Land Chusne Ki Aadat Lag Gai Friend Ki Sister Ko

Land Chusne Ki Aadat Lag Gai Friend Ki Sister Ko

मुझे एक बार दिल्ली से गाजियाबाद जाना था तो मैंने सोचा अपने घर से ही मैं गाजियाबाद चला जाता हूं इसलिए मैंने अपनी कार से गाजियाबाद जाने का प्लान बनाया और मैं अपने घर से गाजियाबाद निकल गया। रास्ते में मुझे काफी तेज भूख लगी तो मैंने सोचा कि कहीं पर रुक कर खाना खा लिया जाए जैसे ही मैंने एक ढाबे केसामने अपनी कार को रोका तो मैं वहां से उतरा और मैंने खाने का ऑर्डर दे दिया। मैं खाना खा ही रहा था कि तभी मेरे कंधे पर किसी ने हाथ रखा मैंने पीछे पलट कर देखा तो अंकित था अंकित मुझे कहने लगा अरे भैया तुम कहां जा रहे हो मैंने उसे कहा तुम बताओ तुम कहां जा रहे हो वह कहने लगा मैं तो गाजियाबाद जा रहा था मेरा कुछ काम था। Land Chusne Ki Aadat Lag Gai Friend Ki Sister Ko.

अंकित से मेरी मुलाकात अचानक हो गई मैंने उससे पूछा तुम कहां रहते हो तो वह कहने लगा मैं तो गाजियाबाद में ही रहता हूं और मेरा परिवार गाजियाबाद में ही सेटल हो चुका है। मैंने अंकित से कहा तुम क्या यहां कुछ काम से आए हुए थे वह कहने लगे हां दिल्ली में मेरी बहन पढ़ाई करती है तो उसे ही मिलने के लिए आया हुआ था और अब वापस गाजियाबाद जा रहा था। मैंने अंकित से कहा चलो यह तो बहुत अच्छी बात है तुमसे एक साल बाद मेरी मुलाकात हो गई मैंने उसे कहा तुम्हारे लिए कुछ ऑर्डर कर दूं वह कहने लगा नहीं मैंने अभी थोड़ी देर पहले खा लिया था।

हम दोनों खाना खाते हुए बात करने लगे मैंने अंकित से कहा तुम मेरे साथ मेरी कार में ही चलना वह कहने लगा नहीं मैं बस से ही चला जाऊंगा मैंने उससे कहा मुझे भी कंपनी मिल जाएगी तो वह कहने लगा ठीक है। मैंने अपने खाने का बिल दिया और हम दोनों ने अंकित का सामान मेरी कार में रख दिया हमने कंडक्टर को भी बता दिया था मैं और अंकित रास्ते भर बात करते रहे मैंने अंकित से पूछा तुम गाजियाबाद में क्या कर रहे हो वह कहने लगा मैंने गाजियाबाद में अपने कपड़ों का शोरूम खोला है और उसी के सिलसिले में कई बार मैं दिल्ली आ जाया करता हूं। मैंने उससे पूछा तुम्हारा काम तो अच्छा चल रहा होगा ना वह कहने लगे हां यार काम तो अच्छा चल रहा है और अब गाजियाबाद में ही अच्छा लगता है।

चुदाई की गरम देसी कहानी : चूत खोला बहन की सहेली का

इतने साल तक दिल्ली में रहने के बाद गाजियाबाद में रहने की आदत सी हो चुकी है और हमारा तो दिल्ली आना जाना दो-तीन महीनों में एक बार हो ही जाता है। मैंने अंकित से पूछा तो क्या तुमने अपना दिल्ली का घर बेच दिया है वह कहने लगा नहीं उसी में तो मेरी बहन रहती है और एक सेट हम लोगों ने किराए पर दे रखा है। मेरे और अंकित के बीच काफी बातें हुई इतने सालों बाद हम दोनों एक दूसरे को मिले थे तो एक दूसरे के बारे में जानने की उत्सुकता तो थी ही। अंकित मेरे साथ स्कूल में पढ़ता था और उसके बाद भी उससे कई सालों तक मेरी मुलाकात होती रही लेकिन जब से वह गाजियाबाद गया है उसके बाद शायद उसका नंबर मेरे पास नहीं था इसलिए मेरी उससे मुलाकात नहीं हो पाई।

उसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा और जब हम दोनों गाजियाबाद पहुंच गये तो वह मुझे कहने लगा तुम घर पर आना मैंने उसे कहा ठीक है मैं यदि अपने काम से जल्दी फ्री हो जाऊंगा तो मैं जरूर घर पर आऊंगा। अंकित ने मुझे पूछा कि तुम कितने दिन तक गाजियाबाद में रखने वाले हो मैंने उसे कहा मुझे अभी यहां टाइम लगेगा हो सकता है कि पन्द्रह बीस दिन मुझे गाजियाबाद में रुकना पड़ जाए तो अंकित कहने लगा तुम घर पर जरुर आना मैं तुम्हें फोन करूंगा। अंकित ने मेरा नंबर ले लिया था मैंने अंकित को उसके घर पर छोड़ा और वहां से मैं होटल में चला गया मेरा काम अभी तक हुआ नहीं था.

मुझे करीब तीन दिन गाजियाबाद में हो चुके थे तभी अंकित का मुझे फोन आया और वह कहने लगा आज तुम क्या कर रहे हो। मैंने उसे बताया आज का तो मेरा ऐसा कोई काम नहीं है वह कहने लगा तो तुम घर पर आ जाओ मैंने उसे कहा ठीक है मैं देखता हूं। मैं अंकित से मिलने के लिए उसके घर पर चला ही गया मैं जब अंकित के घर गया तो उसने मुझे अपने मम्मी पापा से मिलवाया और उसने अपनी पत्नी से भी मुझे मिलवाया। उस दिन हम लोगों ने साथ में लंच किया अंकित और मैं साथ में बात कर रहे थे तभी अंकित कहने लगा यदि तुम्हारे पास समय हो तो कल हम लोग कहीं घूम आते हैं।

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज :चुदाई का नया खेल सिखाया भाभी ने

मैंने अंकित से कहा यार कल शाम के वक्त मैं फ्री हो सकता हूं तो शाम को हम लोग मिल लेते हैं अंकित कहने लगा ठीक है शाम के वक्त हम लोग मिलेंगे। मैं उसके घर करीब 3 घंटे रहा उसके बाद मैं वहां से चला गया मैं वहां से अपने होटल में चला गया और अगले दिन जब मैं फ्री हुआ तो मैं अंकित के शोरूम में भी गया। उस दिन हम दोनों गाजियाबाद में घूमे अंकित मुझे एक रेस्टोरेंट में लेकर गया और वहां पर हम दोनों ने काफी अच्छा समय बिताया मुझे वह रेस्टोरेंट बहुत अच्छा लगा वहां से गाजियाबाद का पुराना नजारा दिख रहा था मैं पहली बार ही उस रेस्टोरेंट में गया था।

हम लोगों ने रात का डिनर वही किया और मैं जितने दिन भी गाजियाबाद में था उतने दिनों तक अंकित के साथ मेरी मुलाकात होती रही उसके बाद मैं दिल्ली लौट आया। मैं जब दिल्ली लौट आया तो मैं अपने काम में ही बिजी रहा उसी दौरान मेरे पिता जी की तबीयत भी खराब हो गई इसलिए मुझे उन्हें अस्पताल में एडमिट करवाना पड़ा। मैंने अपने पिताजी को अस्पताल में भर्ती करवा दिया और उसके बाद वह कुछ दिनों तक अस्पताल में ही रहे मैं उस वक्त अपने काम पर भी नहीं जा पाया और मेरी किसी से भी कोई बात नहीं हो पाई मैं काफी परेशान था। इसी बीच एक दिन मुझे अंकित का फोन आया अंकित मुझसे मेरे हाल चाल पूछने लगा मैंने उसे अपने पिताजी की तबीयत के बारे में बताया वह कहने लगा अंकल की तबियत कब खराब हुई थी।

तब मैंने उसे सारी बात बताई और कहा अब तो वह थोड़ा बहुत ठीक है और हम लोग उन्हें घर ले आए हैं डॉक्टर ने फिलहाल उन्हें आराम करने की सलाह दी है हम लोग उनका पूरा ध्यान रख रहे हैं। अंकित मुझे कहने लगा चलो तुम अपने पिताजी का ध्यान रखो और मैंने उससे पूछा क्या कोई काम था अंकित कहने लगा हां दरअसल मुझे एक जरूरी काम था मुझे तुम्हारे अकाउंट में कुछ पैसे भिजवाने थे वह पैसे क्या तुम मेरी बहन को दे दोगे। मैंने उसे कहा हां ठीक है उसने मुझे बताया कि उसकी बहन के अकाउंट में कोई दिक्कत आ गई है इसलिए उसके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं फिर अंकित ने मुझे कहा कि मैं तुम्हारे अकाउंट में पैसे भिजवा देता हूं तुम मेरी बहन को पैसे दे देना।

मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : मैंने और नौकर ने की माँ की चुदाई

मैंने उसे कहा ठीक है तुम कल ही पैसे भिजवा देना कल मै उसे जाकर दे दूंगा अंकित ने मेरे अकाउंट में पैसे भिजवा दिए और फिर मैं उसकी बहन के पास चला गया। अंकित ने मुझे उसका नंबर भी दिया था मैंने जब उसके नंबर पर फोन किया तो वह कहने लगी मैं अभी तो अपने कॉलेज के लिए निकल चुकी हूं लेकिन मैं आपसे शाम के वक्त मुलाकात करुँगी। मैंने उससे कहा ठीक है तुम मुझे शाम को मिलना और जब तुम फ्री हो जाओ तो मुझे फोन करना, अंकित की बहन का नाम कामिनी है। मैं जब कामिनी से मिलने के लिए गया तो कामिनी की नियत मुझे कुछ ठीक नहीं लगी वह बड़ी सेक्सी थी लेकिन उसकी नजरों में कुछ तो ऐसी बात थी। वह मुझे बड़े ध्यान से देख रही थी उसने मुझे कहा आप भैया के दोस्त है। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारे भैया का दोस्त हूं वह मुझे कहने लगी आप अंदर आ जाइए मैं अंदर चला गया। “Land Chusne Ki Aadat”

जब कामिनी और मैं साथ में बैठे हुए थे तो वह मुझे अपने स्तनों को दिखा रही थी मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू किया वह पूरी उत्तेजित हो गई। उसने मेर पैंट से मेरे लंड को बाहर निकाला और अपने मुंह के अंदर समा लिया। जैसे ही उसने मेरे लंड को अपने गले तक लिया तो मेरे अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ जाती मुझे बहुत मजा आने लगा था। मैंने उसके बदन से सारे कपड़े उतार दिए जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह बहुत ज्यादा जोश में आ गई मैंने उस से पूछा क्या तुम घर पर अकेली रहती हो। “Land Chusne Ki Aadat”

वह कहने लगी नहीं मेरे कई चाहने वाले आशिक है वह मेरा साथ देने के लिए आ जाते। मैंने उसे कहा अंकित तो समझता है कि तुम बहुत ही ज्यादा पढ़ाई करती हो वह मुझे कहने लगी मेरी अपनी भी तो जिंदगी है क्या मैं अपनी इच्छाओं को ऐसे ही मार लूं। वह मुझे कहने लगी मुझे डॉगी स्टाइल में चुदने मे बड़ा मजा आता है, उसने अपनी चूतडो को मेरी तरफ किया मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के मारना शुरू कर दिया।

कामुकता हिंदी सेक्स स्टोरी : मामा ने चोद कर बच्चा दिया

मैं उसे बहुत तेजी से धक्के मारता जा रहा था जिससे कि मेरे बदन की गर्मी बढ रही थी वह भी पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी काफी देर तक मैंने उसकी चूत के मजे लिए। जैसे ही हम दोनों के बदन से कुछ ज्यादा ही गर्मी बाहर निकलने लगी तो मैंने अपने वीर्य को कामिनी की योनि में गिरा दिया लेकिन कामिनी को तो दोबारा मेरे लंड को अपनी योनि में लेना था। उसने मेरे लंड को दोबारा से खड़ा किया और उसे अपने मुंह में लेकर काफी देर तक चूसा जिससे कि मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया। “Land Chusne Ki Aadat”

जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को दोबारा प्रवेश करवाया तो वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाने लगी। उसे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था वह बड़ी तेजी से अपनी चूतडो को मुझसे मिला रही थी जिससे कि हम दोनों के बदन की गर्मी बढ़ती जा रही थी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। जैसे ही मैंने अपने माल को उसकी चूतड़ों के ऊपर गिराया तो वह खुश हो गई और कहने लगी मुझे आज मजा आ गया। आपका जब भी मन हो तो आप घर पर आ जाया कीजिए मैंने उसे कहा ठीक है मेरा जब भी मन हुआ तो मैं आ जाया करूंगा मेरा जब भी मन होता तो मैं कामिनी से मिलने चले जाता। “Land Chusne Ki Aadat”

ये कहानी Land Chusne Ki Aadat Lag Gai Friend Ki Sister Ko आपको कैसी लगी कमेंट करे…………………….

1 thought on “Land Chusne Ki Aadat Lag Gai Friend Ki Sister Ko

  1. Raman deep

    कोई लड़की भाभी आंटी तलाकशुदा ओर विधवा भाभी जिसकी चूट चुद्वाने की प्यासी हो ओर मोटे लिंग से चुदाना चाहती हो तो मुझे कॉल ओर व्हाट्सएप कर सकती हो 9115210419 सिर्फ महिलाएं लड़के दूर रहे

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *