Meri Bhabhi Chut Khujati rahti Thi – मेरी भाभी चूत खुजाती रहती थी

हाय, यह कहानी बिल्कुल सच्ची है और सारी कहानी की घटना जयपुर पिंक सिटी में हुई है।मेरा नाम अभय है (बदला हुआ) मैं 27 साल का हूँ, 5 फुट 7 इंच लम्बा हूँ। मेरा लंड 7 इंच लम्बा है। Meri Bhabhi Chut Khujati rahti Thi.

मेरे बड़े भाई, विनोद की शादी हुए एक साल हुआ है। पिछले 6 महीने से व्यापार में बहुत तेज़ी आने से विनोद भैया रात को 12 बजे तक काम करते हैं। कई बार मैं भैया को भाभी को छुप कर चोदते हुए देख चुका था।
मेरी भाभी सुनीता, 5 फुट 3 इंच लम्बी हैं, वो भी 25 साल की हैं और फिगर 36-32-36 है, बहुत गोरी और तीखे नैन-नक्श हैं। भाभी के कूल्हे उभरे हुए हैं और उठी हुई चूचियाँ हैं।

एक बार जब भैया किसी काम से 15 दिनों के लिए जयपुर से बाहर चले गए तो मैंने देखा कि भाभी उदास-उदास सी होने लगी थी और मैंने देखा कि वो दिन में कई बार अपनी चूत को अपने हाथ से खुजलाती रहती थीं।
इन 4-5 दिनों में वो कई बार मेरे सामने भी अपनी चूत को खुजलाती रहती थीं और खुजलाते समय मेरी तरफ़ बड़े ही मोहक अंदाज में, गहरी नज़रों से देखती भी जाती थीं।
मैं जान गया था कि भाभी की चूत बड़ी मचल रही है, पर मैं क्या कर सकता था।
एक सुबह मैंने देखा कि भाभी जब दूध लेने दूध वाले के पास आईं, तो उसके सामने अपनी चूत को खुजलाईं, दूध वाला भी बड़ी गहरी नज़रों से भाभी को चूत खुजलाते देख रहा था, मुझे एक झटका सा लगा, मैं जान गया कि मुझे कुछ करना पड़ेगा, वरना घर की इज़्ज़त जाने वाली है।

उस रात मैंने पक्का सोच लिया कि मुझे भाभी की मदद करनी ही पड़ेगी, वरना कुछ भी हो सकता है।
उस रात जब सब लोग सो गए, मैं उसी तरह सुनीता भाभी के पास जाकर सो गया और मैंने तो फ़ैसला कर लिया था कि आज कुछ तो करके ही रहूँगा।

सबके सो जाने के बाद मैंने एक कोशिश की, मैंने पहले उनके करीब जाकर लेट गया, फिर आहिस्ता से, उनके मम्मों पर हाथ फिराया और आहिस्ता-आहिस्ता से दबाने लगा।
मुझे ऐसा लग रहा था कि वे भी मूड में आ रही हैं। फिर मैंने उनके कॉटन वाले टॉप में हल्के से हाथ डाला।

जब मेरा हाथ उनकी मुलायम चूचियों पर गया, तब मेरे हाथ में उनका स्पंजी ब्रा थी, जो मुझे डिस्टर्ब कर रही थी। इस दौरान मेरी धड़कनें तेज़ हो रही थीं।
फिर मैंने अपनी उँगलियों से उनकी ब्रा को हटाने की कोशिश की, पर नाकाम रहा क्योंकि मेरे ऐसा करने से वे थोड़ा सा हिलने लगीं और मैंने फ़ौरन अपना हाथ हटा लिया।
लेकिन, कुछ देर बाद मैं खुद ही हैरान हो गया, क्योंकि मेरे लंड पर भाभी का हाथ था और देखते ही देखते उन्होंने हल्के से मेरे लंड को मसलना शुरू किया।
मुझे तो यकीन ही नहीं आ रहा था।
उनके ऐसा करने से मुझे भी जोश आ गया, मैंने उनकी मदद करने के लिए अपनी ज़िप खोल कर अपना लंड उनके हाथ में दे दिया- लो मसलो मेरे लौड़े को अहह.. ओह…!
और उन्होंने सच में मसलना शुरू कर दिया।
मैं तो अपने आपे में ही नहीं रहा।
हम दोनों ने एक-दूसरे के कपड़े निकाले तो मैं पहली बार साक्षात नंगी औरत को देख रहा था।
मैं तो भाभी को नंगी देख कर बहुत खुश हो गया और चूत को देखा तो शायद भाभी ने सुबह ही अपनी चूत साफ़ की थी।
मैंने चूत पर हाथ फिराया, तो मेरे हाथ में चिकना रस आया, मैंने भाभी से पूछा- आप चुदासी हो रही हो?
वो बोलीं- बहुत, आज तो प्यारे देवर जी, मेरी जी भर के चुदाई कर दो।
बस मैंने भाभी को दोनों हाथों से उठाया और बिस्तर पर लिटा कर दोनों टाँगें फैला दीं और भाभी के होंठों पर चुम्बन करने लगा। फिर दोनों मम्मों को हाथों से पकड़ कर बहुत प्यार से मसका, फिर चूचुकों को मुँह में लेकर खूब चूसा।
अब तो भाभी बहुत चुदासी हो गईं और कहती हैं- अभय, अब मेरी चूत चाटो..!

मैंने भाभी की दोनों टाँगें अपने कन्धे पर रखीं और बीच में मुँह लगाया और चूत की पुत्तियों को खींच कर चूसने लगा, फिर ज़ुबान से सारा रस पीने लगा, अपनी पूरी ज़ुबान चूत में डाल दी।
चूत के मुकुट (क्लाइटॉरिस) को दोनों होंठों में दबा कर चूसने लगा तो भाभी मस्त होकर अपने कूल्हे उठा रही थीं, वो बोलीं- अभय, तुम्हें औरत की चुदाई करना बहुत अच्छी आती है।
मैंने 10 मिनट भाभी की चूत चाटी और चूत के मुकुट को मुँह में लेकर खींच कर जो चूसा, तो भाभी को पहला चरमोत्कर्ष मिल गया।
वो मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगीं और झटके लेने लगीं, मैं लगातार चूत चाटता रहा, एक मिनट तक उनकी चूत झड़ती रही।
फिर भाभी ने मेरा लंड मुँह में लिया और प्यार से चूसने लगीं, चारों तरफ अपना हाथ लंड पर फिराने लगीं और आधा लंड 4 इंच मुँह में ले लिया।                                                                                “Bhabhi Chut Khujati rahti”
फिर वो ज़ुबान से सारे प्रीकम को चाट गईं और बोलीं- अब मेरी चुदाई करो, मैं बहुत तड़प रही हूँ। कितने दिन से तुम्हारे भैया ने मुझे अच्छी तरह से नहीं चोदा है।
मैंने भाभी के चूतड़ों के नीचे एक तकिया रखा और दोनों टाँगें फैला दीं।
फिर मैंने अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया। जब मैं अपना लंड नीचे लाया, तो भाभी ने झपट कर मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ कर चूत के छेद पर रखा।
मैंने आहिस्ते से लंड को चूत में डालने के लिए दबाव दिया तो सुपारा चूत में अन्दर घुस गया और भाभी की आँखें फ़ैल कर बड़ी हो गईं।
मैंने पूछा- कोई तकलीफ़ तो नहीं हो रही है?
भाभी बोलीं- नहीं, सिर्फ़ चूत पसर गई है, ऐसा महसूस हुआ।                                       “Bhabhi Chut Khujati rahti”
मैंने और दबाव दिया और आधा लंड चूत में डाल दिया, फिर मैं भाभी के होंठों पर चुम्बन करने लगा और आहिस्ते-आहिस्ते लंड अन्दर-बाहर करके चोदना शुरू किया।
चार और धक्के मारे और पूरा 7 इंच लंड चूत में घुसेड़ दिया।
भाभी ने मेरे चूतड़ पकड़ लिए पर मैंने लंड को चूत में पेलना जारी रखा।
वे बोलीं- ठहरो जरा, लौड़े को ऐसे ही चूत में थोड़ी देर रखो, बहुत मज़ा आता है।
मैंने लंड को चूत में रखा और मम्मों को मसलने लगा।                              “Bhabhi Chut Khujati rahti”
दो मिनट के बाद भाभी बोलीं- बस अब जी भर के मेरी चुदाई करो।
मैंने अपना लंड आधा से ज़्यादा अन्दर-बाहर कर के चुदाई करने लगा, पूरी 10 मिनट की चुदाई के बाद भाभी को दूसरा परम-आनन्द प्राप्त हुआ।
वो मुझे अपनी बाहों में पकड़ कर झटके लेने लगीं, मैंने आहिस्ते-आहिस्ते चुदाई चालू रखी।
दो मिनट तक भाभी का ओर्गेज्म चला, फिर वो अपना दोनों हाथ बेड पर फैला कर बोलीं- माय गॉड अभय, आप तो गजब के चोदू हो.. ऐसे तो तुम्हारे भाई ने मुझे कभी नहीं चोदा।                                      “Bhabhi Chut Khujati rahti”
मैंने कहा- भाभी अभी चुदाई ख़त्म नहीं हुई है, मेरा माल निकलेगा तब ख़त्म होगी।
भाभी बोलीं- हाँ.. मुझे मालूम है.. बस अपनी भाभी को जी भर के चोदो, बहुत मज़ा आता है।
मैंने लंड पूरा बाहर निकाल दिया और भाभी को चाट कर साफ़ करने को कहा, फिर चूत में वापस डाला, अब तो लम्बे-लम्बे धक्के मारने लगा और भाभी बहुत उत्तेजित हो गईं, बोलने लगीं- फाड़ दो मेरी फाड़ दो मेरी चूत… पूरा लंड अन्दर डाल दो।
मुझे पसीना आने लगा, भाभी ने अपना पेटीकोट लेकर मेरा माथा पोंछ दिया और चुम्बन देने लगीं।
पूरे 10 मिनट मैंने खूब चुदाई की, बाद में बोला- भाभी मैं आ रहा हूँ..!
भाभी बोलीं- हाँ अन्दर ही आओ..!
और मैं वीर्य की पिचकारियाँ चूत में छोड़ने लगा, गरम-गरम पिचकारियां मारीं, भाभी तो आनन्द के मारे बेहोश सी हो गईं, वो भी साथ में झड़ी थीं और उनका पूरा बदन झटके खाने लगा।                                 “Bhabhi Chut Khujati rahti”
दो मिनट तक हम दोनों झड़ते रहे, आख़िर में मैं निढाल होकर भाभी पर ही लेट गया, मेरा लंड नरम होने लगा।
मैंने उठ कर लंड चूत से बाहर निकाला, पूरा लंड वीर्य और रज से भरा चमक रहा था।
हम दोनों बाथरूम में गए, भाभी कमोड पर बैठीं और तभी मेरा माल भाभी की चूत से निकल कए टपकने लगा।
भाभी बोलीं- अभय तुम्हारा माल तो देखो, साण्ड की तरह पूरा कप भर कर निकला है और तुम्हारा भाई का तो सिर्फ एक चम्मच निकलता है।
मैंने अपना लंड साबुन से धोया और हम दोनों ने कपड़े पहन लिए।
मैं भाभी को बांहों में लेकर चूमने लगा और पूछा- क्या तुम्हारा देवर चुदाई के लायक है?
भाभी ने भी मुझे अपने बाहुपाश में जकड़ लिया- हाँ जी है ..!                                      “Bhabhi Chut Khujati rahti”
यह मेरा और भाभी का मस्त चुदाई वाल प्रकरण था जो आपके सामने रख दिया.

ये कहानी Meri Bhabhi Chut Khujati rahti Thi आपको कैसी लगी कमेंट करे……

3 thoughts on “Meri Bhabhi Chut Khujati rahti Thi – मेरी भाभी चूत खुजाती रहती थी

  1. zahida khan

    i am veary exiter after read this story meri chut me bhi khujli hone lagi mera bhi man kas kas ke chudane aur chut fadwane ka karne laga koi mere mome daba daba aur chse ke lal kar de

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *