Guru Ne Guru Dakshina Mein Kunwari Chut Li – गुरु दक्षिणा में कुंवारी चूत ली

Guru Ne Guru Dakshina Mein Kunwari Chut Li

मेरा नाम किट्टू है. मैं इंडोर मे रहती हू. मैं 23 साल की एक खूबसूरत लड़की हू. बड़ी बड़ी भूरी आँखें, मेरा रंग बोहोत ही गोरा है, लाइट ब्राउन लंबे बाल जो मेरी कमर तक आते हैं और मेरा फिगर 32-27-30 है. है ना मस्त. 32 का साइज़ हॅंडफुल आंड माउतफुल और मेरे निपल्स छोटे किशमिश जैसे गुलाबी कलर के और हा मेरे राइट बूब पे एक काला तिल है जो बड़ा सेक्सी दिखाई देता है. मेरा रंग इतना गोरा है के मेरी चुचिओ पे ब्लू कलर की वेन्स बड़ी सॉफ नज़र आती है. मेरे बूब्स की गोलाई तकरीबन 16″ – 17″ है और मेरी चुचियाँ एक दम से कड़क है जिन्है मैं अक्सर रात मे सोने से पहले दबाती हू.  Guru Ne Guru Dakshina Mein Kunwari Chut Li.

मेरी चूत पे काले लंबे बाल है जो मुझे बोहोत अच्छे लगते है और एस्पेशली जब कुछ
बाल एस्पेशली वॉकिंग करते हुए या साइकल चलाने के टाइम पे जब चूत के अंदर चले जाते है और मेरी
चूत के दाने को टच करते है तो मुझे बड़ा मज़ा आता है और जब मैं अपनी चूत
की मसाज करती हू तो वो झांतें मुझे एक अजीब सा मज़ा देती मुझे मेरी झातें
बोहोत ही पसंद है और जब मैं स्नान करके बाहर आती हू और अपने सर मे कंघी (
कोंब ) करती हू तो बड़े प्यार से अपनी झांतो की भी कोमबिंग करती हू. मैं
अपनी झातें 2 से 3 मंत्स तक बड़े कर के सॉफ करती हू और जिस्दिन मैं चूत
के बाल साफ करती हू उस दिन मुझे अपने चूत कुछ अजीब सी लगती है और ऐसी
चिकनी चूत का मसाज करने का भी एक अनोखा मज़ा है.
मेरे डॅडी का लॅडीस के रेडी मेड ड्रेसस का बिज़्नेस है जहा शाम के टाइम
पे जब कस्टमर्स’ ज़ियादा होते है तो मेरी मोम भी मेरे डॅडी की हेल्प के
लिए दुकान पे ही बैठ जाती है. हमारा घर दुकान के बॅकसाइड पे है जिस से
मेरी मोम अक्सर दुकान पे चली जाती है एस्पेशली जब मेरे डॅड ड्रेसस के
परचेसस के लिए मुंबई, देल्ही या कोलकाता चले जाते है तब मम्मी ही
बिज़्नेस संभालती है. मेरी एक छोटी बहेन है अश्मिता जोशी वो अभी +1 मे
पढ़ती है वो भी बोहोत ही खूबसूरत है उसके बूब्स भी तकरीबन 30 के है मैं
कभी कभी उसका टॉप भी पहेन लेती हू तो मुझे थोड़ा टाइट तो होता है पर मेरे
बूब्स बोहोत उभर के दिखाई देते हैं और निपल्स भी साफ दिखाई देते हैं.
मैं बी.कॉम के 2न्ड एअर मे पढ़ती हू. मैं अकाउंटेन्सी और एकनॉमिक्स मे
थोड़ी वीक हू इसी लिए एक सर के पास टुशण के लिए जाती हू जिनका नाम पवन
कुमार वर्मा है जिन्है स्टूडेंट पीके सर के नाम से पुकारते है. पीके सर
के पास 2न्ड एअर और फाइनल एअर के स्टूडेंट्स’ टूवुशन के लिए आते हैं. पीक
सर अपने घर पे ही पढ़ाते हैं. पीके सर की हाइट तकरीबन 5′ 8″ होगी, मीडियम
रंग है काले घुन्ग्रियले बाल. ऑन दा होल सर एक नॉर्मलसे सिंपल और साधारण
व्यक्ति हैं पीके सर की शादी तकरीबन 2 साल पहले हुई थी. उनकी पत्नी
मोस्ट्ली अपने गाओं मे रहती है और महीने या दो महीने मे 5 – 7 दिन के लिए
आ जाती थी. मेरा पर्सनल ख़याल यह है के जब उनकी वाइफ को चुदवाना होता
होगा और उनकी चूत मे खुजली होती होगी तो चुदवाने आ जाती होगी या फिर सर
को जब चोदना होता तो बुला लेते होंगे क्यॉंके उनकी पत्नी जिनका नाम
सुनीता है एक टिपिकल हाउसवाइफ जैसी हैं देखने मे भी अछी ख़ासी खूबसूरत है
5′ 4″ के करीब हाइट होगी, गोरा रंग भरे भरे बदन वाली. टाइट ब्लाउस
पेहेन्ति है उनके टाइट ब्लाउस से उनकी चुचियाँ बड़ी मस्त लगती है कई
बार मेरा जी चाहा के उनकी 36 साइज़ की चुचिओ को पकड़ के चूसना शुरू कर
दू. उनका बदन तो बोहोत ही सेक्सी है बट वो बोहोत इनोसेंट लगती है. अक्सर
ऐसे लॅडीस जो देखने मे मासूम दिखाई देती है वो बिस्तर मे बोहोत गरम होती
है और बड़े मस्त तरीके से चुदवाती है और सेक्स का भरपूर मज़ा लेती हैं अब
यह नही पता के सर की पत्नी बिस्तर मे कितनी सेक्सी है और कैसे चुदवाती
हैं.ये कहानी आप HamariVasana पर पढ़ रहे है .

पीके सर का घर मीडियम साइज़ का है 2 कमरे और एक छोटा कमरा है जिस्मै वो
हमै टशन पढ़ाते है और एक छोटा सा हॉल है, हॉल के साथ ही एक छोटा सा आँगन
(ओपन स्पेस) है जहा सर अपनी बाइक रखते है. यह आँगन थोड़ा सा खुला है अगर
बारिश होती है तो इस आँगन मे भी थोड़ा पानी आ जाता है.. एक रूम उनका
बेडरूम है जिस्मै एक मीडियम साइज़ का डबल बेड है, एक कपबोर्ड जिसमे सर के
कपड़े रहते है और एक ड्रेसिंग टेबल जिस पे बड़ा सा मिरर लगा हुआ है. उनके
कमरे मे ड्रेसिंग टेबल बाथरूम के डोर के सामने वाली ऑपोसिट दीवार से लगा
हुआ है और ऐसी पोज़िशन मे है के हॉल मे एक ऐसी टिपिकल जगह है के वाहा से
यह मिरर के थ्रू बाथरूम साफ दिखाई देता है.
हम 5 लड़के और 6 लड़कियाँ ट्यूशन के लिए सर के पास आते हैं. छुट्टी वाले
दिन सुबह 10 से 11 बजे तक और नॉर्मल डेज़ मे शाम 5 से 6 तक या अगर कभी सर
को कोई काम हो तो पहले से बता देते हैं और ट्यूशन थोड़ा आगे पीछे कर लेते
है. मेरा घर सर के घर से तकरीबन 1 किमी की दूरी पे है. मैं कभी बाइ वॉक
चली जाती हू और कभी अपनी बाइसिकल पे आती हू. मुझे बाइसिकल चलाना बोहोत
अछा लगता है और ख़ास तोर पे पॅड्ल मारने के टाइम पे जब पैर ऊपेर नीचे
होते है तो साइकल की सीट का सामने वाला नोकेला हिस्सा चूत से लगता है तो
बोहोत ही मज़ा आता है चूत अक्सर गीली हो जाती है और कभी कभी तो मेरा जूस
भी निकल जाता है. मैं ने कभी किसी के साथ सेक्स नही किया पर नेट पे
पिक्चर्स ज़रूर देखी है. कभी कभी मंन करता है के किसी फ्रेंड से चुदवा के
देखु के सेक्स मे कितना मज़ा आता है फिर अपने आप को रोक लेती हू. ऑन दा
होल मैं एक सीधी साधारण सी लड़की हू.
हम टोटल 11 स्टूडेंट्स है जो ट्यूशन पढ़ते है जिस्मै से सिर्फ़ दो
लड़किया ही मेरे कॉलेज की है बाकी के सारे लड़के और लड़कियाँ दूसरे कॉलेज
की है. मैं ट्यूशन को मोस्ट्ली सलवार कमीज़ पहेन कर जाती हू कभी कभी
स्कर्ट और टॉप या जीन्स आंड टॉप भी पहेन के जाती हू. मेरे पास नेट वाली
दो ड्रेस है एक वाइट और एक
ब्लॅक मुझे कभी सर को अपनी बॉडी दिखाने का मंन करता है तो वो जाली वाली
पहेन लेती हू और सर को अपनी बॉडी दिखानी की पूरी कोशिश करती हू.
सर अपने घर का डोर ट्यूशन के टाइम पे हमेशा खुला ही रखते है और हम लोग
बिना बेल बजाए ही अंदर आ जाते हैं क्यॉंके सब को पता है के सर घर मे
अकेले ही रहते है. एक दिन मैं वक़्त से कुछ पहले ही आ गयी और हॉल मे बैठ
गयी और अपनी नोट बुक निकाल के एक क्वेस्चन को रिवाइज़ करने लगी. सर के
बेडरूम से कोई गाना गुनगुनाने की आवाज़ आ रही थी शाएद सर को पता नही चला
के मैं अंदर आ चुकी हू क्यॉंके पीके सर बोहोत रिज़र्व रहते है लड़कियों
की तरफ ज़ियादा ध्यान नही देते सम्टाइम्ज़ मुझे लगता था के सर को शाएद
सेक्स मे इंटेरेस्ट नही है क्यॉंके जितनी भी लड़कियाँ ट्यूशन के लिए आती
थी वो बोहोत ही खूबसूरत थे. और सर भी यंग थे और मुझे पता है के मेरी 2
फ्रेंड्स तो सर को लाइन भी मारने की कोशिश कर चुकी है पर उन्है सक्सेस
नही मिली थी. सर ने किसी लड़की को भी लिफ्ट नही दी वरना अब तक वो लग भग
हम सब को ही चोद चुके होते शाएद. वो अपनी वाइफ के सिवा किसी की तरफ आँख
उठा के भी नही देखते थे. हा तो मैं सर के घर मे अंदर आ गयी थी और अभी मैं
अकेली ही थी मेरी फ्रेंड अभी नही आई थी और मैं बोर भी हो रही थी. इतने मे
इत्तेफ़ाक से मेरी नज़र सर के रूम के खुले डोर से उनके ड्रेसिंग टेबल के
मिरर पे पड़ी. मैं तो देख के दंग रह गयी के सर बाथरूम मे नंगे नहा रहे
हैं और अपने गधे जैसे लंबे और मोटे लंड को साबुन लगा रहे हैं. मैं ने
देखा के उनका लंड खड़ा हो गया है मैं तो देख के हक्का बक्का रह गयी और बे
इंतेहा डर ही गयी एक दम से मेरा बदन कप्कपाने लगा और पसीना छूटना शुरू हो
गया. वो अपने गधे जैसे लंबे और मूसल जैसे मोटे लंड को साबुन लगा के
रगड़ते रहे उनका लंड एक दम से लोहे जैसा हो गया था और ऊपेर नीचे हिल रहा
था. मेरी चूत मे एक दम से चईटियाँ. (आंट्स) रेंगने लगी और एक दम से गीली
हो गयी और बिना सोचे ही मेरा हाथ मेरी चूत पे चला गया और मैं चूत का मसाज
करने लगी और उनके फन्फनते लंड को देखते देखते एक ही मिनिट के अंदर झाड़
गयी. मेरे झड़ने के बाद भी मैं अंजाने मे फिर से चूत का मसाज ही कर रही
थी मेरा हाथ झड़ने के बावजूद चूत से नही हटा था. सर अपने लंड की मालिश कर
रहे थे और फिर अपने लंबे मोटे लंड को अपनी मुट्ठी मे पकड़ के मास्टरबेशन
करने लगे उनकी आँखें बंद हो गयी थी उनका हाथ तेज़ी से चल रहा था और मैं
ने देखा के उनके लंड मे से मलाई की एक मोटी और लंबी पिचकारी निकली जो शवर
के सामने वाली दीवार से लगी और उसके बाद 3 – 4 और
पिचकारियाँ निकली उसके बाद उन्हो ने पानी से लंड को सॉफ किया और स्नान
करने लगे.

उनके लंड से पहली पिचकारी निकलते देख के मैं इतनी मस्त हो गयी
के एक बार फिर से झाड़ गयी. मैं अक्सर अपनी चूत का मसाज करती हू पर इतनी
जल्दी मेरा जूस कभी नही निकला जितनी जल्दी आज निकल गया और आज तो 2 टाइम
निकला और वो भी इतनी जल्दी जल्दी. मैं बोहोत ही मस्त हो चुकी थी. सर का
नहाना ख़तम हुआ और वो बिना टवल लपेटे ही बाथरूम से बाहर निकले अपने
कपबोर्ड को खोलने लगे जिसे मैं मिरर मे देख रही थी. मैं अपनी जगह से
ऑटोमॅटिकली उठ गयी और सर के बेडरूम की विंडो के पास चली गयी और अंदर झाँक
के देखने लगी. सर ने अपनी अलमारी मे से अपना बॉक्सर्स शॉर्ट्स निकाला
उनका लंड अब थोड़ा सा नरम पड़ गया था और उनकी जा. के बीच मे थाइस तक लटक
रहा था मैं डर भी रही थी पर अपने आप को रोक भी नही पा रही थी और सर को
चेंज करते देखती रही.
जैसे ही सर ने चेंज कर लिया अब वो बॉक्सर्स शॉर्ट्स मे और टी शर्ट मे थे
और मिरर के सामने था. के अपने बाल सेट कर रहे थे तो मैं अपनी मस्ती से
चोंक गयी और वापस आ के अपनी सीट पे बैठ गयी. मेरा चेहरा लाल हो गया था और
साँसें तेज़ी से चल रही थी और एक मात्रा मे हॉल मे मेरे जूस की स्मेल भी
आ रही थी. थोड़ी देर के बाद सर धीमे सुरो मे सीटे बजाते हुए बाहर निकल के
आ गये और मुझे देख के पूछा के अरे किट्टू तुम कब आई और कोई नही आया क..
मुझे लग रहा था के मेरी ज़ुबान मोटी हो गयी है और मेरे मूह से एक शब्द भी
निकलना मुश्किल हो गया था इस से पहले के मैं कोई जवाब देती 2 लड़के और
अंदर आ गये और उसके 5 मिनट के अंदर ही बाकी के सारे स्टूडेंट्स आ गयी और
सर ने पढ़ाना शुरू कर दिया. मेरा दिमघ. तो सर का लेक्चर सुनने को तय्यार
ही नही था बार बार उनका फंफनाता हुआ लंबा मोटा लंड ही मेरे मूह के सामने
आ जा. था और मेरे दिमघ. मे हल चल मचा रहा था. जब सर ने देखा के मैं कुछ
खोई खोई सी हू तो सर ने पूछा के क. हुआ किट्टू तुम्हारी तबीयत तो ठीक है
मैं ने कहा के सर अब तक ठीक थी पर अचानक पता नही क्यों मेरी तबीयत अजीब
सी हो रही है तो उन्हो ने कहा के घर वापस जाओगी क. तो मैं ने कहा नही सर
मैं ठीक हो. आप स्टार्ट कीजिए तो उन्हो ने लेक्चर जारी रखा और पढ़ाते रहे
और मैं ख़यालो मे सर के मूसल जैसे लंड से खेलती रही..
क्लास ख़तम हो गयी और मैं अपने घर वापस आ गयी और मैं अपने घर तो आ गयी पर
मेरा सारा ध्यान सर के लंड मे ही अटक गया और मैं खोई खोई सी रही कुछ भी
करने को मंन
नही कर रहा था बॅस दिमघ. मे सर का लंड ही घुसा हुआ था और उस्मै से निकलती
हुई उनके लंड की लंबी पिचकारी.
डिन्नर के बाद मैं अपने कमरे मे आ गयी. हमारे यूज़ मे एक ही कमरा है
जिस्मै मैं और मेरी छोटी बहेन अश्मिता ही रहते है. रात मे जब मैं अपने
कमरे मे आई तो फिर भी खोई खोई सी थी तो अश्मिता ने पूछा के हे किट्टू क.
बात है ऐसी क्यों चुप्प है किसी ने कुछ कहा क. तो मैं ने कहा के नही रे
ऐसी कोई बात नही बस तबीयत थोड़ी ठीक नही है. अब मैं उसको क. बताती के सर
के लंड ने मुझे पागल बना दिया है. हमारे कमरे मे 2 सिंगल बेड है जो करीब
करीब पड़े हुए है और हम दोनो अलग अलग ही बेड पे सोते है. मैं अपने स्टडी
टेबल पे बैठी तो पढ़ने के लिए थी पर अपनी नोट बुक की तरफ घूर के देख रही
थी जिस्मै मुझे सिवाए सर के लंड के और कुछ नही दिखाई दे रहा था और अब मैं
सर से चुदवाने के तरीके सोचने लगी के कैसे सर को तय्यार किया जाए और उनके
लंड को अपनी चूत मे डलवाया जाए सर से चुदने को मैं पागल हो रही थी.
अश्मिता थोड़ी देर पढ़ के सो गयी थी फिर मैं टेबल पे से उठ गयी और अपने
बेड पे लेइट. गयी. ब्लंकेट ओढ़ लिया और मेरा हाथ ऑटोमॅटिकली एक मिनिट की
देर किए बिना मेरी नाइटी के अंदर चला गया ( हम दोनो सोने के टाइम पे
नाइटी पहेन लेते हैं ) और अपनी बालो भरी चूत का मसाज करने लगी. मेरी
झांतें मेरी क्लाइटॉरिस से लगी और मुझे मज़ा आने लगा. मैं अपने ख़यालो मे
सोच रही थी के सर अपने लंबे मोटे लंड से मेरी कुँवारी चूत को चोद रहे है
और मेरा हाथ और तेज़ी से चलने लगा और मेरा सारा बदन हिलने लगा और मैं
आआआग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह और
सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की आवाज़ें
निकलते निकलते झड़ने लगी. यूयेसेस. रात मैं ने 3 टाइम अपनी चूत का मसाज
किया और खूब झड़ी उसके बाद पता नही मुझे कब नींद आ गयी और मैं थक्क के सो
गयी.
सुबह उठी तो बदन कुछ भारी सा लग रहा था. मैं बाथरूम मे घुस गयी और गरम
गरम पानी का शवर लेने लगी. शवर को देखते ही मुझे सर का लंड और उनका शवर
याद आ गया तो स्ट्रेट अवे मेरा हाथ फिर से मेरी चूत पे लग गया और मैं चूत
को रगड़ने लगी मेरी आँखें बंद हो गयी थी और बदन मे तनाव आ गया था और फिर
मेरे मूह से सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स
निकला और गिरते पानी के साथ ही मे झड़ने लगी. कॉलेज का टाइम हो रहा था
इसी लिए जल्दी से शवर लिया और बाहर निकल के आ गयी. ब्रेकफास्ट किया और
तय्यार हो के कॉलेज चली गयी. कॉलेज मे भी सर का लंड मेरा पीछा नही छोड़
रहा था मुझे उनके लंड के सिवा कुछ नही दिखाई दे रहा था और अपने ख़यालो मे
उनके लंड को पकड़ के मैं दबा रही थी.
खैर थोड़ी देर के बाद फ्रेंड्स मिले और हँसी मज़ाक मे टाइम निकल गया.
कॉलेज के बाद घर आ गयी और यह सारा टाइम मैं सर को पटाने के बारे मे और
उनसे चुदने के नये नये तरीके सोचने लगी.

अब मैं अपनी नेट वाली ड्रेस ट्यूशन के टाइम पे बोहोत पहेन्ने लगी थी और
जब भी मोका मिलता अपना बदन सर को दिखाया करती. यह बता दू के सिर चेर पे
बैठ के पढ़ते है और खड़े हो के और हम लोग नीचे पड़ी एक कार्पेट पे बैठ के
पढ़ते हैं. अब मैं सब से सामने वाली रो मे और सर के एक दम सामने बैठने
लगी थी और जब भी मोका मिलता मैं अपने बूब्स और कभी अपने पैर चौड़े कर के
अपनी चूत दिखाने की कोशिश करती. एक दिन लड़को का कोई मॅच था इसी लिए
लड़के नही आए थे और बस हम दो ही लड़कियाँ थी ट्यूशन मे और उस दिन मैं नेट
वाली ड्रेस और डिज़ाइन वाली पॅंटी पहेन कर गयी थी और अपनी कुरती को ऐसे
अड्जस्ट किया था के सर मेरी पॅंटी देख सके. थोड़ी देर के बाद मैं अपनी
चूत पे एक हाथ रखा और चूत को दबाने लगी तब सर ने पूछा किट्टू कोई
प्राब्लम है क्या तो मे ने कहा सर अंदर कुछ हल चल हो रही है तो उन्हो ने
कहा के बाथरूम मे जा के देखो क्या है. अब मैं सर को क्या बताती के मेरी
चूत तो उनके लंड के लिए तड़प रही है. मैं बाथरूम मे चली गयी और अपनी
डिज़ाइन वाली पॅंटी निकाल के आ गयी और पॅंटी को सर के बाथरूम मे ही छोड़
दिया और ऐसी जगह पे रखा के सर मेरी पॅंटी को देख ले और बिना पॅंटी के
सलवार पहेन के बाहर आ गयी और वापस अपनी जगह पे अपने पैर ऐसे चौड़े कर के
बैठ गयी के सर को मेरी वाइट पतली सलवार मे से चूत के बाल साफ साफ दिखाई
दे और सर का लंड मेरी चूत के लिए उठ खड़ा हो पर पता नही सर ने देखा या
देख के अंजान हो गये मुझे नही मालूम. क्लास ख़तम हो गयी और हम अपने अपने
घर चले गये. अब मैं डेली सोने से पहले सर के लंड को याद कर कर के कम से
कम 2 या 3 टाइम मसाज करके ही सोती हू.
शाएद दो या तीन दिन के बाद जब मैं अकेली थी और कोई नही आया था तो सर ने
मुझ से कुछ हिच किचाते और थोड़ा सा शरमाते हुए कहा के किट्टू शाएद तुम
अपनी चड्डी मेरे बाथरूम मे भूल गयी हो जाओ और ले लो तो मैं शरम से लाल हो
गयी बिना कुछ कहे मैं बाथरूम मे गयी तो देखा के मेरी पॅंटी जहा रखी थी
वही रखी है लगता है सर ने उसको हाथ भी नही लगाया मेरा ख्याल था के शाएद
सर मेरी चूत की सुगंध मेरी पॅंटी मे सूँघे गे पर शाएद ऐसा कुछ नही हुआ
मेरी पॅंटी जहा थी वही रही और मैं थोड़ी सी निराश होगयी. मैं अपनी पॅंटी
सर के बाथरूम से उठा लाई और
अपने पर्स मे रख लिया जिसे सर देख रहे थे पर कुछ बोले नही.
मेरे दिमाग़ मे सर से चुदवाने का ख़याल जड़ पकड़ता जा रहा था और मुझे बार
बार अपनी निगाहो के सामने सर का लहराता लंड ही दिखाई देता था मेरा पढ़ाई
मे दिल भी नही लगता था समझ मे नही आ रहा था के कैसे सर को पटाऊं और कैसे
उनसे चुदवाउ पर बार बार उनकी पत्नी का ख़याल आता था के उनकी पत्नी तो
बड़ी लकी है जो इतना बड़ा और मोटा लंड वाला पति मिला है और उन्है चुदवाने
मे स्वर्ग का मज़ा आता होगा. मैं अपने ख़यालो मे ही सोचती रहती के उनकी
पत्नी कितने मज़े से चुदवाती होगी और यह भी सोचती के वो कोन्से कोन्से
स्टाइल मे चुदती होगी और यह के अगर मुझे चान्स मिले तो मैं कैसे और
कोन्से कोन्से स्टाइल मे चुदवाउंगी यह सोच सोच के मेरी चूत गीली हो जाती
और मैं चूत का मसाज करने लगती और जूस निकाल के अपनी बेचैन गरम चूत को आग
को शांत कर ती रहती.
एक दिन मैं ट्यूशन के लिए पैदल ही जा रही थी तो रास्ते मे देखा के एक
ग़धा एक गधी की कमर पे अपने पैर टीका के उसके ऊपेर चढ़ा हुआ है और घपा घप
चोद रहा है और जब मैं करीब पोहॉंची तो उससी टाइम पे शाएद उनका क्लाइमॅक्स
हो गया था और गधे ने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला तो उसका लंड उसकी
चूत से बाहर निकल पड़ा और बड़ी ज़ोर से आगे पीछे हिलने लगा और उस्मै से
तकरीबन एक ग्लास के जितना गाढ़ा गाढ़ा सफेद वीर्य निकल के ज़मीन पे गिरने
लगा पता नही गधि की चूत मे कितना वीर्य गिरा होगा और उसी समय मुझे सर का
ऐसा ही लटकता हुआ लंड याद आ गया और मेरी चूत मे बोहोत सारा जूस इकट्ठा हो
गया और वो बोहोत गीली हो गयी. उस दिन तो मेरा दिमाग़ ही खराब हो गया. मैं
जब भी मोका मिलता सर को अपनी चूत के बाल दिखाती और अपने बूब्स भी दिखाती
पर अभी तक सर की तरफ से कोई ऐसा सिग्नल नही मिला था के सर ने मेरी चूत
देखी हो और वो मुझे चोदना चाहते हो. अब तो मेरा मंन करने लगा था के मैं
खुद ही सर का लंड पकड़ के उनकी मिन्नते करू और बोलू के सर मैं तो आपके
लंड की दीवानी हो गयी हू प्लीज़ मुझे चोद डालिए और फाड़ डालिए मेरी
कुँवारी चूत को मैं आपके लंड के बिना अब नही रह सकती पर क्या करू शरम से
लाल हो गयी बदन मे आग सी लग गयी पर कुछ कह नही पे. मैं अपनी तरफ से पूरी
कोशिश कर रही थी उनसे चुदवाने की पर मेरी किस्मेत मैं उनके लंड से कब
चुदवाना था पता नही. मैं बड़ी बेचैनी से उस दिन का वेट करने लगी जब उनका
लंबा मोटा मूसल जैसा लंड मेरी चूत को फाड़ डालेगा.

एक दिन मैं घर से निकली ही थी के सर पीछे से आ गये और अपनी बाइक मेरे
करीब रोकते हुए बोले के किट्टू ट्यूशन को चल रही हो तो बैठ जाओ मैं भी घर
ही जा रहा हू तो मैं बोहोत खुश हो गयी और उनकी बाइक पे पीछे चढ़ के बैठ
गयी और अपने दोनो हाथो से उनके पेट को पकड़ लिया और सीट पे आगे को खिसक
गयी और अपने चुचियाँ सर की पीठ से लगा दी आहह काइया बताउ कितना मज़ा आ
रहा था. मैं उस दिन जीन्स और टॉप मे थी तो मैं भी अपने दोनो पैर बाइक के
दो तरफ कर के बैठी थी. बाइक कभी उछल जाती तो मेरी चुचियाँ भी सर की पीठ
पे ऊपेर नीचे रगडी जाती और कभी बाइक के सामने कुछ आ जाता और सर ब्रेक मार
देते तो सीट पे आगे खिसक जाती और मेरी चुचियाँ उनकी पीठ से लग कर दब जाती
थी दब्ति क्या थी मैं खुद ही कुछ ज़ियादा ही दबा देती थी. आक्च्युयली मैं
सर को अपनी चुचिओ से दबा दबा के अपनी चुचियाँ उनको महसूस करवाना चाहती थी
के इन्है दबाओ और मसल डालो. और एक टाइम तो बाइक जब किसी पोट होल ( गड्ढे
) मे से उछली तो मेरा हाथ स्लिप हो के सिर के लंड से लगा जो अभी सो रहा
था पर उनके लंड को टच तो कर ही दिया. उस दिन रात को मैं ने उनके लंड को
याद कर कर के बोहोत मसाज किया अपनी चूत का और 4 – 5 बार झड़ी जब कही जा
के नींद आई.
हमारे एग्ज़ॅम्स करीब आ गये थे और मुझे अकाउंट मे काफ़ी पोर्षन समझ मे
नही आ रहा था तो मैं ने सर से कहा के मुझे कुछ एक्सट्रा टीम चाहिए तो सर
बोले के ठीक है तुम ट्यूशन से एक आध घंटा पहले आ आ जाया करो मैं तुम को
कुछ एक्सट्रा कोचैंग दे दूँगा और तुम्हारे डाउट्स को क्लियर कर दूँगा तो
मैं खुश हो गयी और दूसरे स्टूडेंट्स से घंटा आधा घंटा पहले जाने लगी और
मैं सेक्सी टाइप के ड्रेसस पहेन्ने के जाने लगी और अक्सर जब सर सामने
बैठे होते तो मैं अपनी चुचिओ को भी मसल देती और जब नीचे फ्लोर पे अपनी
लेग्स क्रॉस करके बैठ ती तो अपनी स्कर्ट के अंदर से कभी अपनी पॅंटी दिखा
देती और कभी कभी तो चूत को खुजाने लगती और एक दिन तो मैं ने सारी लिमिट्स
को क्रॉस कर दिया और अपनी स्कर्ट के अंदर पॅंटी भी नही पहनी और सर को
अपनी चूत भी दिखा दी. मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करती के सर मेरी चूत
देखे और मेरे बूब्स देख के मुझे पकड़ के चोद डाले पर उनके ऊपेर मेरे
सेक्सी ड्रेस और सेक्सी हर्कतो का कोई असर होता दिखाई नही दे रहा था. मैं
उनसे चुदवाने को उतावली हो रही थी और सोच रही थी के सर आख़िर क्यों नही
चोद रहे मुझे क्या मेरी चूत को नही देख पाए या मेरी चूत देख के भी उनके
लंड मे कोई हलचल नही मची. मैं ने तो सोच लिया था के आख़िर कब तक मेरी चूत
से बचे रहेंगे एक ना एक दिन तो सर को मुझे चोदना ही पड़ेगा और चाहे कुछ
हो जाए मुझे उनका
लंड अपनी चूत के अंदर चाहिए बॅस और मैं मोके की तलाश मे रहने लगी.
अब हमारे ट्यूशन का टाइम ईव्निंग मे 6 तो 7 हो गया था और एज पर अग्रीमेंट
मेरा टाइम तो एक या आधा घंटा पहले ही शुरू होता था लैकिन आज बदल छाए हुए
थे और बारिश के पूरे पूरे आसार दिखाई दे रहे थे तो मैं ऑलमोस्ट 4 बजे ही
ही आ गयी थी और अपनी साइकल घर के अंदर ले आई थी घर खुला हुआ था पर सर घर
मे नही थे. ऐसा कभी हो जाता था के अगर सर को कही करीब मे ही कही जाना
होता या करीब की दुकान से कुछ खरीदना होता तो वो घर खुला रख के ही चले
जाते थे तो मैं ने समझा के हो सकता है सर कही करीब की दुकान गये होगे और
अभी आ जाएगे. अभी मैं उनके घर के अंदर आ के सर का वेट कर रही थी के एक दम
से बड़ी ज़ोरो की बारिश पड़ने लगी घनघोर घटा च्छा गयी और साथ मे ठंडी
ठंडी हवा भी चलने लगी. सर के घर मे छोटा सा खुला आँगन ( ओपन स्पेस ) होने
की वजह से मुझे भी ठंड लगने लगी थी. मैं सर का वेट कर रही थी. मेरे आने
के शाएद 5 या 7 मिनिट के अंदर ही सर भीगते हुए अंदर बाइक ले के आ गये और
मुझे देख के बोले के अरे किट्टू तुम ?? और इतनी बारिश मे ?? तो मैं ने
बोला के हा सर बारिश के आसार दिख रहे थे तो मैं जल्दी ही आ गयी और इसी
बीचे वो अपनी बाइक को स्टॅंड लगाने लगे वाहा ज़मीन बारिश के पानी से गीली
हो गयी थी और बाइक सही तरीके से नही ठहर पाई और स्लिप हो गयी और बाइक को
संभालते संभालते सर का पैर भी स्लिप हो गया और वो नीचे गिर पड़े और साथ
मे बाइक भी उनके ऊपेर ही गिर पड़ी उनकी टांग बाइक के नीचे आ गयी और उनके
थाइ मे बाइक का हॅंडल लग गया. मैं दौड़ते हुए बाहर आई और सर को हेल्प कर
के उठाया और दोनो ने बड़ी मुश्किल से बाइक का स्टॅंड लगाया. जब सर आगे
बढ़ने लगे तो लड़ खड़ा के फिर से गिर गये आक्च्युयली उनको पता ही नही चला
था के उनकी टांग मूड गयी है. मैं ने हेल्प किया तो सर ज़मीन पे से उठ
खड़े हुए पर उनको चलना नही आ रहा था शाएद टांग मे बोहोत दरद हो रहा था तो
मैं ने उनको सहारा दिया और वो मेरे शोल्डर पे हाथ रखे रखे बेडरूम मे आए
पर इतनी देर मे हम दोनो खूब अच्छी तरह से भीग चुके थे और सर के बदन पे
ज़मीन की कीचड़ ( मूड ) लग गयी थी तो सर डाइरेक्ट बाथरूम जाना चाह रहे थे
ता के स्नान कर के वो कपड़े बदल सके और अपने बदन पे लगी कीचड़ को धो
डाले.

हम दोनो बेडरूम मे आ गये तो सर वही एक कुर्सी पे बैठ गये. बेडरूम के
फ्लोर पे हमारे बदन का पानी गिर गया और सर के बदन से कीचड़ भी निकला तो
फ्लोर गंदा हो गया. सर
बाथरूम मे जाना चाह रहे थे और बाथरूम की 2 या 3 छोटी छोटी सीढ़ियाँ भी
थी. सर ने कहा किट्टू बाथरूम मे एक कुर्सी रख दो मैं उसी पे बैठ के शवर
ले लूँगा और कपड़े चेंज कर लूँगा ज़रा तुम मेरे कपबोर्ड से मेरे कपड़े
निकाल दो प्लीज़ और तुम भी तो गीली हो गयी हो ( वाउ सर ने कहा तुम गीली
हो गयी हो तो मुझे एक दम से शरम आ गयी और मैं सच मे गीली हो गयी और मेरी
चूत जूस से भर गयी ) तुम भी सुनीता के कपबोर्ड से जो पसंद आए वो कपड़े
निकाल के पहेन लो तो मैं ने सर का कपबोर्ड खोला और वाहा से एक लूँगी और
टी शर्ट निकाल के बाथरूम मे रख दिया और सर को सहारा दे के अंदर बाथरूम मे
ले गयी ऐसे सहारा देने से मेरे चुचियाँ सर के बदन से लग रही थी और मुझे
बोहोत अछा लगने लगा था और सोच रही थी के आज सर मुझे चोद डाले तो मज़ा आ
जाए बारिश भी हो रही है मौसम भी रोमॅंटिक हो गया है ऐसे मे चुदाई का मज़ा
मस्त आएगा.
मैं सर की वाइफ के कपबोर्ड से नाइटी निकाल के दूसरे वाले बाथरूम मई चली
गयी और जाने से पहले सब ट्यूशन वालो को फोन कर के इनफॉर्म कर दिया के आज
सर ट्यूशन नही लेंगे तो आने का कष्ट ना करे तो तकरीबन सभी ने कहा के हा
आज इतनी तेज़ बारिश मे आना भी मुश्किल है चलो अछा हुआ के आज सर ट्यूशन
नही ले रहे है. फिर मैं ने फ़ोन करके अपनी मम्मी को बता दिया के मैं
बारिश शुरू होने से पहले ही सर के पास पोहोच गयी और सर ने बोला है के
बारिश ख़तम होने के बाद वो खुद मुझे घर ला कर छोड़ देंगे तो मम्मी ने कहा
कोई बात नही बेटा तुम दिल लगा के पढ़ो तुम्हारा एग्ज़ॅम करीब है और पीके
तुम्है यहा ला के छोड़ देंगे यह तो बड़ी अछी बात है बेटा तुम अपना ध्यान
रखना कोई बात नही मैं तुम्हारे पापा से कह दुगी. अब मुझे यकीन था के कोई
आने वाला नही है और आज मैं इतने गोलडेन चान्स को खोना नही चाहती थी. मैं
जल्दी से अपने भीगे हुए कपड़े उतार के गरम पानी से लाइट शवर ले लिया और
अपने कपड़ो को भी वही धो डाला जिस पे थोड़ा सा कीचड़ लगा हुआ था साथ मैने
अपनी पॅंटी भी निकाल दी और बिना पॅंटी और ब्रस्सिएर के सिर्फ़ नाइटी पहेन
के बाहर आ गयी देखा तो अभी तक सर बाथरूम से बाहर नही आए थे. मैं वही उनके
बेडरूम मे बैठ के सर का वेट करने लगी. थोड़ी ही देर मैं सर ने बाथरूम का
डोर खोला और लंगड़ाते हुए उछल उछल के बाहर आने लगे बाहर आते ही जब मुझे
देखा तो बोले अरे किट्टू तुम ने नाइटी पहेन ली अरे कोई उसका सलवार सूट
पहेन लेती कोई प्राब्लम नही था तो मैं ने कहा के नही सर मुझे यह नाइटी
अछी लगी तो मैं ने यही पहन लिया तो उन्हो ने कहा मुझे तो कोई प्राब्लम
नही है तुम को अछा लगता है तो पहेन लो नो प्राब्लम लैकिन अभी सारे ट्यूशन
के स्टूडेंट्स
आ जाएगे तो अछा नही लगे गा के तुम नाइटी मे हो तो मैं ने कहा के सर मैं
ने तेज़ बारिश के चलते और आपकी टांग की तकलीफ़ देखते हुए सब को फोने कर
दिया है के आज ट्यूशन क्लास नही होगी और अब कोई आने वाला नही है यह कहते
हुए मैं फिर से उनके करीब चली गयी और अपने कंधे का सहारा दे के उनको बेड
पे लिटा दिया और बोला के सर मैं अभी आपको हल्दी वाला दूध बना के देती हू
दरद फॉरन कम हो जाएगा तो सर ने कहा किट्टू क्यों कष्ट करती हो मैं ठीक हो
जाउन्गा तुम फिकर ना करो. मैं ने कहा के सर आप हमारे लिए इतना कुछ करते
है और मैं इतना छोटा सा काम भी आपके लिए नही कर सकती क्या ? और अगर मैं
आपका थोड़ा काम कर दूँगी तो मुझे बोहोत खुशी होगी तो सर ने कहा ठीक है
जैसी तुम्हारी मर्ज़ी वाहा किचन मे देख लो लैकिन मुझे पता नही हल्दी है
या नही तुम खुद ही देख लेना पर दूध तो रखा है मैं ने सोचा के काश मेरी
चुचिओ मे दूध होता तो मैं आज सर को अपने ही दूध मे हल्दी डाल के पिला
देती यह सोचते ही मेरी चुचिओ मे एक अंजानी से हलचल शुरू हो गयी मेरे
निपल्स अकड़ गये और मैं किचन की ओर चली गयी.
किचन से गरम गरम हल्दी वाला दूध बना के मैं सर के पास ले आई और उनको दे
दिया तो सर ने थॅंक्स किट्टू बोला तो मैं ने बोला के नही सर इस मे थॅंक्स
की क्या बात है और सर दूध पीने लगे. मैं बेड के कॉर्नर पे बैठी रही बारिश
बड़ी तेज़ हो रही थी और ऐसा लगता था जैसे शाम के 4:30 नही रात के 12 बजे
हो. मैं ने पूछा सर पैर मे दरद कैसा है तो उन्हो ने बोला के किट्टू थाइ
मे हॅंडल बोहोत ज़ोर से लगा है तकलीफ़ तो है और इत्तेफ़ाक से घर मे कोई
मेडिसिन भी नही है तो मैं ने कहा सर मुझे कुछ खिदमत का मोका दीजिए तो सर
ने पूछा क्या मतलब तो मैं ने कहा के सर अगर आप कुछ फील ना करे तो मैं
आपकी टांग को दबा दू और ऑलिव आयिल लगा के थोड़ी सी मालिश कर्दु तो दरद
जल्दी कम हो जाएगा तो सर ने कहा किट्टू कही पागल तो नही हो गयी ऐसे कैसे
मालिश करेगी मेरी और वो भी थाइ पे तो मैं ने कहा तो क्या हुआ सर आप बॅस
लेटे रहिए और देखिए के मैं कैसे आपकी मालिश करती हूँ तो सर ने कहा ठीक है
तुम्हारी मर्ज़ी किट्टू तो मैं उठ के रॅक मे से ऑलिव आयिल की बॉटल निकाल
लाई और बेड पे बैठ के पहले तो बिना तेल लगाए ही उनके पैर दबाती रही नीचे
से घुटनो तक और थोड़ा सा थाइ के पास और पूछा के सर कहा पे है आक्चुयल दरद
तो उन्हो ने कहा के थोड़ा और ऊपेर मैं ने थाइ पे थोड़ा और ऊपेर हाथ लगा
के पूछा यहा सर तो उन्हो ने कहा के नही थोड़ा और ऊपेर. मैं ने उनकी लूँगी
के ऊपेर से ही अपनी उंगली रख के पूछा यहा तो उन्हो ने कहा के बॅस थोड़ा
सा और ऊपेर और वो जगह एग्ज़ॅक्ट्ली जाँघो के पास थी मेरा दिल खुशी से
उछलने लगा के आज मैं उनके लंड को पकड़ ही लूँगी
और श्योर चुदवा लूँगी फिर मैं ने कहा ओके सर अब मैं आपको तेल लगाती हू.

आयिल के डब्बे को खोलते ही आयिल की खुश्बू आने लगी तो मैं ने कहा सर यह
तो ओरिजिनल लगता है तो उन्हो ने कहा हा मेरा एक स्टूडेंट गल्फ से लाया था
मेड इन स्पेन है मैं उस्मै से थोड़ा सा तेल अपने हाथ मे निकाल के सर की
टांग पर और घुटने के निचले भाग पे स्प्रेड कर के मालिश करने लगी. सर की
लूँगी सीलि हुई नही थी बीच मे से ओपन ही थी इसी लिए एक पैर घुटने तक
एक्सपोज़ हो गया था. सर के पैर पे हल्के हल्के बाल थे जो बोहोत सेक्सी लग
रहे थे. सर लेटे हुए थे और मैं धीरे धीरे उनकी टांग की मालिश कर रही थी
तो सर ने बोला के किट्टू बोहोत अछा लग रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे तुम
कोई प्रोफेशनल मसाज करने वाली हो तो मैं हंस दी और बोला के नही सर ऐसा
कुछ नही मेरी मम्मी को भी घुटनो की प्राब्लम है तो मैं अक्सर उनकी टाँगो
को तेल लगा के मालिश करती हू ना सर तो बॅस ऐसे ही नॉर्मल सी मालिश कर रही
हू. . अब मैं ने घुटने से थोड़ा ऊपेर थाइ के मालिश शुरू की और एक दम से
बड़ी ज़ोर से बिजली काड्की और तेज़ हवा के साथ ही एलेक्ट्रिसिटी फैल हो
गई शाएद पूरे एरिया की लाइट चली गयी थी और कमरे मे एक दम से अंधेरा छा
गया तो सर ने बोला के किट्टू वाहा देखो टेबल पे कॅंडल होगी उसको जला दो
तो मैं टेबल से उठा के कॅंडल जला दिया और करीब मे पड़े लकड़ी के स्टूल पे
रख दिया तो खिड़की मे से और दूर मे से आती हवा के चलते फॉरन ही कॅंडल बुझ
गयी तो मैं ने दरवाज़ा और खिड़की बंद कर दिए पर फिर भी हवा आ रही थी तो
सर ने कहा के कॅंडल जला के किचन मे रख दो वाहा हवा नही आती तो मैं ने
कॅंडल जला के किचन मे रख दी पर वाहा से कमरे के अंदर ठीक से कॅंडल की
लाइट नही आ रही थी और कमरा ऑलमोस्ट अंधेरा ही था तो मैं ने कहा कोई बात
नही सर अभी लाइट आ जाएगी पूरे एरिया की गयी है तो हो सकता है जल्दी ही आ
जाए.
इतने मे मेरी मोम का फोन आया तो मैं ने कहा के मम्मी आप फिकर ना करो मैं
ठीक हू और यहा भी लाइट चली गयी है तो मम्मी ने गंभीरता से पूछा अब क्या
होगा बेटा दो दिन बाद तो तेरा एग्ज़ॅम है तो मैं ने कहा मम्मी आप चिंता
ना करो मैं पढ़ रही हू और दो दिन के अंदर मैं पर्फेक्ट हो जाउन्गी और फिर
फोन कट हो गया शाएद सिग्नल ख़तम हो गया था.
अब कमरे मे ऑलमोस्ट अंधेरा ही था और मुझे कुछ सॉफ नज़र नही आ रहा था और
मैं सिर्फ़ अंदाज़े से ही थाइस की मालिश कर रही थी. मैं ने सर से एक बार
फिर पूछा के सर यहा दरद है क्या तो उन्हो ने हाहा थोड़ा और ऊपेर है और
जैसे ही मैं ने
हाथ थोड़ा ऊपेर किया मेरा हाथ उनके लंड से लगा जो उनके थाइ पे पड़ा हुआ
था और मैं ऐसे टटोलने लगी जैसे पता नही मेरे हाथ मे क्या आ गया तो सर के
मूह से सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की सिसकारी निकल गयी तो मैं ने
पूछा के सर तकलीफ़ हो रही है क्या तो उन्हो ने कहा के किट्टू तुम्हारा
हाथ कुछ स्लिप हो गया शाएद तो मैं ने अपने हाथ वाहा से हटा लिया और थोड़ा
और तेल हाथ मे ले के मालिश शुरू कर दी. सर की लूँगी जो सामने से खुली हुई
थी उसको हटा दिया और शाएद उनके दोनो थाइस एक्सपोज़ हो गये पर कुछ नज़र ही
नही आ रहा था. मैं ने सर से कहा के सर आप आँखें बंद कर के लेट जाओ बॅस और
मुझे मालिश करने दो तो उन्हो ने कहा के किट्टू तुम्है ठंड नही लग रही तो
जब मुझे एहसास हुआ के हा मुझे तो ठंड भी लग रही है तो उन्हो ने कहा के
मुझे भी ठंड लग रही है तो बेड के एंड पे डबल ब्लंकेट है वो ऊढा दो और तुम
भी ब्लंकेट के अंदर ही आ जाओ क्यॉंके मेरे पास सिर्फ़ एक ही ब्लंकेट है.
ब्लंकेट अछी ख़ासी बड़ी थी जिस्मै हम दोनो बड़ी आसानी से आ गये थे.
ब्लंकेट मेरे बॅक से सर के सीने तक आ गयी थी और मेरा मूह ब्लंकेट के बाहर
था और मुझे सर के थाइस नही दिखाई दे रहे थे क्यॉंके उनकी टाँगें तो
ब्लंकेट अंदर थी और मेरा मूह बाहर. मालिश करते करते मेरा हाथ कभी कभी
उनके लंड के नीचे लगे हुए आंडो को लगा तो कभी उनके लंड पे लगा और जब भी
मेरा हाथ उनके लंड के किसी भी भाग से टच हो ता तो वो एक सिसकारी भरते
सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की और उनका बदन कुछ अकड़ने लगता. मैं ऐसे ही
बिना देखे उनकी टाँगो की मालिश करती रही और मेरा हाथ उनके लंड से टकराता
रहा.
मेरे हाथ के लगते ही उनका लंड एक दम से लहराता हुआ खड़ा हो गया और मेरा
हाथ लंड से लगते ही सर के मूह से
सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स जैसी आवाज़ निकल
जाती और उनकी गंद थोड़ी सी ऊपेर उठ जाती. हम दोनो खामोश थे मेरे हाथ उनके
थाइस पे कम और लंड पे ज़ियादा लग रहे थे तो सर ने कांपति आवाज़ से पूछा
हाई किट्टू यह क्या कर रही हो तो मैं ने अपनी सारी शरम छोड़ के सिर के
लंड को अपनी मुट्ठी मे पकड़ लिया और बोली के सर यह आपका मूसल बोहोत ही
बड़ा है और उनके लंड को अपने दोनो हाथो से पकड़ के ऊपेर नीचे करते हुए
उसका मूठ जैसे मारने लगी. मैं तो वासना की आग मे जल ही रही थी उनका लंड
मेरे हाथ मे आते ही कुछ महॉल का असर और कुछ अंधेरा कमरा बॅस फिर क्या था
सर भी वासना की आग मे जलने लगे और अपने हाथ से मेरा हाथ जो लंड पे था
उसको पकड़ लिया और दबाने लगे तो मैं भी उनके लंड को दबाने लगी और सर के
कुछ और करीब आ गयी.

हम दोनो कुछ नही बोल रहे थे बॅस हमारी वासना बोल रही
थी और मेरी चूत मे तो जैसे फ्लड आ गया था. मैं ने सर का लंड मुट्ठी मे
पकड़ के मूठ
मारना स्टार्ट कर दिया तो सर ने कहा आआआहह किट्टू तुम्हारे हाथ का स्पर्श
मुझे दीवाना बना रहा है तो मैं ने कहा सर आप लेटे रहिए और मुझे कुछ करने
दीजिए तो उन्हो ने कहा के ऐसे करोगी तो ब्लंकेट और मेरे कपड़े दोनो खराब
हो जाएगे तो मैं ने कहा तो निकाल दो ना सर अपने कपड़े और यह ब्लंकेट तो
सर ने कहा अच्छा नही लगता ना के मैं तुम्हारे सामने नंगा हो जाउ तो मैं
ने कहा सर कमरा तो अंधेरा ही है आप कपड़े पहनो या निकाल के नंगे हो जाओ
मुझे तो कुछ नज़र ही नही आ रहा है तो उन्हो ने कहा ठीक है और अपनी शर्ट
निकाल दी और मैं ने उनकी लूँगी की नाट को खोल दिया और ब्लंकेट हटा दिया.
अब सर मेरे सामने नंगे लेटे थे और उनका रॉकेट जैसा लंड छत की तरफ मूह किए
किसी अग्नि मिज़ाइल की तरह फाइरिंग के लिए रेडी था. मैं ने अब डाइरेक्ट
सर के लंड की मालिश शुरू कर दी. उनका लंड इतना बड़ा था के मेरे दोनो हाथो
मे भी नही आ रहा था. मैं अपने दोनो हाथो से मूठ मार रही थी.
मैं ने कहा के सर इस ने मुझे पागल बना दिया है तो सर ने कहा अर्रे वो
कैसे किट्टू; तो मैं ने बोला के सर एक टाइम जब आप स्नान कर रहे थे तो मैं
ने इस को देख लिया था तब से ही मैं इसकी दीवानी हो गयी हू और कितने टाइम
आपको सिग्नल दिया कभी अपनी टाँगें खोल के आप को सब कुछ दिखाया और कभी
खुज़ाया पर आपने ध्यान ही नही दिया तो सर ने कहा के हा किट्टू मुझे कुछ
डाउट तो हुआ था के तुम ऐसा कर रही हो पर मुझे मालूम था के तुम इतनी छोटी
उमर मे मेरा इतना बड़ा और मोटा अपने अंदर नही ले पओगि इसी लिए मैं अंजान
सा ही हो गया था क्यॉंके मुझे पता था के अगर मैं ने कुछ किया तो तुम चलने
के काबिल नही रहोगी और तुम्है हॉस्पिटल से स्टिचस डलवाने पड़ेंगे तो मैं
हँस के बोली के सर आज आपको मैं बता दुगी के मैं इस से कितना प्यार करती
हू और झुक के उनके लंड के सूपदे को एक किस किया और मैं ज़ोर ज़ोर से लंड
की मालिश करने लगी सर की गंद अब बेड से उठना शुरू हो गयी थी. सर इतनी
मस्ती मे आ गये थे के उन्हो ने मेरे थाइस पे हाथ रख दिया. मेरी नाइटी
सामने से खुली हुई थी और मैं घुटने मोड़ के बैठे थी इसी लिए उनका हाथ
डाइरेक्ट मेरे नंगे थाइस पे पड़ा तो मैं ने थाइस को खोल दिया और सर का
हाथ स्लिप हो के मेरी चूत से टकरा गया और उनका हाथ मेरी चूत से लगते ही
मैं काँपने लगी और झड़ने लगी और मेरा हाथ बड़ी तेज़ी से सर के लंड का मूठ
मारने लगा. सर के मूह से आआआआअहह
क्क्क्क्क्क्क्कीईईइत्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्तुउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ
यययययययईईईहह क्क्क्क्क्क्क्क्क्कीईईईईइआआआआआअ कककककककककाआअरर्र्र्ररर
र्र्र्र्रररहीईईईईईई हाआआआऐईईईईईईई त्त्तुउउउउउउउउउउउउउउ ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ और
उनका हाथ भी बड़ी तेज़ी से मेरी चूत की मालिश करने लगा सर ने बोला
कीईईत्त्त्त्त्त्तुउउउउउउउउउउउउ म्‍म्म्ममममममीईईररर्र्र्र्ररराआआआआआ
न्न्नीईक्काआअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्न्न्नीईईईईईईई व्व्वाआआआल्ल्ल्ल्लाआआआआआ
हहाआआऐययईईईईईईईईईई तो मुझे सडन्ली इंटरनेट पे देखा हुआ एक वीडियो क्लिप
याद आ गया जिस्मै ऐसे ही एक लड़की किसी लड़के का लंड पकड़ के मूठ मारते
मारते जब उसकी मलाई निकलने लगती है तो अपना मूह लंड को अपने मूह मे ले के
चूसने लगी और उसकी सारी मलाई बड़े मज़े से खा लेट है तो मैं ने भी आओ
देखा ना ताओ और सीधा सर के लंड के सूपदे को अपने मूह मे घुसा लिया और
उनके लंड को चूसने लगी तो सर का हाथ मेरे सर के ऊपेर आ गया और उन्हो ने
मेरे सर को पकड़ के अपनी गंद को बिस्तर से 1 फुट उठा के अपना लंड मेरे
मूह मे घुसेड दिया और मेरे मूह को चोदने लगे उनका लंड बोहोत मोटा भी था
जो मेरे मूह मे कंप्लीट नही घुस रहा था पर सर मस्ती मे घुसाते ही चले गये
और लंड का सूपड़ा जैसे ही मेरे हलक से लगा मेरे मूह से
आआग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह क आवाज़े निकली मेरी गले की नसें
फूल गयी और आँखें अपने सॉकेट से बाहर आने लगी और उसी टाइम पे सर के लंड
मे से उनकी गरम मलाई की मोटी मोटी पिचकारियाँ निकल के मेरे पेट मे
डाइरेक्ट चली गयी. सर मेरे मूह को चोद्ते रहे और मेरा पेट अपनी मलाई से
भरते रहे और मैं उनकी मीठी मीठी मलाई मज़े ले ले के खाती रही. सर ने बोला
के हाईए किट्ट्यूयुयूवयू यह क्या कर दिया तुम ने ऐसा मज़ा तो मुझी कभी
नही मिला था. थॅंक्स कितटुउउ थॅंक्स..

पीके सर अब गहरी गहरी साँसें ले रहे थे, मेरी चूत मे जैसे वबाल आया हुआ
था और मैं वासना की आग मे जलते जलते पागल हो रही थी जी चाह रहा था के बस
अभी चढ़ के सर के लंड की सवारी शुरू कर्दु पर डर भी लग रहा था के इतना
बड़ा और मोटा गधे जैसा लंड मेरी छोटी सी कुँवारी चूत मे घुस पाएगा भी या
नही. मैं आज इस हाथ लगे चान्स को खोना भी नही चाहती थी और बॅस मेरे
दिमाग़ मे तो चुदने का भूत सवार था और मैं डाइरेक्ट सर के ऊपेर चढ़ के
बैठ गयी.
सर के पैर सीधे रखे हुए थे और उनका लंड थोड़ा सा नरम हो गया था और उनके
नेवेल पे किसी साँप की तरह पड़ा हुआ था. मैं अपन्नी दोनो टाँगें सर के
हिप्स के इधर उधर रख के उनके लंड के डंडे पे अपनी चूत की फाँकें रख के
आगे पीछे फिसलने लगी मेरी चूत तो समंदर जैसी गीली हो रही थी. सर ने बोला
के किट्टू यह क्या कर रही हो अभी तुम्हारी उमर ही क्या है और फिर यह देख
रही हो मेरा क़ुतुब मीनार तुम इसे झेल नही पावगी तो मैं ने कहा के सर मैं
ने जब से आपका यह क़ुतुब
मीनार देखा है मैं तो इस की दीवानी हो गयी हू आज चाहे कुछ भी हो जाए मुझे
यह चाहिए तो बॅस चाहिए मैं अब और बर्दाश्त नही कर सकती तो उन्हो ने कहा
के तुम्हारी मर्ज़ी किट्टू मैं तुम पे ही छोड़ता हू तुम खुद ही इसको
जितना मर्ज़ी आए अंदर ले लेना तो मैं ने कहा के सर आज तो मैं इसको पूरे
का पूरा अपनी चूत के अंदर लेलुँगी मैं अब इसके बिना नही रह सकती तो सर ने
कहा के मेरी पत्नी इसे अब तक मेरा पूरे का पूरा लंड अपनी चूत के अंदर तक
नही ले पाई है तो तुम कैसे झेल पओगि तुम तो अभी कुँवारी हो तो मैं ने कहा
के मुझे कुछ नही मालूम सर अगर बाइ अन्य चान्स मैं इसको अपने अंदर नही ले
पाई तो आप कुछ भी कीजिए और चाहे मेरी चूत फॅट जाए इसको पूरे का पूरा मेरी
चूत के अंदर पेल दीजिए. मैं ने इंटरनेट पे लंड देखे तो है पैर ऐसे नही
देखे तो वो हस्ने लगे और बोले के किट्टू मेरी बीवी सुनीता भी इसे अभी तक
सही तरीके से ना अपने मूह मे ले पाई है और ना ही चूत के अंदर और मुझे
डाउट है के तुम इसको अपनी इतनी छोटी सी चूत के अंदर ले पओगि तो मैं ने
कहा के मुझे कुछ नही मालूम सर के आप मेरे साथ क्या करते है और कैसे करते
है लैकिन यह आज मुझे पूरे का पूरा चाहिए तो उन्हो ने कहा के प्लेषर ईज़
माइन. हेल्प युवरसेल्फ. आइ आम ऑल युवर्ज़.
पीके सर मुझे नीचे झुका के मेरी चुचिओ को चूसने लगे उफ्फ क्या बताउ कितना
मज़ा आया आज पहली बार मेरी चुचियाँ किसी के मूह मे गयी थी और आज कोई पहली
बार मेरी चुचिओ को चूस रहा था मेरे बदन मे एलेक्ट्रिसिटी दौड़ने लगी. रूम
भी अंधेरा ही था और बारिश बड़े ज़ोरो की पड़ रही थी कभी जब बिजली कड़क के
चमक जाती तो उसकी रोशनी मे हम एक दूसरे को देख पाते बड़ा रोमॅंटिक महॉल
था. सर का लंड मे एक बार फिर से सख्ती आ गयी थी और वो लोहे जैसा सख़्त हो
गया था और मैं उस के डंडे पे फिसल रही थी और सर मुझे झुका के मेरी चुचिओ
को चूस रहे थे और बोल रहे थे के किट्टू आज तक मेरी वाइफ ने कभी भी मेरे
लंड को नही चूसा था आज तुम ने मेरी वो इच्छा भी पूरी कर दी और मुझे वो
मज़ा दिया है जिसके मैं सिर्फ़ ख्वाब ही देखा करता था यू आर ग्रेट तो मैं
ने कहा के सर आपका पहला ही लंड है जिसे मैं ने अपना हाथ लगाया है और आज
ही फर्स्ट टाइम लंड को चूसने का और मलाई खाने का मज़ा लिया है.
अब हम दोनो लंड और चूत जैसे शब्दो का उपयोग बिंदास कर रहे थे.
अब मेरा शोक और एग्ज़ाइट्मेंट बढ़ता ही चला जा रहा था और अब मेरी चूत सर
के गधे जैसे लंड को अपने अंदर लेने के लिए
बेताब हो रही थी तो मैं घुटनो के बल हो थोड़ा झुक गयी और अपने हाथ से
पकड़ के लंड को अपनी गीली चूत के सुराख मे सेट किया. सर के लंड मे से अब
प्री कम निकलना चालू हो गया था और मेरी गीली चूत के सुराख मे लग रहा था
और सुराख को स्लिपरी बना रहा था. एक बार फिर सर ने मुझ से पूछा किट्टू
तुम्है मालूम है तुम क्या करने जा रही हो तो मैं ने झुक के सर के कान मे
बड़े रोमॅंटिक स्टाइल मे कहा सर मुझे आपके यह मस्त लंड के सिवा कुछ नही
चाहिए आज मेरी चूत को फाड़ ही डालो सर, चोद डालो मुझे और मुझे लड़की से
औरत बना डालो मैं ऐसे लंड पे आपको अपनी चूत की गुरु दक्षिणा देती हू और
धीरे से उनका कान काट लिया और उनके नेक पे किस कर दिया और अपनी ज़ुबान
उनके मूह मे घुसेड दी. मुझे तजुब इस बात का हो रहा था के मैं एक सीधी
साधारण सी लड़की जिसको कभी सेक्स की ऐसी इच्छा कभी नही हुई थी पर पता नही
आज क्या हो गया है मुझे यह मेरी समझ से बाहर था. मैं ने अपना ध्यान पूरा
सर के लंड और अपनी कुँवारी चूत पे लगा दिया. मैं थोड़ा सा अपनी जगह से उठ
गयी और सर के लंड को अपनी चूत के सुराख पे सटा दिया और जोश मे एक दम से
अपना पूरा वज़न उनके लंड पे डाल दिया.

लंड का टेबल टेन्निस बॉल से भी
थोड़ा मोटा सूपड़ा मेरी गीली चूत मे एक झटके से घुस्स गया तो मुझे लगा
जैसे मेरी चूत के अंदर कोई बॉम्ब घुस्स गया हो और चूत के अंदर जलन होने
लगी और मैं चिल्ला पड़ी ऊऊऊऊऊओईईईईईईइ म्‍म्म्मममममाआआआअ और एक दम से
उनके लंड से उछल गयी तो एक “प्लॉप” की आवाज़ से लंड का मोटा लाल सूपड़ा
चूत से बाहर निकल गया. सर ने कहा किट्टू आराम से अंदर लो जल्दी मत करो तो
मे ने कहा ठीक है सर और एक बार फिर से उनके लंड के डंडे को पकड़ के सूपदे
को अपनी चूत के सुराख मे रख दिया. सूपदे के अंदर घुसने से मेरी चूत का
सुराख अब तक खुल बंद हो रहा था. मैं अब धीरे धीरे लंड पे बैठने लगी और
अपना प्रेशर बढ़ाती रही और लंड का सूपड़ा जो प्री कम के निकलने से और
मेरी गीली चूत के जूस से चिकना हो रहा था एक बार फिर से धीरे धीरे अंदर
घुसने लगा. मेरी आँखें तकलीफ़ से बंद हो गयी थी आँख मे से आँसू निकल रहे
थे और दाँत एक दूसरे से मज़बूती से टाइट हो गये थे और मैं अपना प्रेशर और
बढ़ाती चली गयी तो मुझे लग रहा था जैसे कोई गरम लोहे का डंडा मेरी चूत मे
घुस्स रहा हो और मेरी छोटी सी चूत को काट रहा हो. सर ने मुझे झुका लिया
और बोले के अब आहिस्ता आहिस्ता इतना ही अंदर बाहर करती रहो और थोड़ा
थोड़ा प्रेशर बढ़ाती रहो तो मैने हा मे अपना सिर हिला दिया जो अंधेरे की
वजह से सर को नही दिखा. ये कहानी आप HamariVasana पर पढ़ रहे है .
सर मुझे झुका के चुचियाँ चूसने लगे और मेरी गंद और पीठ को सहलाते रहे और
मैं 2 इंच अंदर घुसे लंड को ही अंदर बाहर करने लगी. लंड अब मेरी गीली चूत
मे आराम से उतना ही अंदर बाहर हो रहा था पर जितना लंड अंदर घुसा हुआ था
पर मुझे तो आज अपनी चूत सर के कॉम्प्लेट लंड को भेंट करनी थी इसी लिए जोश
मे ज़ोर ज़ोर से एक बार फिर से आगे पीछे स्लिप होती रही और अपना प्रेशर
बढ़ाती रही. जब सर ने देखा के मैं अब कुछ रिलॅक्स हो रही हू और मस्ती मे
आ गयी हू तो उन्हो ने मेरे चूतदो को पकड़ के अपनी गंद उठा के एक ज़ोर का
धक्का मारा तो लंड मेरी चूत मे एक इंच और अंदर घुस्स गया और मैं फिर से
चिल्ला पड़ी ऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईईईईईईईइ
सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर और अगर
सर मुझे नही पकड़े होते तो शाएद मैं किसी स्प्रिंग की तरह बाहर उछल पड़ती
लैकिन उन्हो ने मुझे कस्स के पकड़ा हुआ था. सर का लंड तकरीबन तीन इंच
मेरी चूत मे घुस्स चुका था और मुझे लग रहा था जैसे वो पूरा जड़ तक अंदर
घुस्स चुका है तकलीफ़ के मारे मेरी जान ही निकली जा रही थी मेरे माथे पे
पसीने की बूँदें निकल आई थी आँखों से आँसू भी निकल रहे थे लैकिन मैं अपनी
तरफ से बराबर कोशिश कर रही थी पर सर का इतना बड़ा और मोटा खंबे जैसा लंड
अंदर घुस ही नही रहा था. सर धीरे धीरे अपनी गंद उठा उठा के चोदने लगे
मेरा बदन रिलॅक्स होने लगा और मुझे भी थोड़ा थोड़ा मज़ा आने लगा और मैने
जोश मे एक बार फिर से पूरी ताक़त से पीछे धक्का मारा तो लंड कुछ और अंदर
घुस गया और मैं स्प्रिंग की तरह से उछल पड़ी और लंड बाहर निकल गया और एक
दम से मेरी चूत खुल बंद खुल बंद होने लगी. मैं सर के बदन पे गिर पड़ी तो
सर ने मुझे किस करना शुरू किया और मेरी पीठ पे प्यार से हाथ फेरने लगे और
मैं धीरे धीरे शांत होने लगी और एक बार फिर से अपने हाथ को पीछे कर के
लंड को चूत के खुले सुराख से सटा दिया और 4 इंच तक लंड ऐसे ही अंदर चला
गया और सर एक बार फिर से मुझे झुका के किस करने लगे और चुचिओ को चूसने
लगे और मैं लंड पे फिसलने लगी.

सर ने मुझ से कहा के किट्टू तुम पलट जाओ और 69 जैसी पोज़िशन मे आ जाओ तो
मैं सर के हेड के दोनो तरफ अपने घुटने मोड़ के झुक गयी और सर मेरी चूत मे
अपनी जीभ घुसा के चूसने लगे आअहह क्या बताउ कितना मज़ा आ रहा था उनकी जीभ
मेरी चूत के सुराख मे थी और वो मेरी क्लाइटॉरिस से खेल रहे थे और कभी
अपने दांतो से काट डालते तो मैं पागल हो जाती. मैं इतनी मस्ती मे आ गयी
थी के सर के मिज़ाइल जैसे खड़े लंड को अपने हलक तक अंदर ले के चूसने लगी
और अपनी गंद उठा उठा के सर के मूह को अपनी चूत से चोदने लगी और मुझे
लगा के मेरा एक और टाइम जूस निकलने वाला है और जैसे ही सर ने मेरी चूत को
अपने दातों से पकड़ा मैं काँपने लगी और सर के मूह मे ही झड़ने लगी और
मेरी चूत से निकले जूस को सर बड़े मज़े से चाटने लगे. अब सर का लंड बोहोत
गीला हो चुका था और मेरी चूत तो समंदर जैसी गीली हो चुकी थी मैं फुल
मस्ती मे आ गयी थी और अब मुझे सर का लंड चाहिए था तो मैं ने कहा के सर अब
आप मेरे ऊपेर आ जाओ और मुझे चोद डालो बॅस अब मेरे से और सहन नही होता. और
सर के कुछ बोलने से पहले ही मैं उनके ऊपेर से उठी और साइड मे लेट गयी.
अंधेरे की वजह से कुछ नज़र भी नही आ रहा था और कंटिन्यू बारिश के चलते
महॉल बे इंतेहा रोमॅंटिक हो गया था और कमरे के डोर और विंडो बंद होने से
और वासना की आग मे जलने से हमारे बदन बोहोत ही गरम हो चुके थे और हमै अब
ठंड भी नही लग रही थी..
मैं पीठ के बल लेती थी और अब सर मेरे पैरो के बीचे मे आ गये और अपने पैर
पीछे की ओर कर के बेड के कॉर्नर से टीका दिए और लंड जितना अंदर पहले था
उतना अंदर घुसा के मेरे ऊपेर झुक गये और मेरी चुचिओ को एक के बाद दूसरी
चूसने लगे और निपल्स को काटने लगे मेरी आन्खै मस्ती मे बंद हो गयी थी. सर
ने मुझे बगल से हाथ निकाल के शोल्डर को टाइट पकड़ा हुआ था और अपनी गंद
उठा उठा के मुझे चोदने लगे मुझे बोहोत ही मज़ा आ रहा था. मैं ने अपनी
टाँगें सर के बॅक से लपेट ली जिस से मेरी चूत कुछ और खुल गयी थे और मैं
सर की पीठ को धीरे धीरे सहला रही थी मुझे बोहोत ही मज़ा आ रहा था. सर ने
थोड़ा प्रेशर बदाया और लंड का सूपड़ा कुछ और अंदर आ गया और शाएद मेरी
कुँवारी चूत की सील से टकरा गया. सर ने चोदना बंद कर दिया और अपने लंड को
चूत के अंदर ही रखे रखे बोले के किट्टू एक बार और सोच लो देखो अभी तुम
कुँवारी हो और कही तुम्है बाद मे अफ़सोस ना हो तो मैं ने मस्ती मे बंद
आँखो से उन्है बड़े प्यार से किस करते हुए कहा के सर अब वक़्त आ गया है
आप अपनी गुरु दक्षिणा ले लो मैं बिल्कुल तय्यार हू और मुझे कभी भी कोई
अफ़सोस नही होगा बलके मैं तो सारी ज़िंदगी खुश रहूगी के मेरी सील एक इतने
बड़े मस्त मोटे और लोहे के मूसल जैसे लंड से टूटी है जिसकी कल्पना सभी
लड़कियाँ किया करती है. यह तो मेरी किस्मेत है सर अब आप और कुछ ना सोचो
और पेल दो अपना यह मूसल मेरी गरम कुँवारी चूत के अंदर तो सर ने कहा ठीक
है अगर तुम ऐसे ही मुझे गुरु दक्षिणा देना चाहती हो तो ऐसे ही सही मैं
तुम्हारी इच्छा के मुताबिक अपनी गुरु दक्शणा तुम्हारी कुँवारी चूत की सील
से ले लूँगा.

सर ने एक बार फिर मेरे मूह मे अपनी जीभ डाल दी और हम टंग सकिंग पॅशनेट
किस करने लगे. मेरी गंद ऑटोमॅटिकली ऊपेर उठ रही थी और सर के लंड को अपनी
चूत के अंदर लेने को उतावली हो रही थी. सर ने अब चोदने की थोड़ी सी स्पीड
बढ़ा दी थी. एक बार फिर से मेरे बगल से हाथ डाल के शोल्डर को बोहोत टाइट
पकड़ लिए थे. लंड बड़ी आसानी से गीली चूत मे तकरीबन 4 इंच तक अंदर बाहर
हो रहा था और मेरा मस्ती और मज़े के मारे बुरा हाल था. मैं सर से चिपकी
हुई थी. सर के चोदने की स्पीड जैसे जैसे बढ़ने लगी मेरा बदन वैसे ही
काँपने लगा और मैं ने सर के बॅक को टाइट पकड़ लिया और उनके मूसल लंड पे
ही झड़ने लगी. मेरे जूस से चूत कुछ ज़ियादा ही गीली हो गयी थी और सर का
लंड बड़े आराम से अंदर बाहर हो रहा था. मेरी आँखें मस्ती मे बंद हो चुकी
थी और मैं अभी अपने ऑर्गॅज़म के नशे मे डूबी हुई थी के सर ने मुझे बोहोत
ही टाइट पकड़ लिया और अपना पूरा लंड सूपदे तक मेरी चूत से बाहर निकाला और
एक बोहोत ही ज़ोर दार पूरी ताक़त से धक्का मारा तो उनका क़ुतुब मीनार
जैसा बड़ा और मूसल जैसा मोटा और लोहे जैसा सख़्त लंड मेरी कुँवारी चूत की
सील को फाड़ता हुआ और मेरी चूत को किसी मिज़ाइल की तरह से चीरता हुआ मेरी
छोटी सी मासूम और कुँवारी चूत की गहराइयों मे उतर गया और मेरे मुँह से
चीख निकली ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई
म्‍म्म्मममममममममाआआआआआआआआअ
म्‍म्म्मममममममममाआआआआआररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रररीईईईईईईईईईई
हहाआआआआआआआययययययययययययययईईईईईईई
सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर
हहाआआआआआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईईई और मेरे दिमाग़ मे लाखों पटाखे फूटने
लगे जैसे दीवाली की रात मेरे दिमाग़ मे ही उतर आई हो और आँखो से आँसू रोल
हो के मेरे गालो से बेड पे गिरने लगे, ऐसे लगा जैसे मेरी छोटी सी चूत मे
किसी ने लोहे का गरम गरम डंडा घुसा दिया हो और मेरी चूत के दो टुकड़े कर
दिए हो, चूत मे ऐसी जलन हो ने लगी जैसे किसी ने ढेर सारा लाल मिर्च पाउडर
मेरी चूत मे भर दिया हो. दारद के मारे पहले तो मैं सर के बदन से बोहोट
ज़ोर से चिपक गयी फिर मेरा सारा बदन एक दम से बेजान हो गया और मेरे हाथ
और पैर उनके बदन से निकल के बिस्तर पे गिर पड़े. चीख के साथ ही बिजली भी
बड़ी ज़ोर की आवाज़ के साथ चमक उठी सारा कमरा 2 – 3 सेकेंड्स के लिए रोशन
हो गया पर मेरे दिमाग़ मे तो अंधेरा ही छाया रहा और पटाखे फूट रहे थे और
कमरा गोल गोल घूम रहा था. अगर ऐसे टाइम पे बिजली नही कड़कती तो शाएद मेरी
चीख 1 किलो मीटर दूर मेरे घर तक आसानी से सुनाई देती.
कुछ देर के बाद मेरे होश ओ हवास ठीक हुए और मेरी आँख खुली तो सब से पहले
तो मैं यह सोचने लगी के मैं कहा हू और मुझे क्या हुआ है पर जैसे ही मुझे
सर का गरम मोटा और लोहे जैसा सख़्त लंड अपनी फटी चूत मे चूबता महसूस हुआ
मुझे सब याद आ गया के अब मैं ने अपने गुरु को अपनी कुँवारी छूट की
दक्षिणा दे दी है और अपनी छोटी सी कुँवारी चूत की भेंट उनके मस्त मूसल
लंड की भेंट चढ़ा दी है. मेरे बदन मे कुछ मूव्मेंट्स हुई तो सर ने समझा
के मेरे दिमाग़ से वो डार्क फेज़ हट गया है और उन्हो ने अपना लंड धीरे
धीरे मेरी चूत से बाहर निकाला तो मुझे महसूस हुआ के मेरी चूत की पतली
चमड़ी उनके लंड के साथ बाहर निकल रही है. पहले तो वो धीरे धीरे लंड को
अंदर बाहर कर के मुझे चोद्ते रहे. थोड़ी ही देर मे मुझे मज़ा आने लगा और
मैं ने सर के बदन को अपने हाथो और पैरो से एक बार फिर से पकड़ लिया और
अपनी टाँगें सर के बॅक पे लपेट ली और अपनी गंद उठा उठा के उनके धक्को को
मॅच करती हुई मज़े ले ले के चुदवाने लगी. लंड पूरा अंदर बाहर हो रहा था
और मुझे लग रहा था जैसे वो मेरी चूत मे से घुस्स के मेरे पेट मे से होता
हुआ मेरे मूह से बाहर निकल जाएगा. मेरी चूत के मसल्स सर के मूसल लंड के
डंडे को टाइट पकड़े हुए थी. एक बार जब उनका मोटे लंड का मोटा सूपड़ा मेरी
बच्चे दानी को ज़ोर से हिट किया तो मैं काँपने लगी और सर के बदन को ज़ोर
से पकड़ लिया और काँपते हुए झड़ने लगी. मेरी चूत मे से निकला हुआ जूस
मेरी चूत को और ज़ियादा स्लिपरी बना चुका था और अब मुझे बोहोत ही मज़ा
आने लगा था. सर के चोदने की स्पीड भी अब बढ़ गयी थी और वो मुझे तूफ़ानी
रफ़्तार से चोद रहे थे मेरी चूत ने सर का पूरे का पूरा लंड अपनी गहराइयों
मे ले लिया था. सर ने मुझे बड़ी ज़ोर से टाइट पकड़ा हुआ था और बेड के
किनारे से अपने पैर टिकाए कस्स कस्स के धक्के मार मार के मेरी चुदाई कर
रहे थे. अब उनकी चुदाई की स्पीड बोहोत ही तेज़ हो गयी थी और मुझे लगा के
मेरा जूस एक बार फिर से छूटने वाला है तो सर ने एक बार और पूरी ताक़त से
बड़ा करारा धक्का मारा और अपने गरम मूसल को मेरी चूत की ग्रहराइयों मे
घुसेड दिया जो एक बार फिर से मेरी फटी चूत को चीरता हुआ पूरा अंदर घुस्स
गया और बड़ी ज़ोर से मेरी बच्चे दानी से टकराया और उनके मूसल लंड से मोटी
मोटी मलाई की गरम गरम धारियाँ उछल उछल के मेरी बच्चे दानी को फुल करने
लगी और मेरी चूत के अंदर सर की मलाई की बरसात होने लगी मुझे ऐसा लगा जैसे
किसी सूखी ज़मीन मे बरसात पड़ी हो और उस ज़मीन को निहारते हुए उस मे से
एक अनोखी और मस्त खुश्बू आने लगी हो . सर के लंड मे से इतनी मलाई निकली
के मुझे लगा के अब उनके लंड से निकली मलाई मेरे मूह से बाहर आ जाएगी और
उनकी मलाई की पहली धार के साथ ही
एक बार फिर से मेरी चूत के अंदर से ऐसे जूस निकलने लगा जैसे कही फ्लड आ
गया हो.

हम दोनो गहरी गेँरी साँसें ले रहे थे मैं ने सर के बदन को बड़े
प्यार से पकड़ा हुआ था और उनकी पीठ सहला रही थी, हम दोनो की आँखें बंद हो
गयी थी. सर गहरी गहरी साँसें लेते हुए मेरे बदन पे गिर पड़े और उनका मूसल
लंड मेरी चूत की गहराइयों मे पड़ा फूल रहा था और मेरी चूत को किसी बॉटल
के ढक्कन की तरह से टाइट सील कर दिया था.
पता नही हम दोनो एक दूसरे की बाहो मे कितनी देर पड़े रहे. थोड़ी देर के
बाद जब होश आया तो सर ने कहा थॅंक यू वेरी मच किट्टू यू अरे ग्रेट आज तुम
ने जो मुझे मज़ा दिया है मैं उसकी बॅस कल्पना ही किया करता था और आज
तुमने मेरी कल्पना को साहकार कर दिया. मेरी पत्नी आज तक मेरे लंड को अपनी
चूत मे पूरा अंदर तक नही ले पाई और तुम ने पूरे का पूरा एक ही टाइम मे
अंदर ले लिया यू आर रियली ग्रेट किट्टू यह कह के मेरे चेहरे पे, होंठो पे
और आँखो पे किस की बारिश करते जा रहे थे तो मैं ने उन्है चूमते हुए कहा
के सर आपकी पत्नी को शाएद आपके लंड की कदर नही है और उन्है यह लोहे जैसे
सख़्त और रॉकेट जैसे एरेक्ट लंड का मज़ा नही मालूम और जिस दिन ऐसे मस्त
लंड का मज़ा उनकी चूत को लग जाएगा मुझे यकीन है के वो आपके लंड की पूजा
करना शुरू कर देगी. यह सुन के सर मुस्कुराने लगे और बोले के पता नही वो
दिन कब आएगा या आएगा भी या नही. . अरे वो तो तीन चार इंच ही अंदर ले के
रोने लगती है और मुझे उस पर दया आ जाती है मैं क्या करू और हट जाता हू और
फिर वो अपने हाथो से मूठ मारके ही मेरी मलाई निकाल देती है और हस्ते हुए
बोले के अब वो मूठ मारने मे पर्फेक्ट हो गयी है, मुझे लगता है के उसको
सेक्स मे कोई इंटेरेस्ट नही है मेरी ज़िंदगी बॅस ऐसे ही चल रही है इसी
लिए वो यहा मेरे साथ नही रहती मेरी समझ मे नही आता के मैं क्या करू तो
मैं ने बोला के सर आप क्यों फिकर करते है अब तो मैं हू ना आपके पास मे तो
आपके इस वंडरफुल लंड की दीवानी हो चुकी हू और जब जब मोका मिलेगा मैं आपसे
चुदवाती रहूगी और आपके लंड की गर्मी को शांत करती रहूगी तो वो मुझे बे
तहाशा चूमने लगे और बोले के थॅंक्स किट्टू सच मे आज तुम ने जो मुझे गुरु
दक्षिणा दी है ऐसी गुरु दक्षिणा आज तक किसी ने किसी भी शिष्या ने किसी भी
गुरु को नही दी होगी.आज तुमने जो मज़ा मुझे दिया है उसे मैं ज़िंदगी भर
नही भूल पाऊँगा तो मैं ने भी कहा के सर मैं भी आप के ऐसे मस्त मूसल जैसे
और लोहे जैसे सख़्त लंड से अपनी कुँवारी चूत को चुदवाना सारी ज़िंदगी याद
रखूँगी और हम फिर एक दूसरे से लिपट गये और किस्सिंग करने लगे.
सर मेरे बदन पे पड़े मुझ से बातें कर रहे थे और मुझे प्यार कर रहे थे
इतने मे एलेक्ट्रिसिटी आ गयी और कमरे का बल्ब रोशन हो गया और एक दम से
हमारी आँखें चुन्धिया गयी और ऑटोमॅटिकली बंद हो गयी फिर थोड़ी देर मे हम
ने आखें खोली और सर मेरे बदन से लुढ़क के मेरे साइड मे लेट गये. उनका लंड
मेरी फटी चूत को जैसे ढक्कन से सील करते है वैसे अंदर घुस के सील किया
हुआ था और मेरी फटी हुई चूत मे से बाहर निकलते ही जैसे बॉटल का ढक्कन खुल
गया और मुझे ऐसा लगा जैसा मेरे बदन का ही कोई हिस्सा मेरे बदन से निकल
गया हो और चूत एक दम से खाली खाली महसूस होने लगी और लंड के बाहर निकलते
ही मेरी चूत मे जो हम दोनो की मिक्स मलाई इकट्ठा हो गयी थी और मेरी चूत
पे उनके लंड का ढक्कन लगा था और वो खुल गया और साथ मे ही मेरी चूत मे से
हम दोनो का मिक्स जूस ऐसे निकलने लगा जैसे किसी नदी मे बाढ़ आ गयी हो और
बिस्तर पे गिरने लगा. मैं उठ के बैठ गयी और खुली टाँगो के बीच से अपनी
दुखती हुई चूत को देखा तो हैरान रह गयी वाहा बिस्तर पे मेरी चूत से निकली
हमारी मिक्स मलाई और मेरे खून का एक बूत बड़ा पूल जैसे बन गया था.

इतना
खून तो मेरे मेनास के टाइम पे भी नही निकलता था. मुझे लगा जैसे मेरे बदन
का आधा खून निकल गया हो और मुझे एक दम से वीकनेस महसूस होने लगी. सर ने
मुझे पकड़ के उठाया और हम दोनो बातरूम मे घुस गये और एक साथ ही शवर लेने
लगे. ठंडे ठंडे मौसम मे और ऐसी एस्पेशली मस्त चुदाई के बाद गरमा गरम पानी
से शवर लेने का अपना ही मज़ा है.
हम दोनो ने एक दूसरे को साबुन लगाया और मैं ने सर के लटकते हुए लंड पे जो
मलाई और मेरा खून लगा हुआ था उसको साबुन लगाया और धोने लगी. सर ने भी झुक
के मेरी झतो भरी चूत पे साबुन लगाया और सॉफ किया. सर ने पूछा के किट्टू
तुम झातें नही निकालती हो तुम ? तो मैं हस के बोली के सर जब मैं पॅंटी के
ऊपेर से अपनी चूत को खुजाति हू तो यह मेरी चूत मे घुसती है और मुझे
गुदगुदी होती है तो मज़ा आता है और कभी कभी तो मैं ऐसे ही डिसचार्ज भी हो
जाती हू तो वो हंस पड़े तो मैं ने पूछा के सर आपको पसंद नही तो मैं शेव
कर लेती हू तो बोले के हा लड़कियो को चाहिए के अपनी चूत को हमेशा ही
मक्खन जैसी चिकनी बना कर रखा करे. चिकनी चूत बोहोत प्यारी लगती है और
उसको चाटने मे मज़ा भी बोहोत आता है तो मैं ने कहा के सर कल देख लेना शेव
कर के आउन्गी और आपको अपनी चिकनी चूत के दर्शन करवाउंगी.
हम दोनो एक दूसरे को साबुन लगा के रगड़ रहे थे. जैसे जैसे मैं सर के लंड
को रगड़ रही थी तो एक ही मिनूट के अंदर उनका लंड एक बार फिर से किसी नाग
की तरह उठ के खड़ा हो गया और हिलने लगा. उनका लंड इतना बड़ा था के मेरे
दोनो मुत्ठियो मे भी नही आ रहा था. मैं उनके लंड को पकड़ के फ्लोर पे बैठ
गयी और लंड को अपने मूह मे ले के मज़े से चूसने लगी. उनका लंड अब मेरे
मूह मे फुल्ली एरेक्ट हो चुका था और आधे लंड से ही मेरा मूह भर गया था.
मैं धीरे धीरे उनके लंड को चूसने लगी और वो भी मेरे सर को पकड़ के मेरे
मूह को चोदने लगे. सर ने शवर बंद कर दिया और मुझे घोड़ी बनने को कहा (
डॉगी स्टाइल ) तो मैं डर गयी के कही सर अपने इतने लंबे और मोटे लंड से
मेरी गंद ही ना फाड़ डाले. मैं थोड़ा हेज़िटेट कर रही थी तो बोले के अरे
किट्टू डरती क्यों है मैं गंद नही मरूगा पीछे से चूत मे ही डाल के चोदुगा
तो मैं पलट गयी और घोड़ी बन गयी तो सर ने अपना लंड पीछे से मेरी चूत जो
अब पूरी तरह से खुल चुकी थी उसके सुराख से लंड के सूपदे को सटा दिया और
झुक के मेरे शोल्डर्स को कस्स के पकड़ लिया और एक ही पवरफुल धक्के मे
अपने गधे जैसे लंबा और लोहे जैसे सख़्त लंड को मेरी फटी चूत मे घुसा दिया
मैं एक बार फिर से चिल्ला पड़ी
हहाआआआआआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई
सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर
आआआआआआआआअहह मेरा मूह तकलीफ़ से खुल गया और ज़ुबान बाहर आ गयी और मुझे
लगा के उनका लंड मेरी चूत को फाड़ता हुआ मेरे मूह से बाहर निकल जाएगा और
मुझे लगा जैसे एक लंबा गरमा गरम मिज़ाइल मेरी चूत के रास्ते मेरे पेट मे
घुस गया हो और मेरे घुटने फ्लोर से स्लिप हो गये और मैं शवर ट्रे के अंदर
ही पेट के बल गिर गयी और मेरे साथ मे ही सर भी मेरे बदन पे गिर पड़े उनका
लंड मेरी चूत मे घुसा हुआ था और वो मेरे ऊपेर पड़े हुए थे.

मेरे नीचे गिरने के बावजूद भी उनका लंड मेरी चूत से बाहर नही निकला था.

वो थोड़ी देर मेरे ऊपेर लेटे लेटे ही वेट करते रहे और जब मेरी चूत उनके

मूसल लंड से अड्जस्ट हो गयी तो उन्हो ने अपनी गंद ऊपेर नीचे कर के मुझे

चोदना शुरू कर दिया. मेरी गंद थोड़ी सी ऊपेर उठ गयी थी और वो पीछे से चूत

मे लंड घुसाए चोदने लगे. पानी लगने की वजह से मेरी झांतें भी गुच्छा बन

चुकी थी और उनके लंड के साथ ही मेरी झातें भी मेरी चूत मे घुस गयी थी जो

एक अनोखा मज़ा दे रही थी जैसे जैसे उनका लंड मेरी चूत के अंदर जाता मेरी

झातें भी उनके लंड के साथ अंदर जाती और लंड के साथ ही वापस बाहर आ जाती. ये कहानी आप HamariVasana पर पढ़ रहे है .

मुझे लगा के आज सर को

पहली बार इतना आनंद आया है इसी लिए वो मुझे चोदने के लिए इतने उतावले हो

रहे है और साथ मे ही मुझे वो कहावत याद आई “फोकट की चूत मिली तो भिकारीओं

की तरह से टूट पड़े” कुछ यही हाल पीके सर का भी हो गया था उनको भी आज एक

ऐसी ही फोकट की चूत मिल गयी थी और वो किसी भिकारी की तरह से मेरी चूत पे

टूट पड़े थे. सर धना धन्न ऐसे मुझे चोद रहे थे जैसे कोई लेबर किसी दीवार

को तोड़ने के लिए उसपे हथोडे बरसाता है वैसे ही हथोदे जैसे झटके मार रहे

थे. मेरी चुचियाँ इतनी बड़ी भी नही थी जो लटक के झूलने लगती तो वो झूल

नही रही थी बॅस वही मेरे सीने से लगी हुई हिल रही थी तो सर ने उन्है पकड़

लिया और मसल्ने लगे और मुझे घचा घच चोदने लगे. मैं भी कुछ इतनी गरम हो

चुकी थी के मेरे बदन पे लगा सारा पानी सूख गया था. सर बोहोत ज़ोरो से

मेरी चुदाई कर रहे थे और मुझे बोहोत ही मज़ा आ रहा था. उनका लंड मेरी

बच्चे दानी से कंटिन्यू टकरा रहा था और एक ही मिनिट के अंदर मेरी चूत मे

हल चल मचने लगी और मैं उनके लंड के ऊपेर ही झड़ने लगी. मेरी चूत मे से

निकले जूस की वजह से उनका इतना बड़ा गधे जैसा लंड भी अब आराम से मेरी चूत

के अंदर बाहर घुस रहा था और मैं मस्ती मे आँखें बंद किए चुदवा रही थी और

ऐसी वंडरफुल चुदाई का पूरा आनंद ले रही थी और सोच रही थी के मैं कितनी

खुश किस्मेत हू के ऐसा लंड मिला है मेरी चूत के द्वार खोलने के लिए.

थोड़ी देर मे ही उन्हो ने मेरी कमर को पकड़ के आपने ऊपेर कुछ लिया और ऐसे

पोज़िशन चेंज कि के वो नीचे पीठ के बल लेट गये और मैं उनके लंड पे बैठी

हुई थी मेरा मूह उनके पैरो की तरफ था और मेरी पीठ उनके मूह की तरफ. कुछ

देर ऐसे ही चोदने के बाद उन्हो ने मुझे अपने ऊपेर झुका लिया और मेरी

चुचिओ को मसल्ने लगे और अपनी गंद उठा उठा के मुझे चोदने लगे ऐसी पोज़िशन

मे उनका इतना लंबा लंड भी मेरी चूत के अंदर कंप्लीट नही घुस्स पा रहा था

और वो बॅस आधे ही लंड से मुझे चोदे जा रहे थे. यह पोज़िशन कुछ ज़ियादा

ठीक नही लग रही थी तो सर ने अपना लंड मेरी चूत मे से बाहर खेच के निकाल

लिया और एक बार फिर मुझे लगा के मेरी चूत खाली खाली हो गयी हो. अब सर

फ्लोर पे खड़े हो गये और मुझे पलटा के अपने सामने खड़ा कर लिया. उनका लंड

जोश मे हिल रहा था ऊपेर नीचे हो रहा था और उनके पेट तक लग के जैसे मेरी

कुँवारी चूत की दक्षिणा से खुश हो के सल्यूट कर रहा था.

मैं ने एक बार

फिर से सर के लंड को अपने हाथ मे पकड़ के दबाया और तीन चार टाइम मूठ जैसा

मारा. सर ने मुझे मेरी बगल मे हाथ डाल के उठा लिया और ऑटोमॅटिकली मेरी

टाँगें खुल गयी और उनके बॅक पे

लिपट गयी और सर ने अपने हाथ मेरे चूतदो के नीच रख के सपोर्ट दिया और मैं

उनके गले मे अपनी बाहें डाल के झूलने लगी. लंड का सूपड़ा ऑटोमॅटिकली मेरी

खुली हुई चूत के सुराख से लग गया ऐसा लग रहा था जैसे लंड के हेड मे आँखें

हो और वो अपना रास्ता खुद ही तलाश कर रहा हो. सर का लंड मेरी चूत के

सुराख के अंदर घुसते ही सर ने अपने हाथो की ग्रिप मेरे ऊपेर चूतदो पर

थोड़ी सी लूस कर दी और जैसे ही मे थोड़ा सा नीचे स्लिप हुई तो सर का लंड

एक ही झटके मे मेरी चूत के अंदर पूरे का पूरा घुस्स गया और सर मेरी चूतदो

को पकड़ के मुझे उछाल उछाल के मुझे खड़े खड़े चोदने लगे ऐसी पोज़िशन मे

लंड मेरी चूत के बोहोत अंदर तक घुस्स रहा था और मैं एक ही धक्के मे

काँपते हुए उनके लंड पे झड़ने लगी.

मेरी चुचियाँ सर के मूह के सामने डॅन्स कर रही थी तो उन्हो ने मेरी चुचिओ

को अपने मूह मे भर लिया और चूसने लगे निपल्स को अपने दांतो से काटने लगे.

मुझे बोहोत ही मज़ा आ रहा था और सर के इतने मस्त लंड से चुदवाने मे बोहोत

ही मज़ा आ रहा था. सर मेरी चूतदो को पकड़ के मुझे उछाल रहे थे जिस से मैं

उनके लंड पे ऊपेर नीचे हो रही थी. थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद सर ने

मुझे दीवार से लगा दिया. मैं सर के गले मे बाहें डाले उनसे किसी बेल की

तरह लिपटी हुई थी मेरे पैर सर के बॅक से लिपटे हुए थे और मेरी कमर दीवार

से लगी हुई थी. अब सर ने लंड को पूरा बाहर तक निकाल निकाल के चोदना शुरू

किया वो बोहोत ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहे थे ऐसा लगता था जैसे उनका

क़ुतुब मीनार जैसा लंबा और लोहे जैसा सख़्त लंड मेरी चूत को फाड़ता हुआ

पीछे दीवार मे घुस्स जाएगा. उनका लंड किसी जॅक हॅमर की तरह से मेरी चूत

को चोदे जा रहा था. एक ही पवरफुल धक्के मे मेरा मूह खुल गया और मेरी चूत

मे फ्लड आ गया और जूस रिलीस होने लगा. अब सर को बड़ी अछी पोज़िशन मिल गयी

थी उनके पैर पीछे बाथ टब मे टीके हुए थे और मैं दीवार से टिकी हुई थी और

सर बोहोत ही पवरफुल धक्के मार रहे थे ऐसा लग रहा था जैसे आज ही सारी उमर

की चुदाई करने का इरादा हो. सर ने अपने हथोदे जैसे लंड से चोद चोद कर

मेरी चूत की हालत ही बिगाड़ दी थी. बिगिनिंग मे तो मुझे थोड़ी सी तकलीफ़

हो रही थी पर जब से उनका लंड पूरी तरह से मेरी चूत के अंदर घुस गया था और

उनके पवरफुल और डीप स्ट्रोक्स की वजह से उनका लंड मेरी बच्चे दानी से

ज़ोर ज़ोर से टकरा रहा था तो मुझे बोहोत ही मज़ा आ रहा था और मैं उनसे

लिपटी हुई थी और वो मेरी चुचिओ को चूस रहे थे तो मैं अपनी चुदाई के पॅशन

मे बे इंतेहा डूब चुकी थी और पता नही कितने टाइम झाड़ चुकी थी. सर के

धक्के तेज़ होने लगे और हर धक्के से मेरे मूह से

हप्प्प्प्प हप्प्प्प्प और उूउउन्न्ञणणनह उूउउन्न्नह जैसी आवाज़ें निकल

रही थी. और फिर सर ने एक इतनी ज़ोर का धक्का मारा और लंड को मेरी आज ही

की फटी हुई चूत मे इतनी अंदर तक बेदर्दी से घुसेड दिया के मैं चीख पड़ी

ऊऊऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईईईईईईईईईई म्‍म्म्ममममममममममाआआआआआआआअ

हहााआआयययययययययययययईईईईई

सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर और

मैं बड़ी ज़ोर से उनसे लिपट गयी और उसी टाइम पे सर के लंड मे से उनकी

मलाइ की मोटी धार ज़ोर से उछल के मेरी बच्चे दानी से टकराई के मुझे लगा

जैसे राइफल मे से गोली निकली हो और मेरी बच्चे दानी पे निशाना लगा के मार

रही हो और मैं काँपने लगी और मेरी चूत मे एक बार फिर से बाढ़ आ गयी और

जूस किसी टूटी नदी से बाढ़ की तरह निकलने लगा और हम दोनो गहरी गहरी

साँसें लेने लगे और दोनो ऑलमोस्ट बेदम्म हो गये और कुछ देर तक बाथ टब के

अंदर ही बैठे रहे.

मेरी चूत मे से हम दोनो का मिला जुला जूस नीचे बहने

लगा. मैं ने अपनी दुखती हुई चूत पे हाथ लगाया और चूत से निकलते जूस को

उंगलिओ मे लगा के देखा तो मैं हैरान रह गयी एक बार फिर से मेरी चूत से

खून निकला था तो मैं समझ गयी के यह सर के पागलो की तरह से चोदने के नतीजे

मे मेरी चूत की यह हालत हो गयी थी अब मेरी चूत कुँवारी चूत नही भोसड़ा बन

चुकी थी और मेरी छोटी सी चूत का छोटा सा सुराख अब इतना बड़ा घार ( केव )

जैसा जैसा सुराख बन गया था जिस्मै से चूत के अंदर के सॉफ्ट मसल्स दिखाई

दे रहे थे.

थोड़ी देर के बाद जब थोड़ा होश आया तो सिर ने मुझे किस किया और बोले के

किट्टू सच कह रहा हू के आज से पहले मैं ने कभी किसी की चुदाई नही की

क्यॉंके किसी लड़की की चूत मे मेरा लंड घुसता ही नही था. आज तुम ने मुझे

ज़िंदगी का वो सुख दिया है जिसकी तमन्ना मैं ना जाने कितने सालो से कर

रहा था यू आर रियली ग्रेट किट्टू मैं तुम्हारा यह एहसान ज़िंदगी भर नही

भूलुगा तो मैं मुस्कुराने लगी और अपने इस सक्सेस्फुल पर्फॉर्मेन्स पे खुश

होगयी. मैं बाथटब मे दोनो पैर फैलाए बैठी थी मेरी चूत खुली हुई थी मैं ने

झुक के देखा तो वो एक दम से लाल हो गयी थी और ऐसी घमासान चुदाई के बाद

ऐसे खुल गयी थी जैसे चूत का भोसड़ा बन गया हो और शाएद किसी प्रॉस्टिट्यूट

की चूत भी एक महीने की कंटिन्यू चुदाई के बाद भी इतनी चौड़ी नही हुई होगी

जितनी मेरी चूत हो गयी थी. अब सर ने अपने पैर लंबे कर के फैला लिए और

मुझे अपने पैरो पे बिठा लिया और मैं भी अपने पैर उनकी पीठ से लपेट के

उनके थाइस के ऊपेर बैठ गयी. ये कहानी आप HamariVasana पर पढ़ रहे है .

इस पोज़िशन मे एक बार फिर से मेरी चूत सर के मुरझाए हुए लंड के सामने थी.

उनका मरझाया लंड मेरी चूत के सामने

किसी सोए हुए साँप की तरह पड़ा हुआ था और मुरझाया हुआ भी इतना बड़ा था के

मुझे देख के डर लग रहा था मैं एक बार सोचने पे मजबूर हो गयी के मैं ने

इतना बड़ा और मोटा मूसल जैसा लंड अपनी कुँवारी चूत के अंदर कैसे ले लिया

और वो भी एक ही टाइम मे यह सोच के मुझे हैरत होने लगी.

सर बड़े गौर से मेरे राइट बूब के काले तिल को देखते रहे फिर उसे चूमते

हुए कहा के किट्टू यह तुम्हारा ब्यूटी स्पॉट ऐसी वंडरफुल जगह पे है जिसे

मेरे जैसे किस्मेत वाले ही देख सकते है उसके बाद सर मुझे बे तहाशा चूमने

लगे और बार बार सिर्फ़ एक ही बात बोले जा रहे थे किट्टू यू आर ग्रेट,

किट्टू यू आर ग्रेट और मैं भी उनके मूह को चूमने लगी और बोली के सर मुझे

भी तो बोहोत ही मज़ा आया है और मैं जब तक भी आपके इस वंडरफुल लंड से

चुदवाउगि जब तक मोका मिलता रहेगा और मैं ऐसे मस्त मूसल लंड को खोना नही

चाहती तो सर ने एक बार फिर से मुझे चूम लिया और मेरा शुक्रिया अदा करने

लगे.

सर ने अपना हाथ बढ़ा के शवर खोल दिया और हमारे ऊपेर एक बार फिर से हल्के

गरम पानी की फुवार् पड़ने लगी. एक बार फिर से हम दोनो ने एक दूसरे को

बैठे ही बैठे साबुन लगाया और रगड़ रगड़ के नहाए. बाथरूम से बाहर निकले तो

मुझे चलना नही आ रहा था. सर ने सहारा दे के मुझे बाथरूम से बाहर निकाला

और मेरे कपड़े ला के दिए जो अब सूख गये थे. बारिश भी अब रुक चुकी थी रात

के ऑलमोस्ट 10 बज रहे थे तो मुझे होश आया के मेरी चुदाई तो तकरीबन 4 – 5

घंटे तक चलती रही. सर ने अपनी बाइक निकली और मुझे पीछे बिठा के घर की तरफ

चलने लगे. रोड पे पानी भरा हुआ था और बाइक चलना मुश्किल हो रहा था रोड पे

हम दोनो के सिवा कोई और नही था और स्ट्रीट लाइट्स भी पूरी नही जल रही थी

इक्का दुक्का ही जल रही थी. सर ने लोंग जॅकेट पहेन लिया था और मैं बाइक

पे पीछे बैठ के अपने दोनो हाथ उनकी जॅकेट के अंदर रख लिए और सर के लंड को

उनकी पॅंट से बाहर निकाल के अपने दोनो हाथो से पकड़ के मूठ मारने लगी और

मस्ती मे दबाने लगी.

सर का लंड एक बार फिर से किसी मिज़ाइल की तरह खड़ा हो गया था. कभी उनके

लंड को दोनो हाथो से ज़ोर से दबा देती तो कभी मूठ मारने लगती. मुझे उनका

लंड बे इंतेहा पसंद आया था और उनका लंड मेरे हाथो मे बोहोत अछा लग रहा था

और जोश मे मूठ मार रही थी. सर ने मेरे घर से कुछ पहले ही बाइक रोक ली यहा

कुछ अंधेरा भी था. मैं पीछे बैठे बैठे सर के लंड को पकड़ के मूठ मार रही

थी. बाहर से लगती ठंडी हवा से सर को कुछ ज़ियादा ही मज़ा आ रहा था. सिर

बोले

आआआहहह कियीट्टूवूयूयूवूऊवूऊवूयूयुयूवयू आआआऐईईईइस्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईए

हहिईीईईईई आआआवउुउउर्र्र्र्र्र्र्र्ररर

ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ूऊऊऊओरर्र्र्र्र्र्र्र्ररर

सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईईईई कककककककककााआआआररर्र्र्र्र्रूऊऊऊऊऊओ

आआआआअहह आआआऔउउउउउउउउउउर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र

ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ूऊऊओरर्र्र्र्र्र्र्र्ररर

सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईई आआआअहह अब मेरा एक पैर ज़मीन पे था और एक

पैर अभी भी बाइक की सीट पे था और मैं ने एक हाथ से सर की कमर को पकड़ा

हुआ था और दूसरे हाथ से बड़ी ज़ोर ज़ोर से मूठ मार रही थी एक टाइम ज़ोर

से आआआआआआआआआआहह की आवाज़ आई और उनका बदन अकड़ने लगा और मैं ने देखा के

सर के लंड मे से एक मोटी पिचकारी की मोटी धार उछल के बाइक के सामने उड़ी

और बोहोत दूर जा गिरी और फिर छोटी छोटी पिचकारियाँ निकलने लगी जो बाइक की

पेट्रोल टांक पे गिर गयी तो मैं बाइक से नीचे उतरते उतरते पेट्रोल टॅंक

पे पड़ी हुई मलाई को अपने उंगली से उठा लिया और चाट लिया और हस्ते हुए

बोली यम्मी यम्मी है सर आपकी मलाई तो उन्हो ने मुझे एक बार फिर से अपनी

बाँहो मे खेच लिया और एक ज़बरदस्त टंग सकिंग किस किया और बोले के किट्टू

तुम्है नही मालूम के तुम्हारी इस प्यारी गुरु दक्षिणा ने मुझे कितना सुख

दिया है तो मैं उनके होटो पे उंगली रख के बोली के सर आपको ऐसी गुरु

दक्षिणा तो मैं ज़िंदगी भर देती रहूगी आप फिकर ना करे. सर मुझे देखते रहे

और मैं अपने घर की ओर चल पड़ी. मेरे घर मे अंदर जाने से पहले हम दोनो ने

एक दूसरे को हाथ हिला के गुड बाइ कहा और मैं एक फ्लाइयिंग किस करते हुए

अपने घर के अंदर चली गयी.

बाद मे जैसे जैसे हमारी चुदाई बढ़ती चली गयी वैसे ही मेरा और पीके सर का

प्यार भी बढ़ता ही चला गया हम एक दूसरे से बे इंतेहा प्यार करने लगे. मैं

तो उनके मूसल लंड की दीवानी हो गयी हू और जब भी मोका मिलता है हम जी भर

के चुदाई करते है. कभी कभी तो मैं घर मे कोई ना कोई बहाना बना के सर के

पास सारा सारा दिन रुक जाती हू और सारा दिन हम चुदाई ही करते रहते और

सारा दिन घर मे नंगे ही घूमते रहते है. कभी पॉर्न मूवी भी लगा देते और

हमेशा नयी पोज़िशन्स ट्राइ करते. सर ने एक दिन मेरी कुँवारी गंद भी मार

डाली. उस दिन मुझे बोहोत ही तकलीफ़ हुई मैं 2 दिन तक तो चलने के काबिल भी

नही थी घर मे बहाना बनाना पड़ा के मैं सीढियो से गिर पड़ी थी और टांग

मेचोट लगी है और तीन दीनो तक ऑलमोस्ट बेड पे ही थी.

ये कहानी Guru Ne Guru Dakshina Mein Kunwari Chut Li आपको कैसी लगी कमेंट करे………….

1 thought on “Guru Ne Guru Dakshina Mein Kunwari Chut Li – गुरु दक्षिणा में कुंवारी चूत ली

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