School Program Me Sex Ka Majja Diya Boyfriend Ne

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मेरा नाम अंकिता है और मैं स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा हूं। मेरे पिताजी पुलिस में है और वह बहुत ही सख्त है। वह हमें कहीं भी ऐसे ही नहीं जाने नहीं देते। वह कहते हैं तुम्हें यदि जाना है तो तुम मुझसे पूछ कर जाना। हमें कहीं भी जाना होता तो हमें उनसे ही परमिशन लेनी पड़ती थी। मेरी मां तो घर में ही रहा करती थी। वह ज्यादा इधर-उधर नहीं जाती थी। मेरी एक छोटी बहन है। उसे भी किसी से ज्यादा मतलब नहीं रहता था। वह भी कहीं नहीं जाती और अपने ही स्कूल के काम में लगी रहती थी लेकिन मेरा तो बहुत मन करता था कि मैं अपने दोस्तों के साथ खेलने जाऊ। उनके साथ कहीं घूमने जाऊं। School Program Me Sex Ka Majja Diya Boyfriend Ne.

क्योंकि हमारे स्कूल की लड़कियां भी कहीं ना कहीं घूमने जाती थी और वह लोग मूवी देखने भी जाते थे लेकिन मैं कहीं नहीं जा सकती थी। क्योंकि मुझे मेरे पिताजी का डर लगा रहता था। मुझे ऐसा लगता था कि कहीं उन्हें इस बारे में पता चल गया तो वह तो मेरी खटिया की खड़ी कर देंगे और मुझे बहुत ज्यादा मारेंगे। इसलिए मैं कभी भी इस डर से उनसे कुछ कहती भी नहीं थी और ना ही मैं कहीं गई। मैं स्कूल जाती थी और स्कूल से घर आ जाती थी।         “School Program Me Sex”

हमारे स्कूल में बहुत से लड़के भी पढ़ते थे और हमारे क्लास में जितने भी लड़के थे सब बहुत अच्छे थे लेकिन एक लड़का जिसका नाम लक्ष्मण है। वह सबको बहुत ही परेशान करता रहता था। उससे सारे टीचर भी परेशान थे और सब बच्चे भी परेशान थे। उसकी आदत पता नहीं क्या थी। वह किसी को भी शांत बैठे हुए नहीं देख सकता था और उसे परेशान करने लग जाता था। जब भी कोई टीचर क्लास में आते हैं तो वह बड़ी जोर जोर से हंसने लग जाता और ऐसे ही सब लोगों का मजाक भी उड़ाता रहता था। कभी वह किसी का टिफिन चोरी कर लेता और उसका टिफिन खा लेता। उससे सब बहुत ज्यादा परेशान रहता है। टीचर भी उसे कुछ नहीं कहते थे।

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क्योंकि उन्हें पता था कि हम इसे कुछ कहेंगे तो यह कुछ मानने वाला तो है नहीं। इसलिए उन्होंने भी उसे कहना छोड़ दिया था। टीचर हमारे क्लास में आते हैं और पढ़ा कर वापस चले जाते हैं। टीचरों का यही रूटीन बना हुआ था। हमारी क्लास में कोई भी अच्छे से ध्यान नहीं दे रहा था। सिर्फ लक्ष्मण की वजह से। लक्ष्मण को सब बच्चों ने भी कितनी बार समझाया कि उसकी यह सब आदत बहुत गंदी है और यह तुम्हारे भविष्य के लिए भी अच्छी नहीं है। वह कहता कि यह मेरी मर्जी है। मैं कुछ भी कर सकता हूं। चाहे तो मैं किसी को भी परेशान कर सकता हूं। यह कहते हुए वह सबको ही बहुत ज्यादा परेशान करता था लेकिन मेरी उससे ज्यादा बात नहीं होती थी। वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं था और ना ही मैं उससे बात करना चाहती थी।                           “School Program Me Sex”

एक बार हमारे स्कूल में प्रोग्राम होने वाले थे तो हमारे क्लास को भी उस में हिस्सा लेना था। हम लोगों ने भी सोचा कि हम भी इसमें हिस्सा लेते हैं। मैंने भी उसमें हिस्सा ले लिया। और हम लोग इस वर्ष एक नाटक करने वाले थे। उसमें हमारे क्लास के कुछ बच्चों ने हिस्सा ले लिया और लक्ष्मण ने भी कहा कि मैं भी उस नाटक में कुछ करना चाहता हूं। पहले तो उसे सब बच्चे मना कर रहे थे और टीचर बिल्कुल नहीं चाहते थे कि वह कुछ करें लेकिन उसके काफी जिद करने के बाद  मजबूरी में उसे रखना ही पड़ा। अब हम सब लोग नाटक की तैयारी के लिए लगे हुए थे। स्कूल खत्म होने के बाद हम लोग एक घंटा  नाटक की तैयारी किया करते थे। हमारा प्रोग्राम एक महीने बाद था। तो हमें ऐसा करते हुए दो-तीन दिन हो चुके थे।                    “School Program Me Sex”

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उसके बाद एक दिन लक्ष्मण ने मुझसे बात कर ली। मैं बिल्कुल भी नहीं चाहती थी कि वह मुझसे बात करें। मैं उस से भागने की कोशिश कर रही थी लेकिन वह मेरे नजदीक आ गया और मुझसे बात करने लगा। मुझे उससे मजबूरी में बात करनी पड़ी और वह मुझसे पूछने लगा तुम्हारे पिताजी क्या करते हैं। मैंने उसे बताया कि मेरे पिताजी पुलिस में है। जैसे ही उसने यह सीना तो वह भी कहने लगा कि मेरे भी पिताजी पुलिस में ही है। उसने अपने पिताजी का नाम बताया तो मुझे ऐसा लगा कि मुझे अपने पिताजी को पूछना चाहिए। मैं जब घर गई तो मैंने अपने पापा से लक्ष्मण के पिता जी का नाम कहा और वह कहने लगे कि वह तो हमारे सीनियर हैं।

अब उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम उन्हें कैसे जानते हो। मैंने उन्हें बताया कि हमारे क्लास में लक्ष्मण नाम का लड़का है। उसने ही बताया था कि उसके पिताजी भी पुलिस में है। इस बात से मुझे भी थोड़ा हैरानी हुई और अब हम लोग ऐसे ही अपने प्रोग्राम में लगे हुए थे। लक्ष्मण उस प्रोग्राम में कुछ ना कुछ उल्टी हरकतें कर देता। जिसकी वजह से हमारा प्रोग्राम सारा खराब हो जाता था। उसे अब भी समझ नहीं आ रहा था कि हम कितना सीरियस होकर कर रहे हैं लेकिन वह फिर भी किसी को सीरियस होने ही नहीं देता। कभी खुद ही हसने लगता तो कभी किसी की कुर्सी खींच देता और वह नीचे गिर जाता।                  “School Program Me Sex”

उसकी इस आदत से परेशान होकर हम सब ने सोच लिया कि अब हम प्रोग्राम में हिस्सा नहीं लेंगे। जब उसे इस बात का पता चला तो उसे भी थोड़ा बुरा लगा और उसने हम सब से माफी मांगी और कहने लगा, नहीं मैं तुम्हें अबसे कभी भी परेशान नहीं करूंगा। अब वह सबके लिए चॉकलेट ले आया और सबको एक एक चॉकलेट देने लग गया। जिससे सब बच्चे खुश हो गये और अब वह भी अच्छे से बात करने लगा उसकी जो हरकते थी वह सब खत्म होने लगी। अब मैं भी उससे बहुत अच्छे से बात करने लगी थी और हम लोग ऐसे ही काफी देर तक बात किया करते थे। प्रोग्राम में भी हम लोग अच्छे से हिस्सा लेने लगे। हम लोगों का प्रोग्राम बहुत ही अच्छा चल रहा था। मैंने एक दिन लक्ष्मण से कहा कि तुम अपना नंबर मुझे दे दो। वह कहने लगा की मैं तुम्हें अपना नंबर नहीं दे सकता। मैंने उसे कहा कि मुझे भी कोई शौक नहीं है कि मैं तुम्हारा नंबर लूं लेकिन वह टीचर ने कहा है कि सब बच्चे आपस में कोआर्डिनेट करेंगे।              “School Program Me Sex”

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इसलिए मुझे तुम्हारा फोन नंबर लेना पड़ रहा है। जैसे ही मैंने लक्ष्मण का नंबर लिया तो उसने मुझे तुरंत ही एक मैसेज भेज दिया और वह मैसेज बहुत ही हंसी वाला था। मुझे बहुत ज्यादा हंसी आ गई जब मैंने वहां मैसेज पढ़ा। वह कभी कबार ऐसे ही मैसेज भेज दिया करता था। उसके बाद हम दोनों के बीच में फोन पर ही बातें होने लगी और हम स्कूल में भी बहुत बातें किया करते थे। मैंने जब उससे पूछा कि तुम इतनी शरारत क्यों करते हो और सब को क्यों इतना परेशान करते हो। तो वह कहने लगा कि मुझे इन सब चीजों में बहुत मजा आता है लेकिन वह दिल का बिल्कुल भी बुरा नहीं था। वह बहुत ही अच्छा इंसान था।

हम लोग अब अपने प्रोग्राम की तैयारी में लगे हुए थे और उस दिन मैडम की थोड़ा तबीयत सही नहीं थी तो वह जल्दी ही चली गई और सब बच्चे भी चले गए। लक्ष्मण ने मुझे कहा कि मैं बाद में जाऊंगा तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं भी तुम्हारे साथ ही रुक जाती हूं। अब हम दोनों वहीं पर बैठे रहे और सब लोग जा चुके थे। लक्ष्मण ने मुझे कहा कि क्या तुमने कभी ब्लू फिल्म देखी है। मैंने उसे कहा हां एक दो बार देखी है अब हम दोनों ब्लू मूवी देखने लगे। हम दोनों को सेक्स चढ़ चुका था और लक्ष्मण ने मुझे तुरंत ही अपनी बाहों में ले लिया। जैसे ही उसने मुझे अपनी बाहों में लिया तो वह मुझे किस करने लगा और मेरे स्तनों को बड़ी तेजी से दबाता तो मेरी चूत गीली हो गई थी।                 “School Program Me Sex”

उसने अपने लंड को निकालते हुए मेरी चूत में डाल दिया जैसे ही उसने अपने लंड को डाला तो मेरी चूत से पिचकारी निकलने लगी और मेरी बिल्डिंग शुरू हो गई। वह अब भी मेरे दोनों पैरों को पकड़कर मुझे चोदने पर लगा हुआ था। वह बड़ी ही तेज तेज मेरी चूतड़ों पर प्रहार करता जिससे कि मेरे अंदर की उत्तेजना और बढ जाती। लक्ष्मण का भी यह पहला अनुभव था वह मुझे कहने लगा तुम्हारी चूत तो बहुत ज्यादा टाइट है और मुझे उसमे अंदर डालने में भी दर्द हो रहा है। वह ऐसे ही अंदर-बाहर करता जाता जिससे कि उसका लंड छिल चुका था लेकिन वह अभी भी मुझे ऐसे ही चोदने पर लगा हुआ था। थोड़ी देर बाद उसका वीर्य मेरी योनि में जा गिरा और वह बड़ी तेजी से मेरी योनि के अंदर गया। जब उसने अपने लंड को बाहर निकाला तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मेरी सील लक्ष्मण ने तोड़ दी थी उसके बाद हम दोनों वहां से घर के लिए चले गए।                         “School Program Me Sex”

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