Meri Behan Kadak Maal Ban Kar Lund Mangne Lagi

      No Comments on Meri Behan Kadak Maal Ban Kar Lund Mangne Lagi

Meri Behan Kadak Maal Ban Kar Lund Mangne Lagi

क्या हिन्दुस्तान में हम अपनी बहनों को छू सकते है, उनको हाथ लगा सकते है. अगर बिना लाग लपेट के बात करे तो मैं हम सभी भाई अपनी बहनों को खुलकर बिना किसी भय और लोक लाज के चोद सकते है. हिंदुस्तान इतना रुढिवादी क्यूँ है. क्यूँ अब संस्कारों का बोझ अपने कन्धों पर धो रहे है. विदेशों की तरह हम भाई क्यूँ नहीं अपनी बहनों को चोद सकते है. सेक्स और चुदाई को लेकर हमारे देश में इतने नियम, इतने उसूल आदर्श क्यूँ है. उस दिन जब मैं शांत अकेला घर में बैठा था तो घूम फिर कर यही सब बातें मेरे जहन में आ रही थी. ये सुनने में आया था की मेरी बहन कविता किसी मुस्लिम लड़के से बात करने लगी है. ये बात मेरे पुरे मोहल्ले में आग की तरह फ़ैल गयी थी. Meri Behan Kadak Maal Ban Kar Lund Mangne Lagi.

कुछ लोग तो ये भी कह रहें थे की वो मुस्लिम लड़का मेरी बहन को एक सुनसान पार्क में चोदने वाला था, पर किस्मत से श्रीवास्तव अंकल दे देख लिया. उनको देखकर वो लड़का मेरी जवान और चुदासी बहन को छोड़ के भाग खड़ा हुआ. श्रीवास्तव अंकल ने सारी बात मेरी माँ को आकर बताई.

बहन जी !! आज तो मैं आपकी लड़की कविता को रंगे हाथ पकड़ लिया, वरना आपकी लड़की तो चुद गयी होती उस वीरान पार्क में. आपकी इज्जत तो चली गयी होती, ये कहिये की मैंने देख लिया. कहाँ आप लोग पंडित और कहाँ वो मुस्लिम छोकरा. मैं तो कहता की आपकी लड़की अब गर्म हो गयी है, फटाफट शादी कर दीजिए इसकी!! श्रीवास्तव अंकल से मेरी माँ से कहा.

मैं वहीँ खड़ा था. पुरे मोहल्ले में श्रीवास्तव अंकल से बता दिया की रवीश की बहन कविता आज एक मुस्लिम लड़के से चुदते चुदते बाल बाल बची. उस रात मैं अपनी बहन कविता को चप्पल ही चप्पल मारा.
हरामजादी! कुतिया!! रंडी कहीं की !! वहां पार्क में क्या करने गयी थी उस सुनसान पार्क में?? क्या अपनी माँ चुदाने गयी थी?? मैंने तरह तरह से अपनी चुदासी बहन को चप्पल से मारा और तरह तरह से उसको गालियाँ दी. उस काली रात में मेरे घर में खाना नही बना., मेरे पिताजी तो १० साल पहले की गुजर गए थे. अब घर पर मेरी २० साल की कडक माल बहन कविता, मैं और माँ थी. मेरी माँ ने भी कविता को झाड़ू से मारा. हम दोनों सोच रहें थे की सब मामला शांत हो जाएगा. १० दिन नही बिता की माँ ने कविता के कमरे से उसकी तकिया के नीचे से १ रिलाइंस वाला मोबाइल पकड़ लिया. अच्छा तो छिनार!! अब फ्री वाले फोन से उस कटुवे से बात करती थी माँ बोली और मुझको बुलाया. उस दिन भी कविता मेरे और माँ के हाथ से जुते चप्पल से पिटी. पर कुछ दिन बित्ते और एक नया मोबाइल उसके पास से जब्त होता.
माँ भी परेशान थी और मैं भी.                    “Meri Behan Kadak Maal”

चुदाई की गरम देसी कहानी : भाभी के साथ गन्दी बात करके चुदाई कर दी

बहन जी !! ऐसे मार पिटाई से कोई फायदा नही होगा. लड़की तुम्हारी उसी तरह गरम हो गयी है जैसे सब्जीमंदी में गायें गरम हो जाती है. फिर मोटे तगड़े सांड पूरी मंदी में गायों को दौड़ा दौड़ा के चोदते है. बहन जी लड़की को पिटने से कोई फर्क नही पडेगा. तुम्हारी लड़की कविता की चूत गरम हो गयी है. बस इसके लिए किसी मोटे तगड़े लंड का इतंजाम कर दो. उस मुस्लिम छोकरे को ये एक दिन में भूल जाएगी जहाँ २ ४ बार इसने मोटा मोटा लंड खा लिया, सब गर्मी शांत हो जाएगी इसकी !! बगल वाली आंटी ने मेरी माँ को समझाया. माँ ने रात को मुझे ये सब बताया.
आंटी वैसे तो १६ आने सच कहती है !! कविता की गरम चूत के लिए अगर हम लंड का इंतजाम कर दे तो ये उस मुस्लिम लड़के को भूल जाएगी !! मैंने कहा.

तो इंतजाम कर बेटा !! माँ ने कहा.
उस रात मैं सो नही सका. मैं मासूम ही बना रह गया और इधर मेरी बहन चुदासी हो गयी. खैर जो हुआ सो हुआ, पर मैं बिलकुल नही चाहता था की कल को मेरी बहन उस मुस्लमान छोकरे से साथ भाग जाए. अब तो बस मुझे किसी तरह उसके लिए लंड का इंतजाम करना था. माँ ने कविता को रात में जागते भी देखा. जब माँ ने उससे पूछा की क्यूँ जाग रही है तो वो कहने लगी की नींद नही आ रही. पुरे बदन में आज सी जल रही है. माँ ने मुझे बताया की कविता अब बहुत गरम हो गयी है. उसे जल्द से जल्द लंड चाहिए. एक बार तो मन हुआ की रात में पुनाम में कमरे में चला जाऊ. खूब चोदो कुतिया को. रंडियों की तरह चोद चोद के उसका भोसड़ा फाड़ दूँ. फिर सोचा की ये तो नियम के खिलाफ है. अगर मैं मुस्लमान होता को अपनी बहन को चोद सकता था, पर हम हिन्दुओं में ऐसा नही होता है. सगा भाई तो अपनी बहन को रखी बाँधता है, भला मैं कैसा उसको चोद सकता था.                               “Meri Behan Kadak Maal”

मैं रात भर सोचता रहा की किस्से अपनी बहन को चुदवाऊ. वैसे तो कई लड़के कविता को चोदने को तैयार हो जाएँगे, पर वही अच्छा रहेगा तो उसे पूरी डोस दे पाय. तो उसी इतनी अच्छी तरह से बजाए की वो अपनी मुस्लिम प्रेमी को बिलकुल भूल जाए. विनोद, अमन, गोपाल, रजत कई नाम मेरे मन में आये, फिर अंत में मनीष का नाम मेरे जहाँ में आया. मनीष ६ फुट का लम्बा चौड़ा था, वो जिम भी जाता था. उसका पास्ट चुदाई रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा था. वो एक समय में ४ ४ लड़कियों को हैंडल करता था. मैं सोच लिया की मनीष से बात करूँगा.
अगले दिन मैं मनीष को मैक डोनाल्ड पर बुलाया. उसके लिए चिकन बर्गर, महाराजा बर्गर, स्मूदी और फ्रेंच फ्राइस आर्डर की.

मस्तराम की गन्दी चुदाई की कहानी : कार में दीदी की चुदाई कर मजा आया

क्यों भाई अरुण!! तू तो बड़ा कंजूस है. आज कैसे इतना मुझ पर खर्च हर रहा है! मनीष बोला. मैं उसके कान में सारी बात बताई. उनके चेहरे बनता बिगड़ता रहा. वो थोडा टेंशन के आ गया. मनीष भी पंडित था. पिछले साल वो मेरी बहन कविता से शादी का प्रस्ताव लेकर आया था, पर मेरी माँ से इस रिश्ते के लिए मना कर दिया. मनीष एक ज़माने में मेरी बहन कविता से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था. फिर बाद में उसने दूसरी लड़की से शादी कर ली थी. ये पूरी कहानी थी.                             “Meri Behan Kadak Maal”

भाई कर देगा ?? वरना कविता उस लड़के के साथ भाग जाएगी. उसको बस समज ले की आज कल में अगर लंड ना मिला तो वो उस मुस्लिम छोकरे के साथ जरुर भाग जाएगी!! मैंने मनीष से हाथ जोड़ते हुए कहा.
१००० लगेंगे ! वो बोला

ठीक है!! मैं दूँगा. पर कविता से अच्छे से चोदना. उसकी चूत की गर्मी शातं हो जनि चाहिए. और हाँ यार उसकी चुदाई की रिकॉर्डिंग भी मोबाइल से बना लेना. मैं भी थोडा मजा ले लूँगा!! मैंने कहा. मैंने मनीष के खाने का मैक डोनाल्ड में सारा बिल चुकाया. दोपहर हुई. शाम हुई. फिर रात हो गयी. माँ और मैं मनीष का बेसब्री ने इन्तजार करने लगे. आज भी मेरी चुदाई बहन कविता को नींद नहीं आ रही थी. मैं और माँ ने उसको कमरे में बंद कर दिया था, क्यूंकि मुहब्बत और वासना की आग में वो छिनार अंधी हो चुकी थी. जब मनीष ने घंटी बजायी और मैंने दरवाजा खोला और देखा को मेरा यार मनीष है, तब मुझे चैन मिला. मनीष से मस्त हाथ बाजुओं वाली लाल टी शर्ट आर जींस पहन रखी थी. उसकी चुस्त टी शर्ट में उसके डोले शोले दिख रहें थे.                          “Meri Behan Kadak Maal”

आओ !! इस कमरे में !! मैंने कहा और कविता के कमरे का ताला खोल दिया.
संतुष्ट कर देना उसको वरना तुम मर्द नही !! मैंने मनीष को एक बार फिर से याद दिलाया. वो अंडर चला गया. मैंने फिर से कविता के कमरे के दरवाजे पर कुण्डी लगा दी और ताला भर दिया. माँ बूढी थी, अपने कमरे में चली गयी. मैं वहीँ बाहर दिवार के किनारे बैठ गया.

अगर आज कविता अच्छे से चुद गयी तो इसकी चूत की गर्मी शांत हो जाएगी. ये उस लड़के को भूल जाएगी और समाज में हमारी नाक कटने से बच जाएगी. मैंने सोचा. दरवाजे के छेद से मैं सब काम देखने लगा. मनीष अंडर गया तो उसने मेरी मस्त दुबली छरहरी बहन की बहन कविता को देखा. कविता का लम्बा गोरा चेहरा, पतली कमर, भरे भरे गोरे गोरे हाथ और २ सुडौल स्तन. कविता को देखते ही मनीष का लंड खड़ा हो गया.
आ! तेरी गर्मी शांत कर दूँ !! मनीष बोला.                     “Meri Behan Kadak Maal”

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज : बीवी की सहेली के साथ सेक्स किया

नही मैं सलीम से प्यार करती हूँ. मैं उसकी अमानत हूँ. मैं उससे ही शादी करुँगी !! कविता बोली.
बस इतना सुनते ही मनीष से कविता को कई तमाचे जड़ दिए. उस जबरन बिस्तर पर पटक दिया. ५ मिनट में मेरी जवान कमनीय बहन के कपडे उसने फाड़ दिए. मेरी बहन रो रोकर जूठ मूठ के आंसू बनाने लगी. मेरी बहन के दो बिलकुल गोल गोल मम्मे मुझे दरवाजे के छेद से दिखने लगे. मनीष से मेरी बहन को कसके दबोच लिया और उसके मम्मे पीने लगा. कविता मचलने और बहकने लगी. १० मिनट बीते होंगे की वो खुद मनीष को अपने हाथों से अपने दूध पिलाने लगी.
मैं खुश हुआ ये देखकर की काम सही चल रहा है. मनीष ने इससे पहले कम से कम ८ लड़कियों के मम्मे पिए थे और कम से कम ६ लड़कियों को वो चोद खा चूका था.               “Meri Behan Kadak Maal”

उसके लाजवाब अनुभव के कारण ही मैं उसको लिया था. वो कविता के मम्मो को हाथ से चांटे मार रहा था और मुंह में भरकर पी रहा था. मनीष द्वारा कविता का स्तनपान करने से उसके चुच्चे और भी कस गाये थे और टनटना गए थे. कविता के स्तनों का सौंदर्य और खूबसूरती देखते ही बनती थी. उसने अपने दूध को हाथ में ले रखा था और मनीष मजे से पी रहा था. जो लड़की अभी १० मिनट पहले तरह तरह से नखडा चोद रही थी, अब वो सीधी गाय की तरह शांत हो गयी थी और सांड यानि मनीष का लंड खाने वाली थी. मैं भी इधर दरवाजे के छेद से ये विचित्र लीला देख रहा था. अब मनीष से कविता के डोनो पैर खोल दिए और उसकी बुर पीने लगा.
ओए तेरी तो !! सीटी तो इसकी खुल चुकी है!! मनीष बोला.

मैंने सुन लिया. आखिर जिस बात का डर था वही हुआ. उस मुसलमान छोकरे से इसने चुदवा ही लिया. खैर जो हुआ सो हुआ. मेरा दोस्त मनीष मेरी चुदासी बहन कविता को चोदने लगा. मनीष से अपना लंड हाथ में ले लिया. ये मोटा लाल गुलाबी लंड था. बड़ा सुंदर लंड था दोस्तों. मनीष से अपने लंड हाथ में ले कविता के भोसड़े पर २ ४ बार प्यार से थपकी दी. कविता की बुर और भी अधिक चुदने को बेकार हो गयी. फिर मनीष से अपना मोटा लंड कविता की बुर के सिखचे पर लगा दिया फिर अंडर पेल दिया. वो कविता को चोदने लगा. शुरू शुरू में कविता को बिलकुल मजा नही आया.
इससे जादा तो मुझे कोई बच्चा चोद लेता !! कविता बोली.              “Meri Behan Kadak Maal”

चूत का पानी निकल देने वाली कहानी : लोकल ट्रेन में लेस्बियन सेक्स किया

मनीष को गुसा आ गया. ये कथन उसकी मर्दानगी पर एक गाली थी. उसने कविता की दोनों गोरी जाँघों को पकड़ नीचे खींच लिया और अपना नीचे बेड से उतार गया. अब वो कविता को रंडियों की तरह हौकने लगा. अंदर और अंदर, गहरा और गहरा मनीष अपने मोटे लंड से वार पर वार करने लगा. वो मेरी बहन को किसी रोबोट जैसी तेजी से पेलने खाने चोदने लगा. अब पुनम को मजा आने लगा.             “Meri Behan Kadak Maal”

हाँ मनीष !! बस यही पर !! बस यही पर मुझको पेलते रहो !! देखो रुकना मत वरना अपनी माँ का मारा मुह देखोगे !! चोदो ! मुझे कसके चोदो !! तेज और तेज ! मेरी बहन तरह तरह से डाईलोग मारने लगी. मनीष अब डबल जोश में आ गाया. उसका लंड अब पहले से अधिक विशाल हो गया. और जादा फूल कर मोटा हो गया.
ले छिनाल!! ले रंडी !! तू भी क्या याद करेगी की कोई मस्त मोटा लंड खाया था !! ये छिनार !! ले रंडी ! कितना लंड खाएगी! जी भरके खा ले आज !! मनीष भी जवाब देने लगा और मेरी बहन को बिना रुके हच हच करके चोदने लगा. मैं वो नजारा देखता रहा गया. वो चुदाई देख मैं अभिभूत और मंत्रमुग्ध हो गया दोस्तों. मेरी आवारा बहन की क्या ठुकाई की मनीष ने. मैं तो उसका जबरा फैन हो गया. कुछ देर बाद मेरी छिनाल बहन की चूत दुखने लगी.

बस कर मनीष !! मेरी चूत में दर्द उठ रहा है ! कविता बोली
नहीं छिनाल !! अब क्यूँ भाग रही है. चुद ले अच्छे से आज ! अब क्यूँ भागती है !! मनीष बोला. और उसने कोई २ मिनट में मेरी बहन को २०० ३०० बार किसी मशीन की तरह चोद दिया होगा. कविता का सारा बहन काँप गया, थरथरा गया. एक एक रोंगट खड़ा हो गया.
बस कर मनीष !! बस कर दर्द होता है !! कविता रोने लगी.             “Meri Behan Kadak Maal”

पहले वडा कर छिनाल अगर लंड खाना होगा तो मेरा या किसी हिंदू का लंड खाएगी. उस सलीम से नही चुदेगी. वडा कर !! मनीष बोला और गचागच उसको पेलता गया.
मैं वादा करती हूँ की आज से तेरा ही लंड खाऊँगी !! कविता बोली.
कम से कम ५० बार जल्दी जल्दी मनीष से मेरी बहन को खट खट करके चोदा और उसके भोसड़े में माल छोड़ दिया. दोस्तों, उस पूरी रात मनीष ने मेरी गरम गाये जैसी बहन को कुल १५ १६ बार चोदा. सुबह मैं उसके हाथ में १००० रुँपये रखे.मैंने कहा. थैंक्स यार !!                    “Meri Behan Kadak Maal”

ये कहानी Meri Behan Kadak Maal Ban Kar Lund Mangne Lagi आपको कैसी लगी कमेंट करे……………………

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *