर भी सेक्सी और हॉट है | आप लोगो ने मेरी पहली कहानी मेरी आत्म कथा को पढ़ा और मुझे कई सारे लोग ने मेल्स भेजे | मैं हर किसी का तो रिप्लाई नहीं कर सकती इसलिए मैं इस कहानी के माध्यम से थैंक यू कहना चाहती हूँ | आप लोगो ने मुझे और मेरी कहानी को इतना सराहा है इसलिए मैं आज आप लोगो को लिए अपनी दूसरी कहानी पेश करने जा रही हूँ | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी बहुत अच्छी लगेगी और आप लोग अपने आप पर काबू नहीं कर पाओगे | तो अब मैं मैं आप लोगो का ज्यादा समय न लेते हुए अपनी कहानी लिखना शुरू करती हूँ | देवर के लंड को दिया अपने चूत का मजा.

ये घटना दो महीने पहली की है | मेरे घर में, मेरे पति, सास, ससुर, मेरा देवर रहते हैं | मेरी शादी को अभी कुछ साल ही हुआ है और मेरे पति भी नहीं चाहते कि कोई बच्चा करे | अभी बस चुदाई के मजे लेना चाहते हैं | मेरे पति प्राइवेट जॉब करते हैं और मेरे ससुर जी सरकारी नौकरी करते हैं | जब मैं शादी हो कर इस घर में आई तो मुझे बहुत अच्छा लगा था और मेरे सास ससुर मुझे अपनी बेटी की तरह रखते हैं | मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानती हूँ क्यूंकि हर किसी को इतने अच्छे सास ससुर नहीं मिलते हैं | मेरा देवर जिसकी उम्र महज 22 साल है वो भी अपना पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहा है | पहले वो मुझसे भाभी जी करके बात किया करता था और मेरी हर बात का जवाब दिया करता था | लकिन मैं कुछ समय से नोटिस कर रही थी कि इसे अचानक क्या हो गया है आज कल ये ठीक से बात भी नहीं करता और न ही हंसी मजाक करता है | मुझे लगा शायद पढाई की टेंशन होगी इस वजह से ऐसा होगा |

 

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एक दिन की बात है मैं बाथरूम की तरफ जा रही थी | तभी मेरी नजर सनी( मेरा देवर ) पर पड़ी | मैंने देखा की वो मेरी पेंटी को अपने हाँथ में ले कर सहला रहा था और उसका एक हाँथ उसके लंड पर था | मैं समझ गई कि इसे पढाई की टेंशन नहीं है बल्कि चुदाई की टेंशन है | अब मैं उसकी हर हरकत पर नजर रखने लगी | मैं जब पोच्चा लगाती तो वो मेरी गांड के शेप को देख क्र मुट्ठी मारता और जब मैं कभी गाउन पहन कर कुछ नाश्ता या खाना रखती तो उसकी नजर मेरे बड़े मम्मों पर आ टिकती | अब मैं सब कुछ समझ चुकी थी कि ये मुझे चोदना चाहता है | फिर एक रात मैं और मेरे पति चुदाई कर रहे थे तो मैंने जान बुझकर दरवाजा बंद नहीं किआ और मुझे पूरा भरोसा था कि वो मेरी चुदाई जरुर देखेगा ही | आखिर किया भी उसने ऐसा ही | अब मैंने भी सोच लिया था की अपने देवर को अपनी चूत का स्वाद चखा कर रखूंगी | फिर एक दिन मैंने उसे सीधा मुट्ठी मारते हुए पकड़ ली और उससे कहा कि तेरे भैया कल जाने वाले हैं तो कल तू रत में मेरे कमरे में आ जाना | अगले रात वो मेरे कमरे में आ कर.                            “देवर के लंड”

उसने मुझे अपनी बांहों में भर कर मुझे यहाँ वहां चूमने लगा | उसके बाद उसने अपने होंठ को मेरे होंठ से लगा दिया और मेरे होंठ को चूसने लगा और मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी | वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे चूतड को भी सहला रहा था और मैं उसके होंठ को चूसते हुए उसके लंड को बाहर से ही सहला रही थी | हम दोनों ने एक दूसरे के होंठ को काफी देर तक चूसे | उसके बाद मैंने उसके टी-शर्ट को उतार दिया और उसकी चाटी पर हाँथ फेरते हुए उसकी छाती पर चुम्बन देने लगी | फिर मैं अपने घुटनों के बल जमीन पर बैठ कर उसके लोअर को उतार कर उसे बस चड्डी में कर दी और कुछ देर के उसके लंड को चड्डी के ऊपर से सेहलने के बाद मैंने उसकी चड्डी भी उतार कर से नंगा कर दी | फिर मैंने उसके लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी तो उसके मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की अवाज निकलने लगी | मैं उसके लंड के हर एक हिस्से को चाट रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे बालो को संवार रहा था | उसके बाद मैं उसके लंड के सुपाड़े को मुंह में ले कर चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रहा था |             “देवर के लंड”

 

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मैं उसके लंड को ऊपर नीचे करते हुए अपने मुंह में पूरा ले कर चूस रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां ले रहा था |  उसके बाद मैंने उसके अन्टोलो को भी मुंह में ले कर चूसने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपने लंड से मुट्ठी मार रहा था | फिर मैंने अपनी साड़ी के पल्लू को खिसका कर अपने ब्लाउज को खोल दिया और वो अपने हाँथ से मेरे ब्रा को बड़े प्यार से उतार कर मुझे भी आधी नंगी कर दिया | फिर उसने मेरे मम्मों को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा तो मेरे मुंह से भी आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की आवाज़ निकलने लगी |          “देवर के लंड”

वो मेरे मम्मों को जोर जोर से मसल कर चूस रहा था और निप्पलस को भी अपने होंठ में दबा कर चूसने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए उसके सिर को सहला रही थी | कुछ देर के बाद उसने मेरी साड़ी को पूरा उतार दिया और पेटीकोट भी | फिर उसने मुझे बड़े ही प्यार से बिस्तर पर लेटाया और मेरे बदन को चूमते हुए मेरी पेंटी को उतार दिया | अब मैं पूरी नंगी कर के मेरी टांग को चौड़ा कर दिया और फिर अपनी जुबान से मेरी चूत पर फेरते हुए चाटने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मचलने लगी | वो मेरी चूत को चाटते हुए मेरे मम्मो को भी मसल रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए खुद को संत्वे आस्मां में महसूस करने लगी थी |                     “देवर के लंड”

 

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उसके बाद उसने अपनी दो ऊँगली मेरी चूत में डाल कर अन्दर बाहर करने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मम्मों के निप्पलस को मसलने लगी | कुछ देर के बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत में टिकाया और एक ही शोर्ट में अन्दर कार के चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए चुदाई के मजे लेने लगी | वो जोर जोर से शोर्ट मारते हुए मेरी चूत को चोद रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी कमर हिला हिला कर चुदवा रही थी |

फिर उसने मुझे घोफी बना दिया और मेरी चूत में पीछे से लंड डाल कर चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदाई में साथ दे रही थी | फिर उसने अपने लंड को मेरी गांड में घुसा दिया और मेरी गांड चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह कर ते हुए नीचे हाँथ कर के उसके अन्टोले को सहला रही थी | वो जोर जोर से मेरी गांड चोद रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए कसमसा रही थी | करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद उसने अपने वीर्य को मेरे मुंह के ऊपर ही झा दिया |                       “देवर के लंड”

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