Pados Ki Kunwari Ladki Ki Bur Kholi – पड़ोस की कुंवारी लड़की की बुर खोली

Pados Ki Kunwari Ladki Ki Bur Kholi

यह मेरी पहली कहानी है। घटना करीब 3 माह पहले की है, मैं अकेला रहता हूँ। मेरे कमरे के पास में एक दुकान है जहाँ मैं रोज सामान लेने जाता हूँ। उस दुकानदार की एक बेटी है जिसका नाम नीलू है। क्या कमाल का जिस्म है उसका 34-28-36 ! दूध की तरह गोरी, शरीर पर एक भी दाग नहीं, सेब के आकार की चूचियाँ, बड़े-2 चूतड़, जैसे की कोई अप्सरा हो। मैं जब भी उसे देखता, उसे बस चोदने का जी करता। वो पढ़ती है। Pados Ki Kunwari Ladki Ki Bur Kholi.

मेरी उस दुकानदार से काफ़ी अच्छी दोस्ती हो गई थी तो मैं रोज शाम को उसके दुकान में बैठता था क्योंकि नीलू रोज शाम को दुकान का काम भी देखती थी।

एक दिन मैंने अशोकजी (दुकानदार) से कहा- मुझे कोई ट्यूशन दिला दें ताकि मेरे कमरे का किराया ही निकल जाए।

वो बोले- आप मेरी बेटी को पढ़ाइए ! घर के बगल में रहेगी तो अच्छा रहेगा ! Kunwari Ladki Ki Bur

मैंने बोला- ठीक है।

मेरी तो जैसे मन माँगी मुराद पूरी हो गई। नीलू दूसरे दिन से मेरे यहाँ पढ़ने आने लगी। वो कमीज-सलवार में आई थी। हम दोनों कुर्सी पर बैठते थे और बीच में मेज रहता था, जब भी वो कुछ लिखती तो उसकी चूचियाँ मुझे दिख जाती थी मेरा तो लण्ड खड़ा हो जाता, वो ब्रा कभी भी नहीं पहन कर आती थी।

 

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2-3 रोज पढ़ाने के बाद वो मुझसे खुलने लगी और अच्छे से बात करने लगी। मैं रोज उसके नाम पर मुठ मरता था।

एक दिन जब वो पढ़ने आई तो रोज की तरह मैं उसकी चूचियाँ घूर रहा था। वो सर नीचे करके पढ़ रही थी। मेरा लण्ड पूरा लोहे की तरह खड़ा था।

अचानक उसका पेन नीचे गिर गया, वह मेज के नीचे से पेन उठाने लगी तो मेरा खड़ा लण्ड पैंट में उसे महसूस हुआ, उसने पूछा- सर, यह इतना लम्बा आपकी पैन्ट में क्या है?         Kunwari Ladki Ki Bur

मैंने बिना शर्माये बोला- यह मेरा लिंग है।

वो बोली- यह लिंग क्या होता है?

मैंने कहा- हर लड़की और लड़के का लिंग होता है।

वह बोली- मेरा कहाँ पर है मुझे नहीं पता ! आप मुझे दिखायें कि लिंग कैसा होता है।

मैंने कहा- नहीं, यह तुम्हें अपने आप पता चल जायेगा।

वो जिद करने लगी तो मैंने कहा- ठीक है, मैं बताता हूँ।

मैंने उसको अपनी आँखें बन्द करने को कहा और उसकी सलवार का नाड़ा खींच दिया। उसने अन्दर कुछ नहीं पहना था, उसकी बुर मेरे सामने थी, उस पर हल्के-2 बाल थे।

मैंने उसे आँखें खोलने को कहा।

उसने अपनी आँखे खोली और हँसने लगी, बोली- यह लिंग होता है। इससे तो पेशाब किया जाता है।

मैंने कहा- यह सिर्फ़ पेशाब करने के लिये नही होता ! औरत बच्चे भी यहीं से पैदा करती है।

वो बोली- इतनी छोटी सी जगह में बच्चा कैसे हो सकता है।

मैं बोला- यह तुम्हें शादी के बाद पता चलेगा। Kunwari Ladki Ki Bur

 

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वो जिद पर अड़ गई कि उसे यह जानना है। उसकी मक्खन जैसी बुर देख कर मेरा भी ईमान डोल गया और मैंने उसके होंठों को चूम लिया और उसकी चूचियाँ दबाने लगा। वो भी मस्ती में मेरे होंठों को चूस रही थी। हमारा चूमने का कार्यक्रम करीब 15 मिनट तक चला। फिर मैंने उसकी कमीज उतार दी, अब वो मेरे समने पूरी नंगी खड़ी थी, उसका चेहरा और चूचियाँ लाल थी।

फिर मैंने उसको गोद में उठाया और बेड पर ले गया, मैंने उसकी नंगी चूचियों को खूब मसला, वो मस्ती में सिसकारने लगी। उसके मुँह से आवाजें आने लगी- म्म्म्म्म्म्मम्… आह… ऊऊह ऊ ऊम्म्म !

अचानक उसका पेन नीचे गिर गया, वह मेज के नीचे से पेन उठाने लगी तो मेरा खड़ा लण्ड पैंट में उसे महसूस हुआ, उसने पूछा- सर, यह इतना लम्बा आपकी पैन्ट में क्या है?

मैंने बिना शर्माये बोला- यह मेरा लिंग है।

वो बोली- यह लिंग क्या होता है?

मैंने कहा- हर लड़की और लड़के का लिंग होता है।

वह बोली- मेरा कहाँ पर है मुझे नहीं पता ! आप मुझे दिखायें कि लिंग कैसा होता है।

मैंने कहा- नहीं, यह तुम्हें अपने आप पता चल जायेगा।

वो जिद करने लगी तो मैंने कहा- ठीक है, मैं बताता हूँ।

मैंने उसको अपनी आँखें बन्द करने को कहा और उसकी सलवार का नाड़ा खींच दिया। उसने अन्दर कुछ नहीं पहना था, उसकी बुर मेरे सामने थी, उस पर हल्के-2 बाल थे।  Kunwari Ladki Ki Bur

मैंने उसे आँखें खोलने को कहा।

उसने अपनी आँखे खोली और हँसने लगी, बोली- यह लिंग होता है। इससे तो पेशाब किया जाता है।

मैंने कहा- यह सिर्फ़ पेशाब करने के लिये नही होता ! औरत बच्चे भी यहीं से पैदा करती है।

वो बोली- इतनी छोटी सी जगह में बच्चा कैसे हो सकता है।

मैं बोला- यह तुम्हें शादी के बाद पता चलेगा।

वो जिद पर अड़ गई कि उसे यह जानना है। उसकी मक्खन जैसी बुर देख कर मेरा भी ईमान डोल गया और मैंने उसके होंठों को चूम लिया और उसकी चूचियाँ दबाने लगा। वो भी मस्ती में मेरे होंठों को चूस रही थी। हमारा चूमने का कार्यक्रम करीब 15 मिनट तक चला। फिर मैंने उसकी कमीज उतार दी, अब वो मेरे समने पूरी नंगी खड़ी थी, उसका चेहरा और चूचियाँ लाल थी।

 

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फिर मैंने उसको गोद में उठाया और बेड पर ले गया, मैंने उसकी नंगी चूचियों को खूब मसला, वो मस्ती में सिसकारने लगी। उसके मुँह से आवाजें आने लगी- म्म्म्म्म्म्मम्… आह… ऊऊह ऊ ऊम्म्म !

वो चुप हो गई और अपने चूतड़ हिलाने लगी। मैंने थोड़ा सा लण्ड बाहर खींच कर एक और करारा धक्का मारा, इस बार मेरा आधा लण्ड बुर में चला गया। वो फिर चिल्लाई और मैं फिर उसके होंठ चूमने लगा। यही प्रक्रिया कई बार चली और मेरा लण्ड उसकी कुंवारी बुर को फाड़ता हुआ अन्दर जड़ तक समा गया और जोर-2 से धक्के लगाने लगा।  Kunwari Ladki Ki Bur

कुछ देर बाद उसे भी मजा आने लगा और वो भी चूतड़ हिला-2 कर मेरा साथ देने लगी। उसका चिल्लाना अब सिस्कारियों में बदल गया था।

मैं उसे चोदता रहा, वो बोले जा रही थी- आ… आआ… आअह्ह… ऊ…ऊऊ…उईई मम्म्माआआअ… अन्दर तक डालो सर ! और जोर से धक्का लगाओ सर ! फाड़ दो मेरा लिंग ! मुझे बच्चा होना देखना हैऐऐऐअ… म्म्म्म्म !

पूरा कमरा सिस्कारियों और थप-2 चप-2 की आवाज से गूँज रहा था। मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर-2 से चोदने लगा। इस दौरान वो दो बार झड़ चुकी थी। मैं भी झड़ने वाला था, 10-15 धक्कों के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए। उसकी बुर फ़ूल गई थी और मेरे रस से भर गई थी।

हम थोड़ी देर बेड पर अपनी साँस ठीक करते रहे, फिर वो उठ कर जाने लगी तो उसने देखा कि बेड की चादर और मेरा लण्ड उसके खून से लाल हो गया है।

 

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वो रोने लगी तो मैंने उसे समझाया कि पहली बार ऐसा होता है।

वो मान गई और अपने घर चली गई। मैंने उसे दवाई लाकर दी और समझाया कि शादी के बाद ही माँ बनना।

उसके बाद मैं रोज उसे चोदने लगा और चुदाई की देवी बना डाला। Kunwari Ladki Ki Bur

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