Makan Malik Ne Gand Mara Mera Kiraye Ke Badle

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Makan Malik Ne Gand Mara Mera Kiraye Ke Badle

मेरा नाम प्रतिमा है मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर की रहनेवाली हूं, मेरी उम्र 24 वर्ष है। मेरे घरमें सिर्फ मेरे पिताजी काम करनेवाले हैं इसलिए मैं नौकरी करने के लिए दिल्ली आ गई।मुझे दिल्ली में दो वर्ष हो चुके हैं। मेरा ऑफिस घर से कुछ ही दूरी पर है लेकिन मैंजहां काम करती हूं वहां पर मेरी तनख्वाह कम है, मेरे साथ मेरे कमरे में एक लड़की औररहती है उसका नाम गुड़िया है। हम दोनों ही शेयरिंग करके रहते हैं, गुड़िया लखनऊ कीरहने वाली है। हम दोनों आधा आधा किराया भरते हैं इसीलिए मैं थोड़े बहुत पैसे बचापाती हूं। कुछ पैसे मैं अपने घर भेज दिया करती हूं। मेरे मकान मालिक का नाम अशोकहै और वह बहुत ही सख्त किस्म के इंसान है इसीलिए हम लोग उनसे ज्यादा बात नहींकरते। उनके घर में उनकी पत्नी और मां रहती हैं। Makan Malik Ne Gand Mara Mera Kiraye Ke Badle.

अशोक किसी विभाग में काम करते हैं। वह दिल्ली में ही काफी वर्षोंसे रह रहे हैं, उनकी पत्नी के साथ हमारी अच्छी बातचीत है, जब हमारी छुट्टीहोती है तो वह हमारे पास आ जाती हैं और हमारे हाल चाल पूछ लिया करती हैं। उनकीपत्नी भी कहती है कि उनके पति का नेचर थोड़ा गुस्से वाला है। एक दिन हमारे घर कीमोटर खराब हो गईं,  उस दिन हम लोग ही घर पर थे और अशोक जी की फैमिली कहीं बाहर गई हुईथी। मैं जब ऑफिस से लौटी तो उस दिन उन्होंने हमें बहुत ही डांटा,  गुड़िया को उस दिनयह बात बहुत बुरी लगी और वह कहने लगी कि मैं अब यहां से कहीं और घर बदल लूंगी, मैंने उसे कहा किमैं भी तो तुम्हारे साथ ही रह रही हूं। वह कहने लगी कि तुम्हें यदि मेरे साथ चलनाहै तो तुम चल लेना नहीं तो मैं यहां से घर बदली कर रही हूं। गुड़िया उस दिन बहुत हीज्यादा गुस्से में थी, वह मेरी बात बिलकुल भी नहीं मानी और अगले दिन से ही उसने अपने लिएघर देखना शुरू कर दिया। उसी दौरान उसके कॉलेज की दोस्त उसे मिल गई जो कि दिल्लीमें ही रहती थी और उसके रूम पार्टनर ने रूम छोड़ दिया था। गुड़िया ने जब उससे बातकी तो वह कहने लगी कि तुम मेरे साथ ही आ जाओ और मेरे साथ ही रह लेना।

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मैं उस वक्त बहुत ज्यादा परेशान हो गई क्योंकि यदि गुड़िया उसके साथशिफ्ट कर लेती तो मेरे ऊपर सारे किराया का भर आ जाता और मैं नहीं चाहती थी कि मेरेऊपर किराए का बोझ पड़े क्योंकि मेरी तनख्वाह इतनी भी नहीं है कि  अकेले सारा किरायाभर पाऊ। मैंने सोचा मुझे इस बारे में गुड़िया से बात करनी चाहिए, जब मैं ऑफिस से आईतो मैं घर में गुड़िया का इंतजार कर रही थी। गुड़िया ऑफिस से आ गई, मैंने गुड़िया से इसबारे में बात की तो गुड़िया कहने लगी कि मुझे भी तुम्हारे घर की स्थिति के बारे मेंपता है परंतु मैं अब यहां एक भी पल नहीं रहने वाली यदि तुम मेरे साथ चलना चाहती होतो तुम आ सकती हो लेकिन मैंने अब अपनी दोस्त के साथ बात कर ली है और मैं उसके साथही अगले महीने घर शिफ्ट कर लूंगी। गुड़िया मेरी बात बिलकुल भी सुनने को तैयार नहींथी और मैंने भी उसके बाद गुड़िया से इस बारे में बात नहीं की। उसने मुझे एक महीनेका किराया दे दिया था और वह अगले महीने घर खाली कर के चली गई।     “Makan Malik Ne Gand”

उसके जाने के बाद मैं अकेली हो गई थी और मेरी जितनी भी सैलरी केपैसे होते थे उसमें से आधा मेरे किराए में चला जाता था। मैं किसी को भी अपने साथनहीं रखना चाहती थी क्योंकि गुड़िया और मेरी अच्छी बातचीत थी इसलिए हम साथ मे थेलेकिन मैं किसी और क साथ एडजेस्ट नहीं कर सकती थी इसीलिए मैं अकेली ही रहने लगी।मैं सुबह अपना ऑफिस जाती और शाम को अपने ऑफिस से घर लौटती थी। कभी कबार गुड़ियामुझे फोन कर लिया करती थी और मेरा हाल चाल पूछ लेती थी। जब मैं अपने आप को अकेलामहसूस करती तो मैं अपने घर पर फोन कर दिया करती थी। मेरे घर वाले हमेशा ही मुझेकहते कि तुम अपना ध्यान नहीं रखती हो, क्योंकि मैं बहुत ज्यादा कमजोर हो गईहूं इसीलिए मेरे घरवाले मुझे यह बात कहते थे। मैंने एक दिन अपने घर वालों को अपनीफोटो भेजी तो उन्होंने उस में देखा कि मैं बहुत कमजोर हो गई हूं, मेरी मां मेरी बहुतचिंता करती है वह कहने लगी कि तुम अपना ध्यान बिल्कुल भी नहीं रख रही हो, यदि तुम अपना ध्यानरखो।                   “Makan Malik Ne Gand”

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मेरी माँ कहने लगी हम तुम्हारे लिए रिश्ता देखना चाहते हैं, मैंने अपनी मां से कहा कि अभी से तुम लोग मेरे लिए रिश्ता मत देखो क्योंकि अभी घर की स्थिति भी ठीक नहीं है और मेरी शादी में भी बहुत खर्चा होगा इसीलिए मैं नहीं चाहती कि तुम लोग अभी से मेरे लिए रिश्ता देखने लगो। मेरे पिताजी मुझे कहने लगे कि शादी तो तुम्हें करनी ही पड़ेगी, जितनी जल्दी तुम शादी कर लो उतना ही हमारे लिए भी अच्छा रहेगा क्योंकि तुम्हें तो घर की स्थिति के बारे में पता ही है। मैंने उन्हें कहा कि मुझे घर की स्थिति के बारे में पता है लेकिन मैं भी दिन रात मेहनत कर के पैसा जमा कर रही हूं ताकि आपके ऊपर मेरी शादी का बोझ ना पड़े। मेरे माता और पिता मुझसे बहुत खुश रहते हैं और कहते हैं कि तुम जिस प्रकार से मेहनत करती हो हमें बहुत अच्छा लगता है।

वह बचपन से ही मुझे बहुत अच्छा मानते हैं। मेरा हमेशा का ही वहीरूटीन था, मैं सुबह अपने ऑफिस जाती और शाम को अपने घर लौटती थी। शाम को जबमैं घर लौटती तो मैं बहुत थक जाती थी और मैं खाना बना कर जल्दी सो जाती थी। मैंजिस कंपनी में काम कर रही हूं उस कंपनी में मुझे कुछ महीने तक तनख्वाह नहीं मिलीइसलिए मैंने अशोक जी से बात की कि मैं आपका किराया कुछ समय बाद दूंगी, उन्होंने कहा ठीकहै तुम कुछ समय बाद किराया दे देना लेकिन जब मेरी तनख्वाह नहीं आई तो वह बार-बारमुझे यही बात पूछने आ जाते थे और कहते कि तुम किराया कब दोगी, मैंने उन्हें कहाकि मुझे आप कुछ और समय दीजिए मैं आपको किराया दे दूंगी।     “Makan Malik Ne Gand”

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उसी दौरान मेरे पास जो बचे हुए पैसे थे वह मैंने अपने घर पर देदिये थे क्योंकि उन्हें भी पैसों की आवश्यकता थी और मेरे पास सिर्फ अपना खर्चाचलाने के लिए ही पैसे बचे थे। अशोक जी मेरे पास आकर हमेशा ही कहते कि तुम जल्दी सेकिराया दे दो नहीं तो तुम घर खाली कर दो। मैंने उनसे कुछ समय मांगा और कहा कि मैंआपको 10 दिन के अंदर किराया दे दूंगी, वह कहने लगे ठीक है तुम 10 दिनों के अंदरकिराया दे देना, नहीं तो तुम घर खाली कर देना। मुझे चिंता होने लगी थी और मैंनेअपने ऑफिस में भी बात की लेकिन मेरे ऑफिस में मुझे कहा कि तुम समस्या को कुछ समझनेकी कोशिश करो, हम तुम्हें पैसे दे देंगे। लेकिन मुझे तो 10 दिनों के अंदर पैसेचाहिए थे और धीरे-धीरे समय बीत रहा था और पैसों का इंतजाम कहीं से भी नहीं हो पारहा था इसलिए मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गई। दसवे दिन जब अशोक मुझसे मिलने आये,  तो वह कहने लगे किक्या तुमने किराये का इंतजाम कर दिया है, मैं उस दिन अपने कमरे में ही बैठी हुईथी और उस दिन मेरी छुट्टी भी थी।                    “Makan Malik Ne Gand”

मैंने अशोक जी से कहा कि आप बैठिये मैं आपको पानी पिलाती हूं, मैंने उन्हें पानीपिलाया, उसके बाद वह मुझसे दोबारा वही सवाल पूछने लगे, मैंने उनसे कहा किमुझे दो दिन का वक्त दीजिए, मैं दो दिन बाद आपका क्या आपको दे दूंगी, वह मुझ पर बहुतगुस्सा हो गए। वह मुझ पर बहुत गुस्सा हो गए और मुझे बहुत अनाप सनाप बोलने लगे। वहकहने लगे कि यदि तुम्हारी गांड में दम नहीं है तो तुमने किराए पर घर क्यों ले रखाहै। मुझे उनकी बात पर बहुत गुस्सा आया और मैंने भी कहा कि मेरी गांड में कितना दमहै यह तुम खुद ही देख लो। मैंने जब यह बात अशोक जी से कहीं तो वह मुझे कहने लगे कीयदि तुम मुझे अपनी गांड मरने देती हो तो मैं तुमसे कभी भी किराया नहीं लूंगा।मैंने कहा ठीक है आप दरवाजा बंद कीजिए और उसके बाद मेरी गांड मार लीजिए। अशोक जीने दरवाजा बंद किया और उसके बाद उन्होंने भी अपने कड़क हो मोटे लंड को बाहरनिकाला। मैंने उसे अपने मुंह में ले लिया और बड़े अच्छे से उनके लंड को अपने गलेके अंदर लेकर चूसने लगी। मैंने अशोक जी के लंड का पानी निकाल दिया और उन्हें भीबहुत मजा आने लगा। वह कहने लगे तुम अपने पैर चौडे कर के लेट जाओ।           “Makan Malik Ne Gand”

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जब मैंने अपने पैर को चौडा कर लिया तो उन्होंने अपने काले और मोटे लंड को मेरी योनि के अंदर डाल दिया। उनका लंड इतना मोटा था कि मेरी चूत में दर्दहोने लगा उन्होंने मेरे चूचो को कसकर पकड़ लिया और बड़ी तेज गति से वह मुझे झटकेदेने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था काफी देर तक उन्होंने मुझे ऐसे ही चोदा उसके बादउनका माल मेरी योनि के अंदर गिर गया। उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत से बाहरनिकाला और मुझे घोड़ी बना दिया। घोडी बनाते ही उन्होंने मेरे किचन में रखे तेल कोअपने लंड पर लगा लिया और अच्छे से मसलने लगे। वह मुझे कहने लगे मैं तुम्हारी गांडमें दम देखता हूं। मैंने भी अपनी गांड के छेद को चौडा किया और मेरी गांड में जैसेही अशोक जी ने अपने लंड को टच किया तो मुझे एक अलग प्रकार की फिंलिग आने लगी। जबउन्होंने धीरे-धीरे मेरी गांड के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत दर्द महसूसहोने लगा। जैसे ही उनका पूरा लंड मेरी गांड में घुसा तो मैं चिल्लाने लगी उन्होंनेमेरी चूतडो को कसकर पकड़ लिया।    “Makan Malik Ne Gand”

वह मुझे बड़ी तेज तेज धक्के देने लगे और कहने लगे मैं भी उनसे अपनीगांड को टकरा रही थी। मेरी गांड से भी एक अलग ही प्रकार की गर्मी निकल रही थी।वह मुझे कहने लगे कि तुम्हारी गांड से भी कुछ अलग ही प्रकार की गर्मी निकल रही हैउन्होंने मुझे बहुत देर तक चोदा लेकिन अशोक जी हार मान रहे थे और ना ही मैं हारमान रही थी। वह भी मुझे झटके दे रहे थे और मैं भी उनके लंड से अपनी चूतड़ों कोटकरा रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था और वह पूरे मजे ले रहे थे। जब अशोक जी का लंडपूरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो गया तो उन्होंने अपने लंड को मेरी गांड से बाहरनिकाला और मेरी गांड के ऊपर अपने माल को गिरा दिया। उसके बाद उन्होंने मुझसे कभीभी किराया नहीं मांगा और मैं आप फ्री में रहती हूं वह मेरी गांड मारने आ जाते हैं।             “Makan Malik Ne Gand”

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  1. Raman deep

    Koi Girl aunty widow divorced orunsatisfied bhabhi jiski chut pyasi ho or chudwane k liye tadap rahi ho toh call or WhatsApp me on 9115210419

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