Jija Ke Lund Ko Train Mein Thanda Kiya – जीजा के लंड को ट्रेन में ठंडा

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम आराधना सिंह है। मैं पुणे में रहती हूँ। मै देखने में बहुत सुंदर लगती हूँ। मेरी उम्र भी 24 साल की है। मैं देखने में बहुत ही शरीफ लड़की लगती हूँ। लेकिन ईश्वर ने मेरे को भी दूध दिए है किसी को पिलाने को। चूत दिया है चुदवाने को। मेरी बढ़ती जवानी के साथ चुदने की प्यास भी बढ़ती जा रही थी। मेरे को लंड की तलाश थी। रोजाना हाथ से काम चला रही थी। बैगन डालकर पहली बार सील तोड़ी थी। मेरी चूत में खुजली शुरू हो चुकी थी। मैने अपने बूब्स को दबा दबा कर बहोत ही बड़ा बड़ा कर लिया था। Jija Ke Lund Ko Train Mein Thanda Kiya.

मेरे जीजा जी ने देखते ही लालच करने लगे। साली थी उनकी तो वो मजाक में एक बार कह भी दिए थे। फ्रेंड्स मेरी दीदी का ससुराल मेरे घर से बहुत दूर था। ट्रेन से जाने में 24 घंटे मतलब एक दिन लग जाता थे। दोस्तों मै दो बहन हूँ। मेरा कोई भाई नहीं है। मेरे घर जीजा आये हुए थे। उनका नाम शुभेन्द्र है। घर पर उनकी खूब खातिरदारी की। दूसरे दिन वो दीदी के साथ जाने की बात कर रहे थे। तभी दीदी ने मुझे भी साथ चलने को कहा। मैं उन्हें मना न कर सकी। मैं भी उनके साथ चली दी। शाम की ट्रेन थी हम लोग ट्रैन में बैठे हुए थे। ट्रेन के जिस डिब्बे में हम लोग बैठे वो डिब्बा पहले तो भरा हुआ था।

बाद में धीरे धीरे खाली होने लगा। ऊपर का सामान रखने वाला शीट खाली था। दीदी काफी थक चुकी थी। वो बैठे बैठे ही सोने लगी। तभी जीजू ने उन्हें ऊपर शीट पर लेट जाने को कहा। वो ऊपर जाकर लेट गयी। चादर ओढ़ के सो गयी। जीजू काफी रोमांटिक बाते कर रहे थे। मेरे को बहोत ममजा आ रहा था। जीजू मेरे से चिपक कर बैठे हुए थे। वो बार बार बात करके मेरे को अपने से चिपका कर हँसने लगते थे। मेरे दोनों बूब्स को भी उन्हें महसूस करने का मौका मिल जाता था। मेरे को बड़ा अजीब लग रहा था। पहली बार कोई मेरे से इस तरह से चिपक कर बाते कर रहा था। जीजा भी अभी जवान ही थे। वो दीदी से कम उम्र के थे। मेरी चूत में खुजली होनी शुरू हो गयी। उनकी बातों से लग रहा था वो आज मेरा बाजा बजा डालेंगे। मेरे को भी यही करवाना था। आज मेरे को वही चुदाई का संपूर्ण ज्ञान लेना था। रात भी काफी हो गयी थी। Jija Ke Lund

 

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जीजू: आराधना तुम्हे भी नींद आ रही है??

मै: हाँ जीजा थोड़ा थोड़ा आ रही है।

जीजू: तुम अपना सर मेरे पैर पर रखकर लेट जाओ!

मैंने: ठीक है!

मै नीचे वाले शीट पर पैर फैलाकर जीजा के पैर पर अपना सर रख कर लेट गयी। जीजा मेरे बालो को सहला कर मेरे को सहला कर गर्म कर रह थे। मुझे पता चल गया जीजा आज मेरी चूत के ही पीछे पड़ गए हैं। मैंने जीजा को देखा और वो मेरे को ही देख देख कर ही ये सब कर रहे थे।

मै: जीजा आप ऐसे ना करो मेरे को पता नहीं कैसा लगता है!!

जीजा: कैसा लगता है फील करो क्या करने को लगता है?

मै: जीजा आप से नहीं बता सकती कैसा लगता है लेकिन जो भी हो बहोत अजीब लगता है।

जीजा: अच्छा बाबा मै कुछ नहीं करूंगा अब तुम सो जाओ!

मै उसुक पुसुक लगाए हुई थी। मेरे को नींद ही नहीं आ रही थी। मै जीजा के जिस स्थान पर अपना सर रख कर लेटी थी। वहाँ पहले तो कुछ नरम नरम लग रहा था। लेकिन कुछ ही देर में मेरे सर में वो चुभने लगा। मेरे को कुछ गर्म गर्म कांपता हुआ लग रहा था। जीजा भी इधर उधर करके मेरे सिर से लेकर कान तक चुभा रहे थे। जीजा का ये नाटक मेरे को बहोत ही आनंदित कर रहा था। मैं बार बार अपना सर घुमा फिरा के लगा रही थी। Jija Ke Lund

जीजा: क्या बात है?? तुम ऐसे क्यों कर रही हो। नींद नहीं आ रही है क्या??

मै: जीजा कुछ चुभ रहा है।

जीजा: वो मेरा सामान है। अब वो चुभेगा ही। पूरी तरह से खड़ा हो गया है।

मै: आप इसे किसी तरह से झुकाओ! मेरे को आपके इसी जगह पर ही सिर रख कर ही सोना है।

जीजा: तुम ही कोशिश कर लो!

मैंने अपना हाथ जीजा के गुप्तांग पर रख दिया। जीजा के चैन को खोलते हुए मैंने उनके हीटर जैसे गरमा गरम लंड को छुआ। मेरे को जीजा का सामान देखने को मन करने लगा। जीजा के अंडरबियर सहित पैंट को निकाल कर जीजा को नंगा कर दिया। उनका लंड मेरे छूते ही बड़ा होता जा रहा था। जीजा ने अपनी  गांड उठा कर मेरे होंठ पर अपना लंड छुआ दिया। वो बार बार ऐसा करने लगे। मै भी मजे ले ले कर उनके लंड पर अपना लिप्स बार बार लगा रही थी। जीजा ने अचानक से अपना पूरा खेल ही बदल डाला।

जिस लिप्स पर अपना लंड लगाकर मजा ले रहे थे। उस पर वो अब अपना लिप्स टिका दिए। मेरे बालो को पकड़कर मेरे होंठो पर टूट के चूसने लगे। जैसे कोई प्यासा इंसान पानी को देखकर उस पर टूट पड़े। जीजा मेरे को अपने लंड पर बिठाकर मेरी चुम्मे से शुरूवात कर दिए। मेरे होंठो को चूस चूस कर उनकी प्यास बुझा रहे थे। ऊपर नीचे के दोनों होंठो को चूस कर सारा रस निचोड़ कर पी रहे थे। मेरी गांड में उनका लंड चुभ रहा था। Jija Ke Lund

मै: जीजा क्या सभी मर्दो का लंड इतना बड़ा होता है?

जीजा: नहीं सबका इतना बड़ा नहीं होता। लेकिन जितना बड़ा लंड मिलेगा उतना ही मजा आएगा।

मै: जीजू इतनी छोटी सी छेद में इतना बड़ा लंड घुसता कैसे है?

जीजा: मेरे को अभी सब करने दे फिर बताता हूं। तू मेरा साथ देती रह बस!

 

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इतना कहकर वो मेरे को शीट लार लिटा दिए। मेरे ऊपर अपना 6 इंच का लौड़ा लेकर चढ़ गए। उस दिन मैंने काले रंग की टी शर्ट और सफ़ेद रंग की ब्रा पहन रखी थी। दीदी के डर से जीजा ने मेरे को नंगा नहीं किया। वो मेरी टी शर्ट को ऊपर उठा कर मेरे नाभि से प्यार करने लगे। मेरी तो साँसे अटकने लगी। उनकी गर्म साँसे नाभि पर पड़ते ही मेरी चूत में आग लग जाती। मै सिसकारियां भर रही थी। नाभि को चूमते ही मेरी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की सिसकारी निकलवा देते थे। मै अब गर्म हो चुकी थी। जीजा ने थोड़ा सा और ऊपर टी शर्ट उठाकर मेरी गोरे गोरे मम्मो को ब्रा में देख रहे थे।

जीजा: वाओ… क्या मस्त बूब्स है तेरा! इसमें तो ढेर सारा दूध भरा लगा लगता है। Jija Ke Lund

वो मेरी ब्रा में से दाएं साइड के दूध को निकालने लगे। मेरी बड़े से दूध को निकाल कर उन्होंने अपने मुह से काटने लगे। उसे दबाते हुए जीजा ने मेरे भूरे निप्पल को अपने मुह में भर लिया। वो मेरे निप्पल को खींच खीच के पीने लगे। जीजा का दांत मेरे निप्पल में गड़ रहा था। जीजा ने निचोड़ निचोड़ के मेरे दूध को पिया। मेरे को पहली बार किसी को दूध पिला के मजा आ रहा था। मैं अभी इस खेल में बिल्कुल ही अनाड़ी थी। मेरे को जीजा कोच बनकर सबकुछ सिखा रहे थे। जीजा का लंड मेरी चूत के ठीक ऊपर अटका हुआ था। जीजा ने जमकर 10 मिनट तक मेरे दोनों दूधो को पिया। उसके बाद वो मेरे पैर की तरफ अपना मुह बढ़ाने लगें। धीरे धीरे सरकते हुए मेरी जीन्स की हुक पर पहुच गये। उन्होंने हुक को खोलकर मेरी पैंटी के ऊपर से ही चूत की मालिश करने लगे। मेरी चूत गीली हो चुकी थी। जीजा मेरी जीन्स को पैंटी सहित निकाल कर चूत को सूंघने लगें। चूत की मादक खुशबू ने जीजा को मदमस्त कर दिया। जीजा ने अपनी ऊँगली को मेरी चूत में घुसा दिया। मेरी जोर की

“उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सिसकारी निकल गयी। जीजा ने मेरी चूत के रस को चखने के लिए अपना जीभ मेरी चूत पर लगा दिए। मेरी चूत पर अपनी जीभ को चला कर चाट रहे थे। मै जीजा के सिर पर अपना हाथ रखे हुई थी। मेरी चूत के दोनों टुकड़ो को चूस कर उसका रस निकाल रहे थे। उस पर निकली हुई थोड़ी खाल को दांतों से पकड़कर खीच रह थे। Jija Ke Lund

मै जोर से उनका सिर अपनी चूत में दबा देती। जीजा के चूत पीने का अंदाज मेरे को पसंद आ गया। मै भी अपनी गांड की उठा कर चुसवा रही थी। कुछ देर में ही जीजा अपना लंड हिलाते हुए मेरे ऊपर एक बार फिर चढ़ गए। मेरी दोनों लंबी लंबी टांगो को फैला कर वो अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगे। मेरी चूत बहुत ही गर्म हो चुकी थी। मैं उसे हाथ से मसाज करके अपनी चूत की खुजली मिटा रही थी। जीजा ने मेरी चूत के द्वार पर अपना लंड टिका कर मेरे ऊपर लेट गये। उनका होंठ मेरे होंठ के ऊपर था। मेरे को वो किस करते हुए जोर का धक्का दे दिया। उनके लंड का थोड़ा सा भाग मेरी चूत में घुस गया। मै जोर से चिल्लाती उससे पहले जीजा ने अपने होंठ से मेरे होंठो को खामोश कर दिया। Jija Ke Lund

धीरे धीरे अपना पूरा लंड घुसाकर जीजा ने मेरी चुदाई शुरू कर दी। वो धीरे से अपना लंड अंदर बाहर कर रहे थे। मुझे बहोत दर्द हो रहा था। जोर की आवाज से कही दीदी जग न जाये इसीलिए मै धीमी से “……मम्मी… मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ… ऊँ… उनहूँ उनहूँ..” आवाज निकाल रही थी। कुछ देर बाद मेरे को भी मजा आने लगा। मेरा दर्द कुछ कम हो गया था। जीजा ने मेरी फीलिंग समझी और जोर जोर से मेरा काम करने लगे। सच दोस्तों मेरे को पहली बार चुदने में बड़ा मजा आ रहा था। मैं भी जीजा का साथ से रही थी। अपनी गांड को उठाकर मैंने जीजा के हवाले अपनी चूत करके चुदवा रही थी। मेरी चूत में जीजा का लंड मशीन की तरह घुस कर निकल रहा था। जीजा भी बड़े जोशीले लग रहे थे। मेरे को चोदने में कोई कसर नही छोड़ रहे थे।

जीजा मेरे कान में धीरे से कहने लगे।

जीजा- मेरी जान अब पता चला छोटी सी छेद में मोटा लंड कैसे घुसता है??

मैं: हाँ जीजा लेकिन मेरे को बहुत दर्द हुआ है।

जीजा: आज के बाद अब दर्द नहीं होगा।

इतना कहकर जीजा ने अपनी स्पीड बढ़ा कर मेरी चूत फाडने लगे। Jija Ke Lund

जीजा की जोर की चुदाई को मैं अपनी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज से आगाज दे रही थी। जीजा बहोत हो खुश लग रहे थे। मेरे को शर्म आ रही थी। मैंने अपना हाथ मुह पर रख कर ढक लिया। जीजा मेरे दोनों दूधो को मसलते हुए मेरी चुदाई कर रहे थे। वो मेरे ऊपर से उतर कर नीचे खड़े हो गए। मेरे को भी उठाकर झुका दिया। मेरी चूत में अपना लंड एक बार फिर से घुसाकर चुदाई करने लगें। मेरी चूत को फाड़कर उसका भरता बना डाला। जीजा के चोदने की स्पीड तो रेलगाड़ी से भी तेज हो गईं। वो मेरी कमर को पकड़ कर जोर जोर से चुदाई कर रहे थे। Jija Ke Lund

 

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मै “आऊ…..आऊ….हम ममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज के साथ झड़ने की सीमा पर पहुच गयी। मेरी चूत ने अपना माल निकाल दिया। जीजा लंड की रगड़ ने मेरे चूत के सारे माल को मक्खन बना दिया। जीजा का लंड और भी जोर से अंदर बाहर होने लगा। वो भी लगभग 5 मिनट बाद जोरदार की चुदाई करके रुक गए। मेरे को चूत में कुछ गरमा गरम गिरता हुआ महसूस हुआ। जीजा ने अपना माल मेरी चूत में ही गिरा दिया। वो अपना लंड बाहर निकाल कर शीट पर हांफते हुए बैठ गए। मेरी चूत में से ढेर सारा माल गिरने लगा। अपनी चूत को कपडे से पोंछ कर साफ़ किया। मै भी जीजा की गोद में बैठ गयी। जीजा मेरे को प्यार करने लगें। उन्होंने भी अपना पैंट पहना और मेरे से चिपक कर बैठ गए। मै जीजा को किस कर रही थी। उस रात जीजा के साथ चुदाई करके मैंने सफर का आनंद लिया। आज भी जीजा मेरे को चोदते हैं।  Jija Ke Lund

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4 thoughts on “Jija Ke Lund Ko Train Mein Thanda Kiya – जीजा के लंड को ट्रेन में ठंडा

  1. Raman deep

    Koi Girl aunty widow divorced or Unsatisfied bhabhi jiska Husband Bahar rehta ho ya chudai nhi kar pata ho or tumhari chut chudwane ki pyasi ho toh call or whatsapp me only females sabkuch Secret rhega 9115210419

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