Savita Bhabhi Ke sath Meri Pahli Chudai – सविता भाभी के साथ मेरी पहली चुदाई

मेरा नाम समीर है, मेरी उम्र 20 वर्ष है, दिल्ली का रहने वाला हूँ। मैं इंजीनियरिंग कर रहा हूँ, और मैं एक जिगोलो हूँ। Hamarivasna पर यह मेरी पहली कहानी है, अगर कोई गलती हो तो मैं क्षमा चाहता हूँ। मुझे विवाहिता स्त्री बहुत पसंद है क्योकि विवाह के बाद स्त्री और भी सुंदर हो जाती है। यह कहानी भी एक विवाहिता स्त्री की ही है। Savita Bhabhi Ke sath Meri Pahli Chudai.

बात आज से दो साल पहले की है जब मैं अपनी बुआ के यहाँ गाँव में घूमने गया था। गाँव का माहौल शहरों से बिल्कुल अलग होता है, मुझे गाँव में आकर बहुत अच्छा लगा। उस समय मैं एक सीधा-सादा लड़का था। मैं किसी लड़की से आँख भी नहीं मिला पाता था, पर शुरू से ही मुझे लड़कियों से ज्यादा विवाहिता स्त्रियों में ज्यादा दिलचस्पी रही, उनसे बोलने, बाते करने और उनकी तरफ देखने में मैं बहुत कम शर्माता था !

बुआ के पड़ोस में एक भाभी रहती थीं, उनका नाम सविता (बदला हुआ) था, वो लगभग 27 साल की थीं। उनकी शादी को 7 साल हो चुके थे पर उन्हें कोई संतान नहीं थी, इसलिए वो बहुत दुखी रहती थीं। इस बात को लेकर सब लोग उन्हें ताने देते थे, सबसे ज्यादा उनकी सास, वो उन्हें बाँझ कह कर बुलाती थी।

ये सब देख कर मैं कुछ उदास हो गया, मेरे मन में उनके लिए एक जगह बन गई। मैं उनका दुःख दूर करना चाहता था पर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए। भाभी की बुआ से अच्छी बोल चाल थी, कभी कभी वो घर भी आती थी लेकिन उनसे बात करने की मेरी हिम्मत नहीं होती थी।

एक दिन वो हमारे यानि बुआ के घर आईं और मेरे बारे में पूछने लगीं। बुआ ने बताया कि मैं छत पर हूँ और मैं छत से उनकी बातें सुन रहा था।

बुआ ने पूछा- तुम्हें क्या काम है समीर से?

तो भाभी ने बताया कि उन्हें कुछ सामान चाहिए जो कि टांड पर रखा हुआ है और वो उतार नहीं पा रही हैं।

बुआ ने मुझे आवाज लगाई- समीर नीचे आओ।

तो मैं छत से ही नीचे आँगन की ओर देखकर बोला- बुआ, क्या काम है?

बुआ ने कहा- तुझे भाभी बुला रही हैं, इन्हें टांड से कुछ सामान उतरवाना है, इनकी मदद कर दे !

मैंने काहा- बुआ, बिट्टू(बुआ का लड़का) को भेज दो।

लेकिन भाभी ने कहा- समीर, उससे नहीं होगा, तुम ही चलो, टांड ऊँचा है।

मैंने कहा- ठीक है भाभी, आप चलिए, मैं थोड़ी देर में आता हूँ।

थोड़ी देर बाद जब मैं उनके घर गया तो उनके घर का मुख्य द्वार खुला हुआ था। मैं अन्दर गया और आंगन में पहुँच कर भाभी को आवाज लगाई, तभी भाभी एक कमरे से निकल कर बाहर आईं।

मैंने कहा- कहिए भाभी, क्या काम था आपको मुझसे?

तो भाभी ने कहा- आप अन्दर आइये।

मैं उनके पीछे-पीछे कमरे में चला गया, कमरे में जाने पर भाभी ने कहा- इस टांड पर एक पॉलिथीन रखी है, उसे उतार दीजिए।

मैंने एक स्टूल पर चढ़ पॉलिथीन को उतार दिया और पूछा- भाभी इस पोलीथिन में क्या है?

उन्होंने बताया कि इस में कुछ ऐसी सीडी हैं, जो अकेले में देखने की हैं और आज घर पर कोई नहीं है तो…

मेरे दिमाग का बल्ब खट से जल गया, लेकिन मैंने अनजान बनते हुए पूछा- अकेले में देखने का मतलब?

भाभी ने एक प्यारी से चुम्मी ली और कहा- आप अभी इतने बड़े नहीं हुए, ये लीजिये 10 रुपए, फ्रूटी पीजिये जाकर।

भाभी की बातें सुनकर मेरे तो होश ही उड़ गए थे। मैं जल्दी से अपनी छत पर गया। भाभी के घर की छत हमारे घर की छत से मिली हुई है। मैं अपनी छत से होता हुआ भाभी की छत पर पहुँच गया। उनकी छत पर एक जाल था, जो उनके ही कमरे के ऊपर था। मैं धीरे से जाल के पास गया और बैठ कर नीचे देखने लगा।

भाभी पलंग पर बैठी थीं और उनके हाथ मैं सीडी प्लयेर का रिमोट था, शायद उन्होंने सीडी डाल दी थी। थोड़ी देर बाद टी-वी पर ब्लू फिल्म चलने लगी।                                                               “Savita Bhabhi Ke sath”

यह देख कर मेरे तो तोते उड़ गए और पप्पू धीरे धीरे पास होने लगा। फिल्म में एक लड़का और दो लड़कियाँ थीं,एक लड़की तो उस लड़के को स्तनपान करवा रही थी, तो दूसरी उसका लिंग चूस रही थी।

भाभी ने भी देखते देखते अपनी टाँगें पलंग पर फैला लीं और साड़ी के ऊपर से ही अपनी योनि को सहलाने लगीं।

यह देख कर मुझे भी मस्ती चढ़ने लगी और मैं भी अपना लिंग पैंट से बाहर निकाल कर हैण्ड पंप चलाने लगा।

भाभी की सीत्कार बढ़ने लगी और साथ-साथ मेरी मूठ मारने की गति भी।

तभी भाभी आँखें बंद करके जोर-जोर से सीत्कार करने लगीं, शायद उनका पानी निकल गया था। ये सब देख कर मैं जल्दी ही अपनी चरम सीमा तक पहुँच गया और अपने आप मेरी आँखे बंद हो गईं, मैं झड़ने लगा था। मैं इतना उत्तेजित हो गया था कि पता नहीं कितनी देर तक मैं अपना लिंग हिलाता रहा।

जब मैंने आँखे खोली तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं। भाभी ऊपर मुँह किये मुझे ही देख रही थीं। तभी उन्होंने गुस्से से मुझे नीचे आने को कहा।                                                                     “Savita Bhabhi Ke sath”

मैं छत से उनकी ही सीढ़ियों से होता हुआ नीचे आ गया, भाभी सीढ़ियों के बिल्कुल नीचे ही खड़ी थीं।

उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और खींच कर मुझे कमरे में ले गईं।

कमरे में जाते ही उन्होंने मुझे जोर से धमकाया- यह तुम क्या कर रहे थे?

मैंने कहा- भाभी, मुझे माफ़ कर दीजिए, पता नहीं मुझे क्या हो गया था, मैंने आपको देखा तो ये सब हो गया, पर आप ये सब क्यों करती हैं, क्या आपके पति से आपको ये सुख नहीं मिलता?इस पर भाभी ने कहा- अगर मिलता तो मैं ये काम करती ही क्यों, इसीलिए तो मैं इतना परेशान रहती हूँ, इसी कारण आज तक मैं माँ नहीं बन सकी, और सब लोग इसमें मेरी कमी बताते हैं और मुझे बाँझ कहते हैं।                                                                 “Savita Bhabhi Ke sath”

मैंने कहा- भाभी, मैं आपको दुखी नहीं देख सकता, बताइए मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ?

भाभी ने कहा- समीर, आज तक किसी ने मुझसे मेरा दुःख नहीं पूछा और न ही मेरी मदद की, तुम मुझे बहुत अच्छे लगने लगे हो, क्या तुम सचमुच मेरे लिए कुछ भी कर सकते हो?

मैंने कहा- हाँ भाभी, मुझे भी आप बहुत अच्छी लगती हैं और मैं आपकी ख़ुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ।

भाभी ने कहा- समीर क्या तुम मुझे एक बच्चा दे सकते हो?

“ये आप क्या कह रहीं हैं भाभी?”

“हाँ समीर, मुझे एक बच्चा चाहिए और तुम्हीं मुझे ये सुख दे सकते हो, मेरे पति पिछले सात सालों में मुझे ये सुख नहीं दे पाए, मुझ पर यह उपकार कर दो, मैं तुम्हारा उपकार जिंदगी भर नहीं भूलूँगी।”

ये कहकर भाभी रोने लगीं।                                                    “Savita Bhabhi Ke sath”

मैं उन्हें चुप करवाते हुए बोला- मैं इसके लिए तैयार हूँ।

तो उन्होंने कहा- यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए, यह राज़ की बात हम दोनों के बीच रहनी चाहिए !

मैंने कहा- जैसा आप चाहेंगी वैसा ही होगा भाभी।

इतना कहते ही भाभी ने मेरे होठों से अपने होंठ लगा दिए, और मेरे होठों को चूसने लगीं।

मैं भी उनका पूरा-पूरा साथ देने लगा, उनके होंठ बहुत रसीले थे, हम दोनों लगभग 20 मिनटों तक एक दूसरे के होठों का रसपान करते रहे ! फिर भाभी ने मुझे पलंग पर धक्का दे दिया और मेरा लिंग पैंट के ऊपर से ही मसलने लगीं। भाभी मेरी ओर मुँह करके झुकी हुई थीं, उनके दोनों स्तन काफी कसे हुए थे, मुझे उनके स्तनों की लकीर साफ़-साफ़ दिखाई दे रही थी।

मैंने उनके ब्लाउज के हुक खोलने शुरू कर दिए, तब तक भाभी मेरी पैंट को नीचे सरका चुकी थीं, वो मेरा लिंग सहलाने लगीं।                                                                                        “Savita Bhabhi Ke sath”

मैंने भी भाभी का ब्लाउज उतार दिया ओर उनके स्तनों को ब्रा के ऊपर से ही सहलाने लगा और दबाने लगा।

भाभी मेरे सुपारे की खाल को ऊपर नीचे करने लगीं, हम दोनों के मुँह से आह्ह ऊह आह ओह्ह जैसी कामुक सीत्कार निकल रहीं थी।फिर मैंने भाभी को उनके कंधे से पकड़ कर उठाया और पलँग पर लिटा कर उनके होठों का रसपान करने लगा !                                                                                      “Savita Bhabhi Ke sath”

वो भी मेरी जीभ को पकड़ कर चूसने लगीं, मेरे होंठ भाभी के होंठों पर थे ओर दोनों हाथ भाभी के स्तनों पर। फिर मैंने भाभी की ब्रा भी उतार फेंकी और उनके स्तनों को चूसने लगा !

भाभी जोर-जोर से बोलने लगी- आह अहह ओह ऊह ह्ह आआअह ! हाय मेरे राजा ! और जोर से चूस इन्हें ! बहुत सालों का रस इकठ्ठा है इनमें !

मैं उनके चूचकों को अपने दांतों से हल्का-हल्का दबाने लगा, तो भाभी चिल्ला उठीं और ऐसा करने से मना करने लगीं, लेकिन उनके चेहरे से ये इनकार बेमानी लग रहा था।

फिर भाभी ने कहा- मेरे राजा अब और मत तड़पाओ मुझे, मेरी प्यास बुझा दो।

मैंने भाभी को पलंग पर खड़ा कर दिया। भाभी ने अपनी साड़ी और पेटीकोट को अपने बदन से अलग कर दिया और अपनी योनि को मेरे मुँह पर दबा दिया !                                                                        “Savita Bhabhi Ke sath”

उनकी योनि की खुशबू मुझे पागल करने लगी, फिर भाभी दोबारा बिस्तर पर लेट गई और मुझे अपनी योनि चूसने को कहने लगीं।

मैंने कहा- नहीं भाभी, ये सब मुझे अच्छा नहीं लगता !

भाभी के बार-बार कहने पर भी जब मैंने मना किया तो भाभी ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरा लिंग अपने मुँह में ले लिया, मुझे तो अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हो रहा था पर उससे मिलने वाले सुख ने सारी सच्चाई बयां कर दी !

भाभी करीब 15 मिनट तक मेरा लिंग चूसती रहीं, मैं अब अपनी चरम सीमा तक पहुँच गया था, मैंने भाभी से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ।                                                                                    “Savita Bhabhi Ke sath”

तो भाभी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, वो और जोर-जोर से मेरा लिंग चूसने लगीं और मैं उनके मुँह में ही झड़ने लगा।

मैंने भाभी के सिर के पीछे हाथ लगा कर अपना लिंग उनके मुँह में दबा दिया, वो मेरा सारा वीर्य पी गईं।

मेरे इतनी जल्दी झड़ने की वजह भाभी का मुख मैथुन का तरीका था, उनका ये तरीका मुझे बहुत पसंद आया और मैंने उनकी तारीफ़ भी की, तो उन्होंने कहा- तारीफ़ से कुछ काम नहीं चलेगा, तुम्हें भी मुझे यह मज़ा देना होगा, और इस बार तुम्हारी ना नहीं सुनूंगी मैं।

मैंने कहा- ठीक है भाभी, आप लेट जाओ !                                                    “Savita Bhabhi Ke sath”

और मैंने भाभी की पैंटी उतार फेंकी और उनकी योनि को सहलाने लगा, भाभी की योनि बहुत चिकनी थी, मैंने उनकी योनि में अपनी एक उंगली डाल दी, और वो चिहुक उठीं। में अपनी ऊँगली अन्दर बाहर करने लगा, जब मैंने अपनी उंगली बाहर निकाली तो उस पर लार जैसा पानी लगा था, मैंने अपनी उंगली चूस कर देखी तो उसका स्वाद कुछ नमकीन था।

फिर मैंने अपनी दो उंगलियाँ भाभी की योनि में डाली, इस बार उंगलियाँ काफी मुश्किल से अंदर बाहर हो रही थी, ऐसा लग रहा था जैसे भाभी की योनि कभी चुदी ही ना हो।

तो भाभी ने कहा- राजा जी, अब और ना तड़पाओ, अब चूस भी डालो इसे।

तो मैंने अपने होंठ भाभी की योनि के होंठों पर रख दिए, शुरू-शुरू में तो मुझे बहुत बुरा लगा पर धीरे-धीरे मुझे उनकी योनि का पानी अच्छा लगने लगा, अब मैं अपनी जीभ उनकी योनि के अन्दर-बाहर करने लगा तो भाभी ने मेरा सिर पकड़ लिया और मेरे बालों में हाथ फेरने लगीं, वो बहुत कामुक सीत्कार कर रही थीं- अह आह अहह ओह ऊह ओहू अहू ओह उन्ह्हह्ह्ह्ह !                                                                                  “Savita Bhabhi Ke sath”

सारा कमरा उनकी कामुक सीत्कार से गूँज उठा। करीब दस मिनट तक उनकी योनि चूसने के बाद वो अपनी कमर उठा कर झड़ने लगीं और मैंने उनका सारा का सारा रस पी लिया और उनके ऊपर लेट गया।

कुछ देर बाद भाभी मुझे चूमने लगीं और कहने लगीं- राजा, अभी तो बहुत काम बाकी है।

फिर भाभी ने मेरा लिंग अपने मुह में लेकर चिकना कर दिया और अपनी टाँगें खोल कर लेट गईं, मैंने उनकी टांगें अपने कन्धों पर रख लीं जिससे मेरा लिंग उनकी योनि पर लगने लगा।

भाभी ने मेरा लिंग पकड़ कर अपनी योनि के द्वार पर लगा दिया और मैंने एक जोरदार धक्का लगाया पर मेरा लिंग आधा ही घुस पाया ।                                                                          “Savita Bhabhi Ke sath”

भाभी की चीख निकल गई और वो कहने लगीं- जरा धीरे-धीरे कर समीर, बहुत दिनों के बाद चुदी हूँ आज।

मैं रुक गया और उनके स्तनों को मसलने लगा, साथ-साथ उनके होंठ भी चूसने लगा, उन्हें कुछ आराम मिला। मैंने फिर से एक जोरदार धक्का लगाया तो मेरा लिंग उनकी योनि में पूरा का पूरा समा गया ! थोड़ी देर धक्के लगाने के बाद वो भी मेरा साथ देने लगीं और अपनी कमर उचकाने लगीं- अहऽऽओहऽऽओह ! मेरे राजा और जोर से चोद मुझे ! आज तक की सारी कसक निकाल दे आज।

मैंने काफी देर तक भाभी की जम कर चुदाई की क्योंकि हम पहले भी एक बार झड़ चुके थे। इस बार स्खलित होने में हमें 20 मिनट लगे !

इसके बाद मैंने भाभी से उनकी गांड मारने की इच्छा ज़ाहिर की, तो भाभी ने कहा- वो फिर कभी, अगर सारा काम आज ही कर लोगे तो कल मेरे पास क्यों आओगे !                                                “Savita Bhabhi Ke sath”

मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसी बात नहीं है, मैं जब तक यहाँ हूँ, ऐसे ही आपकी सेवा करता रहूँगा और फिर मुझे अपना वादा भी तो पूरा करना है आपको बच्चा देने का।

भाभी ने कहा- शाम हो चुकी है, मेरे पति भी आते होंगे।

तो मैंने कहा- और आपकी सास?

तो उन्होंने कहा- वो तो शादी में गई हैं, 3-4 दिन में आएंगीं।

तो मैंने कहा- फिर तो रोज ऐसी ही चुदाई करेंगे?                 “Savita Bhabhi Ke sath”

तो भाभी ने हँस कर मेरे होंठों पर एक प्यारा सा चुम्बन दिया और कल तक के लिए मुझे अलविदा कहा।

मैं दो सप्ताह गाँव में रहा और इस दौरान मैंने कई बार भाभी को चोदा और उनकी गांड भी मारी।

आज भाभी एक बच्चे की माँ हैं और मैं जब भी गाँव में जाता हूँ वो मेरा धन्यवाद करती हैं और मुझसे चुदाई करवाती हैं।

मैं अपना पहला सेक्स अनुभव कभी नहीं भूल पाऊँगा।

वैसे तो मैंने आज तक कई स्त्रियों को भोगा है पर मैं आज तक सविता भाभी को नहीं भूल पाया हूँ। मैंने बहुत मुश्किल से समय निकाल कर आप लोगों को अपनी कहानी सुनाई है, अगर समय मिला तो आप लोगों के सामने अपनी जिंदगी की और भी कहानियाँ रखूँगा। आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी,                      “Savita Bhabhi Ke sath”

 

1 thought on “Savita Bhabhi Ke sath Meri Pahli Chudai – सविता भाभी के साथ मेरी पहली चुदाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *